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नीट पीजी 2026: सीट मिल गई तो अब क्या करें? फ्रीज और फ्लोट में से कौन सा विकल्प चुनें; जानें पूरी प्रक्रिया
Sun, 25 Oct 2026 05:07 PM IST
शिवम तिवारी
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम तिवारी
Updated Sun, 25 Oct 2026 05:07 PM IST
सार
नीट पीजी 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड का फाइनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी हो चुका है। अब उम्मीदवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि मिली हुई सीट पर दाखिला लें या अगले राउंड में बेहतर कॉलेज की उम्मीद करें। जानिए फ्रीज और फ्लोट विकल्प में क्या अंतर है, कॉलेज में कब रिपोर्ट करना होगा, कौन से दस्तावेज तैयार रखने हैं और आगे की काउंसलिंग का पूरा कार्यक्रम क्या है।
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NEET PG Counselling 2026
- फोटो : AI Generated
विस्तार
नीट पीजी 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड का फाइनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों के लिए अगला कदम तय करना जरूरी है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने 24 अक्टूबर को अपनी आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर फाइनल रिजल्ट जारी किया। सीट पाने वाले उम्मीदवारों को 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 के बीच संबंधित कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि, केवल रिजल्ट में नाम आने से दाखिला पूरा नहीं माना जाएगा। उम्मीदवारों को अलॉटमेंट लेटर, दस्तावेजों की जांच और कॉलेज की ओर से बताई गई दूसरी औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।
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फ्रीज या फ्लोट, किसे चुनना बेहतर होगा?
सीट मिलने के बाद उम्मीदवारों के सामने सबसे अहम फैसला फ्रीज और फ्लोट विकल्प का है। अगर उम्मीदवार को मिला कॉलेज और कोर्स पसंद है और वह अगले राउंड में सीट अपग्रेड नहीं कराना चाहता, तो वह फ्रीज विकल्प चुन सकता है। इस स्थिति में उसे संबंधित संस्थान में जाकर दाखिले की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, फ्लोट विकल्प उन उम्मीदवारों के लिए है जो मिली हुई सीट के साथ अगले राउंड में बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद भी रखना चाहते हैं। स्रोत में दी गई जानकारी के मुताबिक, फ्लोट चुनने वालों को अपग्रेडेशन की सहमति देकर जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन सत्यापन के लिए अपलोड करने होंगे। विकल्प चुनने से पहले एमसीसी के आधिकारिक निर्देश जरूर पढ़ें।
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कॉलेज में रिपोर्टिंग से पहले कौन से दस्तावेज रखें?
दाखिले के समय दस्तावेजों की कमी परेशानी पैदा कर सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को कॉलेज की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी जरूरी कागजात पहले से तैयार रखने चाहिए। इनमें नीट पीजी 2026 का प्रवेश पत्र और स्कोरकार्ड, एमबीबीएस की डिग्री या प्रोविजनल सर्टिफिकेट, अंकपत्र, इंटर्नशिप पूरी होने का प्रमाणपत्र, मेडिकल रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और सीट अलॉटमेंट लेटर शामिल हो सकते हैं। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को लागू होने पर श्रेणी प्रमाणपत्र और दिव्यांग उम्मीदवारों को संबंधित प्रमाणपत्र भी देना पड़ सकता है। दस्तावेजों की अंतिम सूची कॉलेज और उम्मीदवार की श्रेणी के हिसाब से अलग हो सकती है, इसलिए रिपोर्टिंग से पहले इसकी पुष्टि करना जरूरी है।
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