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क्या कर्नाटक में होगा मंत्रिमंडल विस्तार?: प्रदेश अध्यक्ष हरिप्रसाद ने कर दिया साफ, बोले- यह CM का विशेषाधिकार
Sun, 19 Jul 2026 06:48 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 19 Jul 2026 06:48 PM IST
सार
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने बताया कि राज्य में संगठन को मजबूत करने के लिए व्यापक पुनर्गठन अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत पर्यवेक्षक जिलों और ब्लॉकों का दौरा कर संगठन की स्थिति का आकलन करेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर पार्टी नेतृत्व जिला स्तर पर बदलाव का निर्णय लेगा। हरिप्रसाद ने मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चाओं को निराधार बताया।
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कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने रविवार को कहा कि भारत जोड़ो पहल के तहत राज्य में कांग्रेस का संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान सोमवार से शुरू होगा। हरिप्रसाद ने कर्नाटक मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का गठन करना पूरी तरह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि वह केवल अपने विचार पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने के लिए नई दिल्ली जाएंगे।
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उन्होंने कहा, "अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल 24 जुलाई को इस अभियान का उद्घाटन करने के लिए आएंगे। कांग्रेस ने पूरे देश में संगठनात्मक पुनर्गठन अभियान शुरू किया है। दक्षिण भारत में केवल कर्नाटक ही ऐसा राज्य बचा है, जहां यह अभियान अभी शुरू होना बाकी है।"
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कर्नाटक में क्यों शुरू हो रहा संगठनात्मक अभियान?
हरिप्रसाद ने कहा कि इस अभियान में करीब 170 पर्यवेक्षक शामिल होंगे। इनमें 40 एआईसीसी और लगभग 120 कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के होंगे। ये सभी हर जिले में कम से कम सात दिन बिताएंगे, सभी ब्लॉकों का दौरा करेंगे और यह सिफारिश करेंगे कि मौजूदा जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) अध्यक्षों को पद पर बनाए रखा जाए या बदला जाए।
उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। उन्होंने इसे बेलगावी में कांग्रेस कार्य समिति द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद पहला व्यापक संगठनात्मक अभियान बताया। केपीसीसी के पदाधिकारियों में बदलाव के सवाल पर हरिप्रसाद ने कहा कि पिछले अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद नई समिति का गठन किया जाएगा। तब तक मौजूदा उपाध्यक्ष और महासचिव अपने पदों पर बने रहेंगे।
मंत्री बनाए जाने की अटकलों पर क्या बोले बीके हरिप्रसाद?
मंत्री बनाए जाने की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, "यह पिछले तीन वर्षों से चल रही साजिश है। यह सफल नहीं होगी। यह मुझे राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश है। मैंने 50 वर्षों तक किसी पद या सत्ता के लिए नहीं, बल्कि पार्टी को सत्ता में लाने के लिए काम किया है।"
चुनावी रणनीति पर हरिप्रसाद ने कहा कि वर्ष 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए केवल "सेमीफाइनल" है। उन्होंने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण वर्ष 2029 का लोकसभा चुनाव है। हमारा लक्ष्य राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है।"
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बिदादी टाउनशिप परियोजना पर विपक्ष का पदयात्रा पर क्या बोले?
बिदादी टाउनशिप परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) की ओर से घोषित पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए हरिप्रसाद ने जेडीएस पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह पार्टी अपने ही मुद्दों से जूझ रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा के अभियान का उचित जवाब देगी।