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Hindi News ›   India News ›   Centre keeps a close watch on Eastern border: Amit Shah visits North Bengal for second time in a month; agenda

पूर्वी सीमा पर केंद्र की पैनी नजर: एक महीने में दूसरी बार उत्तर बंगाल पहुंचे अमित शाह, क्या है सुरक्षा एजेंडा?

Fri, 21 Aug 2026 05:04 AM IST
N Arjun एन अर्जुन
Updated Fri, 21 Aug 2026 05:04 AM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन के दौरे पर उत्तर बंगाल पहुंचे हैं। सिलीगुड़ी गलियारे और नेपाल, भूटान व बांग्लादेश से लगी सीमाओं की सुरक्षा समीक्षा इस दौरे के केंद्र में है। घुसपैठ के साथ तस्करी, हथियार, मादक पदार्थ और सीमा पार अपराध रोकने के लिए तकनीकी निगरानी और एजेंसियों के समन्वय पर जोर है।

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Centre keeps a close watch on Eastern border: Amit Shah visits North Bengal for second time in a month; agenda
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अरुणाचल प्रदेश के ताक्सिंग से लेकर सिलीगुड़ी तक पूर्वी भारत की सुरक्षा परिदृश्य में कई परतें हैं। इसी संवेदनशील भूगोल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को करीब एक महीने में दूसरी बार उत्तर बंगाल पहुंचे। तीन दिन के इस दौरे में सीमा सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठकें, सीमावर्ती इलाकों की समीक्षा और सशस्त्र सीमा बल के जवानों से संवाद होना है। नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से लगी सीमाओं के साथ-साथ सिलीगुड़ी गलियारा केंद्र के सुरक्षा एजेंडे के केंद्र में है। 
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बागडोगरा पहुंचने के बाद अमित शाह सुकना के लिए रवाना हुए। 21 अगस्त को सशस्त्र सीमा बल के सीमांत मुख्यालय में सीमा सुरक्षा परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम होंगे। 22 अगस्त को विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा प्रस्तावित है।
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सिलीगुड़ी क्यों इतना महत्वपूर्ण?
सिलीगुड़ी गलियारा देश के बाकी हिस्से को पूर्वोत्तर से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण स्थलीय कड़ी है। इसके आसपास नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाएं हैं। यही वजह है कि यहां सुरक्षा में किसी बड़ी चूक का असर केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूर्वोत्तर की सैन्य, नागरिक और आर्थिक संपर्क व्यवस्था तक पहुंच सकता है।
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केवल घुसपैठ नहीं, कई मोर्चों पर निगरानी
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, पूर्वी सीमा पर केंद्र का फोकस अब बहुस्तरीय सुरक्षा पर है। इसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ के साथ तस्करी, हथियार और मादक पदार्थों की आवाजाही, मानव तस्करी, सीमा पार अपराध तथा संवेदनशील इलाकों में किसी भी असामान्य गतिविधि का शुरुआती स्तर पर पता लगाना है।


आंकड़ों में पूर्वी सुरक्षा की तस्वीर
  • तीन सीमाएं-नेपाल, भूटान और बांग्लादेश
  • आठ राज्य- पूर्वोत्तर की मुख्य भूमि से संपर्क सिलीगुड़ी गलियारे पर निर्भर
  • भारत-बांग्लादेश सीमा पर 1,647.696 किमी बाड़ लग चुकी

रणनीति में सीमा बाड़ के साथ सड़क और सीमा चौकियां, तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं का साझा इस्तेमाल और केंद्र-राज्य एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय शामिल है। गृह मंत्रालय की सीमा प्रबंधन नीति में भी बाड़, सड़क, सीमा चौकियों और तकनीकी प्रणालियों को एकीकृत सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बनाया गया है।
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