सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Aravalli range Bhupender Yadav statement Congress attack BJP Jairam Ramesh Green Wall Project eco restoration

Congress Attack BJP: अरावली को लेकर फिर सियासी संग्राम, कांग्रेस बोली- बर्बाद करने वाले बचाने का कर रहे दिखावा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Thu, 15 Jan 2026 06:20 PM IST
विज्ञापन
सार

अरावली क्षेत्र को लेकर सरकार और विपक्ष एक बार फिर आमने-सामने है। कांग्रेस ने अरावली की परिभाषा बदलने की कोशिशों को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार इको-रेस्टोरेशन और ग्रीन वॉल परियोजना के जरिए पर्यावरण संरक्षण के दावे कर रही है।

Aravalli range Bhupender Yadav statement Congress attack BJP Jairam Ramesh Green Wall Project eco restoration
जयराम रमेश, नेता, कांग्रेस - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के हालिया बयान के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला करार दिया है। कांग्रेस ने कहा जो लोग अरावली को बर्बाद करने निकले थे, वे अब दिखावा कर रहे हैं और खुद को बचाने वाला बता रहे हैं।

Trending Videos


क्या बोले कांग्रेस नेता?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार ने अरावली की परिभाषा बदलने की पूरी कोशिश की थी। इससे वहां का पर्यावरण और भी ज्यादा तबाह हो जाता। उन्होंनेसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा "खुशकिस्मती से सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया और इन कोशिशों को रोक दिया।"
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: खतरे में अरावली: अवैध कब्जे, खनन और शहरीकरण से कमजोर पड़ता उत्तर भारत का जीवन कवच; कितना भयावह होगा प्रभाव?

रमेश ने दावा किया कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री यादव ने पहले परिभाषा बदलने का समर्थन किया था और इसे लागू करने के लिए कदम उठाए थे। हालांकि अब हारने के बाद वे जीत का एलान कर रहे हैं। रमेश ने कहा, "जो लोग बर्बाद करने निकले थे, वे अब दिखावा कर रहे हैं और खुद को बचाने वाला बता रहे हैं।"

मंत्री भूपेंद्र यादव का दावा
यह विवाद मंत्री यादव के बुधवार को दिए गए बयान के बाद बाद आई है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि सरकार अरावली को बचाने और संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में अरावली क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर जमीन को बहाल किया गया है। सरकार ने 'अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट' शुरू किया है। इसका लक्ष्य 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर खराब जमीन को ठीक करना है।

इस पहल के तहत अरावली क्षेत्र में 6.45 मिलियन हेक्टेयर खराब जमीन की पहचान की गई है। इसके लिए गुजरात, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में 2.7 मिलियन हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर हरियाली का काम शुरू किया गया है। मंत्री ने कहा, "अरावली के 29 जिलों के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर इस प्रोजेक्ट को लागू कर रहे हैं, जिसमें सूखे और अर्ध-शुष्क हालात के लिए सही देसी प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं।"

ये भी पढ़ें: Gurugram News: अरावली बचाओ सिटिजन मूवमेंट ने राजस्थान में चलाई मुहिम

क्या है विवाद?
यह मामला पिछले साल तब शुरू हुआ था जब पर्यावरण मंत्रालय ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा में बदलाव की सिफारिश की थी। आलोचकों का कहना था कि इससे अरावली को नुकसान होता। सुप्रीम कोर्ट ने पहले इन सिफारिशों को माना था, लेकिन बाद में  29 दिसंबर, 2025 को इस आदेश पर रोक लगा दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed