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बैंकिंग में डिजिटल फ्रॉड रोकने की तैयारी: जल्द लागू होगा नया तंत्र, धोखाधड़ी की होगी पहचान; कैसे करेगा काम?
Thu, 27 Aug 2026 05:28 AM IST
निर्मल कांत
अजीत खरे, नई दिल्ली।
अजीत खरे, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 27 Aug 2026 05:28 AM IST
सार
बैंकों में डिजिटल ठगी रोकने के लिए जल्द एआई आधारित सिस्टम लागू होगा। इससे फ्रॉड को समय रहते पकड़ने और ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी। आरबीआई भी एआई से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रख रहा है। पढ़िए रिपोर्ट
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ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित बनाने और डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए बैंकों में एआई मॉडल जल्द लागू होगा। धोखाधड़ी को समय रहते पहचानने के लिए डिजिटल पेमेंट्स इंटलीजेंस प्लेटफार्म सिस्टम बड़े पैमाने पर लागू होगा।
सरकार सामाजिक कल्याण योजनाओं से लेकर एमएसएमई ऋण बाजार तक डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम की कोशिश कर रही है। इससे वित्तीय क्षेत्र में एआई और मशीन लर्निंग के जरिये जवाबदेही, पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। आरबीआई एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े सभी सुरक्षा मॉडलों को इसमें शामिल करने की तैयारी में है। थर्ड पार्टी एआई से उत्पन्न जोखिम को भी ध्यान में रखा जाएगा। ग्राहकों के सीधे संपर्क में आने वाली एआई प्रणालियों के लिए अतिरिक्त साइबर सुरक्षा उपाय लागू होंगे।
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सरकार सामाजिक कल्याण योजनाओं से लेकर एमएसएमई ऋण बाजार तक डिजिटल धोखाधड़ी की रोकथाम की कोशिश कर रही है। इससे वित्तीय क्षेत्र में एआई और मशीन लर्निंग के जरिये जवाबदेही, पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। आरबीआई एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े सभी सुरक्षा मॉडलों को इसमें शामिल करने की तैयारी में है। थर्ड पार्टी एआई से उत्पन्न जोखिम को भी ध्यान में रखा जाएगा। ग्राहकों के सीधे संपर्क में आने वाली एआई प्रणालियों के लिए अतिरिक्त साइबर सुरक्षा उपाय लागू होंगे।
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