'इंडिया गठबंधन में फूट डालने की कोशिश': केरलम के पूर्व सीएम के खिलाफ कार्रवाई पर भड़के विधायक, भाजपा को घेरा
केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रवर्तन निदेशालय की मांग पर अब राजनीति तेज हो गई है। यूडीएफ समर्थित निर्दलीय विधायक ने कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है।
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ईडी ने कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में केरलम के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा, दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए राज्य के डीजीपी से अनुरोध किया है। इस पर यूडीएफ समर्थित निर्दलीय विधायक टी. के. गोविंदन ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य इंडिया गठबंधन में दरार पैदा करना है। पूर्व सीपीआई(एम) नेता गोविंदन ने दावा किया कि ईडी की यह कार्रवाई भाजपा की 'दुर्भावनापूर्ण मंशा' को दर्शाती है।
ईडी की कार्रवाई पर दोहरा रवैया उचित नहीं
गोविंदन ने यूडीएफ के कुछ नेताओं के रुख का स्पष्ट तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का स्वागत करना, जबकि इसी एजेंसी द्वारा अन्य नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ईडी की हालिया गतिविधियां "पूरी तरह राजनीतिक रूप से प्रेरित" हैं, क्योंकि यह केंद्र सरकार के नियंत्रण में काम करती है और उसके "एक औजार' की तरह इस्तेमाल की जा रही है। उन्होंने कहा, 'अगर विजयन की बेटी वीणा टी. ने गलत तरीके से पैसा कमाया है तो उसकी जांच होने दीजिए। लेकिन जांच करने का भी एक तरीका होता है।" गोविंदन के मुताबिक, अगर जांच का मकसद किसी भी तरह विजयन को निशाना बनाना है तो इससे जांच एजेंसी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
राज्य पुलिस से एफआईआर दर्ज कराने पर उठाए सवाल
केरल के पुलिस महानिदेशक रवींद्र ए. चंद्रशेखर को ईडी की ओर से भेजे गए पत्र और उसमें विजयन, उनकी बेटी वीणा, उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियास तथा कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग पर गोविंदन ने इसे एजेंसी की "रणनीति" करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ईडी खुद मामला दर्ज कर सकती है तो उसने राज्य सरकार से एफआईआर दर्ज करने के लिए क्यों कहा। गोविंदन ने दावा किया कि इस कदम का उद्देश्य इंडिया गठबंधन के दो घटक दलों के बीच मतभेद पैदा करना है और यह भाजपा की "गलत मंशा" को दिखाता है।
सीएमआरएल मामले में ईडी ने जुटाए सबूतों का दिया हवाला
ईडी ने डीजीपी को भेजे अपने पत्र में कहा है कि उसने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच और तलाशी के दौरान मिले "सबूतों" के आधार पर विजयन, वीणा, रियास और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़ा है। केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि सीएमआरएल ने वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 'आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं' के नाम पर कथित तौर पर 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया। ईडी के अनुसार, इन भुगतानों को लेकर जांच में अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
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वीणा से पूछताछ, जून में जुड़े परिसरों पर हुई थी तलाशी
संघीय जांच एजेंसी ने जून में वीणा से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। उस समय वीणा तिरुवनंतपुरम में विजयन के साथ किराये के मकान में रह रही थीं। तलाशी के बाद ईडी ने उनसे पूछताछ भी की थी। अब सीएमआरएल से जुड़े कथित रिश्वत मामले में ईडी की ओर से राज्य पुलिस से एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। गोविंदन ने इसे केंद्र की भाजपा सरकार की राजनीतिक रणनीति बताते हुए आरोप लगाया है कि जांच एजेंसी की कार्रवाई का एक उद्देश्य इंडिया गठबंधन के भीतर मतभेद पैदा करना भी है।