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Ahmedabad Crash: कैप्टन सभरवाल ने आखिरी वक्त तक थामे रखे था विमान का कंट्रोल, पीड़ित के रिश्तेदार का बड़ा दावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 20 May 2026 09:49 AM IST
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सार
अहमदाबाद में पिछले साल हुए विमान हादसे के एक पीड़ित के रिश्तेदार ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि उन्होंने पायलट का शव विमान के कंट्रोल को पकड़े हुए और बैठने की स्थिति में देखा था।
अहमदाबाद विमान हादसा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
अहमदाबाद में पिछले साल जून में हुए एयर इंडिया (AI-171) विमान हादसे को लेकर एक नया और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। इस हादसे में अपने तीन परिजनों को खोने वाले रोमिन वोहरा ने बताया कि उन्होंने मुर्दाघर में कैप्टन सुमीत सभरवाल का शव देखा था। उनके मुताबिक, कैप्टन का शव बैठने की स्थिति में था और उनके हाथ अब भी विमान के कंट्रोल (स्टीयरिंग) को मजबूती से पकड़े हुए थे।
खेड़ा जिले के रहने वाले रोमिन वोहरा पेशे से लैब टेक्नीशियन हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्हें 13 जून को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में जाने की अनुमति मिली थी। वहां उन्होंने देखा कि कैप्टन सभरवाल का शव एक मेज पर अलग रखा था। रोमिन के अनुसार, शव काफी सख्त हो गया था और ऐसा लग रहा था जैसे वह अपनी सीट पर बैठे हों। उनके पैर मुड़े हुए थे और हाथ आगे की तरफ फैले थे, जैसे वे स्टीयरिंग थामे हुए हों।
रोमिन ने यह भी बताया कि कैप्टन ने अपनी वर्दी पहनी हुई थी, जिससे उनकी पहचान करना आसान हो गया। उन्होंने कहा कि कैप्टन का शरीर पीछे की तरफ से ज्यादा जला था, जबकि सामने का हिस्सा और चेहरा कम झुलसा था। बाद में उन्होंने तस्वीरों से भी कैप्टन की पहचान की पुष्टि की। रोमिन ने इस हादसे में अपने भाई, भतीजी और चाची को खो दिया था।
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यह हादसा 12 जून को हुआ था जब लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद मेघानीनगर के एक हॉस्टल परिसर में गिर गई थी। इस भीषण दुर्घटना में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में सिर्फ एक यात्री ही बच पाया था। विमान को कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंडर उड़ा रहे थे।
इस दावे के बाद अमेरिका की एक कानूनी फर्म 'चियोनुमा लॉ' ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह फर्म 100 से ज्यादा पीड़ित परिवारों का पक्ष रख रही है। फर्म के अधिकारियों का कहना है कि अगर पायलट आखिरी समय तक कंट्रोल थामे हुए था, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति पर दोष मढ़ने के बजाय स्वतंत्र विशेषज्ञों से इसकी जांच करानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया था कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद इंजन के फ्यूल स्विच बंद हो गए थे। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि इस हादसे के लिए मुख्य पायलट को कोई दोषी नहीं मान रहा है। कोर्ट ने पायलट के पिता से कहा था कि वे अपने मन पर कोई बोझ न रखें।
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खेड़ा जिले के रहने वाले रोमिन वोहरा पेशे से लैब टेक्नीशियन हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्हें 13 जून को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में जाने की अनुमति मिली थी। वहां उन्होंने देखा कि कैप्टन सभरवाल का शव एक मेज पर अलग रखा था। रोमिन के अनुसार, शव काफी सख्त हो गया था और ऐसा लग रहा था जैसे वह अपनी सीट पर बैठे हों। उनके पैर मुड़े हुए थे और हाथ आगे की तरफ फैले थे, जैसे वे स्टीयरिंग थामे हुए हों।
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रोमिन ने यह भी बताया कि कैप्टन ने अपनी वर्दी पहनी हुई थी, जिससे उनकी पहचान करना आसान हो गया। उन्होंने कहा कि कैप्टन का शरीर पीछे की तरफ से ज्यादा जला था, जबकि सामने का हिस्सा और चेहरा कम झुलसा था। बाद में उन्होंने तस्वीरों से भी कैप्टन की पहचान की पुष्टि की। रोमिन ने इस हादसे में अपने भाई, भतीजी और चाची को खो दिया था।
यह हादसा 12 जून को हुआ था जब लंदन जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद मेघानीनगर के एक हॉस्टल परिसर में गिर गई थी। इस भीषण दुर्घटना में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में सिर्फ एक यात्री ही बच पाया था। विमान को कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंडर उड़ा रहे थे।
इस दावे के बाद अमेरिका की एक कानूनी फर्म 'चियोनुमा लॉ' ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह फर्म 100 से ज्यादा पीड़ित परिवारों का पक्ष रख रही है। फर्म के अधिकारियों का कहना है कि अगर पायलट आखिरी समय तक कंट्रोल थामे हुए था, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति पर दोष मढ़ने के बजाय स्वतंत्र विशेषज्ञों से इसकी जांच करानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया था कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद इंजन के फ्यूल स्विच बंद हो गए थे। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि इस हादसे के लिए मुख्य पायलट को कोई दोषी नहीं मान रहा है। कोर्ट ने पायलट के पिता से कहा था कि वे अपने मन पर कोई बोझ न रखें।