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वीबी-जी राम जी अधिनियम: केंद्र ने शिकायतों के निपटारे के लिए नए नियम अधिसूचित किए, नई व्यवस्था में क्या?
Mon, 02 Nov 2026 04:19 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Mon, 02 Nov 2026 04:19 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने 'वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के तहत ग्रामीण रोजगार योजना की शिकायतों के निपटारे के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं। इसके तहत 15 दिन में समाधान और तीन स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
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वीबी-जी राम जी योजना
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत ग्रामीण रोजगार योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं। इस नियम के तहत ग्रामीण रोजगार योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतों का समाधान 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। तय समयसीमा में शिकायत का निपटारा नहीं होने पर उसे उच्च स्तर के अधिकारी के पास भेजा जाएगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) शिकायत निवारण नियम, 2026 के तहत राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर तीन स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करनी होगी। इन तीनों स्तरों पर शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। ये अधिकारी शिकायतें प्राप्त करने, उनका पंजीकरण करने, जांच करने और उनका निपटारा करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
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कैसे दर्ज होगी शिकायत?
मंत्रालय के मुताबिक, लोग अपनी शिकायतें व्यक्तिगत रूप से, स्पीड पोस्ट, निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म, टेलीफोन हेल्पलाइन या राज्य सरकार की ओर से तय किसी अन्य माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। नियमों में स्पष्ट किया गया है कि शिकायत के प्रारूप, भाषा, उसे जमा करने के तरीके या किसी प्रक्रियागत कमी के आधार पर उसका पंजीकरण करने से इनकार नहीं किया जा सकेगा।
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ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला स्तर पर व्यक्तिगत रूप से प्राप्त सभी शिकायतों को उसी दिन निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा। यदि ऐसा करना संभव नहीं है तो अगले कार्यदिवस तक उनका पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। शिकायतकर्ता को पंजीकरण संख्या, शिकायत मिलने की तारीख और उसे प्राप्त करने वाले अधिकारी के पदनाम के साथ पावती दी जाएगी।
कितने दिन में मिलेगा समाधान?
नए नियमों के मुताबिक, शिकायत मिलने के सात कार्यदिवस के भीतर उसकी जांच पूरी करनी होगी। वहीं, शिकायत का अंतिम निपटारा 15 दिनों के अंदर करना अनिवार्य होगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित शिकायत निवारण अधिकारी मामले से जुड़े रिकॉर्ड, दस्तावेज, रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक डेटा संबंधित अधिकारियों से मांग सकेंगे। शिकायतकर्ता को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। यह सुनवाई व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हो सकती है। यदि 15 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है तो राज्य सरकार की ओर से बनाई गई व्यवस्था के तहत उसे अगले उच्च स्तर पर भेज दिया जाएगा। ऐसे मामलों की शिकायत के अंतिम निपटारे तक डिजिटल माध्यम से निगरानी जारी रहेगी।
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जिला स्तर पर कैसे होगी कार्यक्रम की निगरानी?
नियमों के तहत जिला कार्यक्रम समन्वयक जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। उनकी जिम्मेदारी होगी कि शिकायतों का निपटारा निर्धारित व्यवस्था और डिजिटल ढांचे के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत जारी आदेशों के खिलाफ अपील करने का प्रावधान भी किया गया है। यह अपील वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की अनुसूची-एक के प्रावधानों के अनुसार की जा सकेगी।
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कैसे दर्ज होगी शिकायत?
मंत्रालय के मुताबिक, लोग अपनी शिकायतें व्यक्तिगत रूप से, स्पीड पोस्ट, निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म, टेलीफोन हेल्पलाइन या राज्य सरकार की ओर से तय किसी अन्य माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। नियमों में स्पष्ट किया गया है कि शिकायत के प्रारूप, भाषा, उसे जमा करने के तरीके या किसी प्रक्रियागत कमी के आधार पर उसका पंजीकरण करने से इनकार नहीं किया जा सकेगा।
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ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला स्तर पर व्यक्तिगत रूप से प्राप्त सभी शिकायतों को उसी दिन निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा। यदि ऐसा करना संभव नहीं है तो अगले कार्यदिवस तक उनका पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। शिकायतकर्ता को पंजीकरण संख्या, शिकायत मिलने की तारीख और उसे प्राप्त करने वाले अधिकारी के पदनाम के साथ पावती दी जाएगी।
कितने दिन में मिलेगा समाधान?
नए नियमों के मुताबिक, शिकायत मिलने के सात कार्यदिवस के भीतर उसकी जांच पूरी करनी होगी। वहीं, शिकायत का अंतिम निपटारा 15 दिनों के अंदर करना अनिवार्य होगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित शिकायत निवारण अधिकारी मामले से जुड़े रिकॉर्ड, दस्तावेज, रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक डेटा संबंधित अधिकारियों से मांग सकेंगे। शिकायतकर्ता को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। यह सुनवाई व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हो सकती है। यदि 15 दिनों के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है तो राज्य सरकार की ओर से बनाई गई व्यवस्था के तहत उसे अगले उच्च स्तर पर भेज दिया जाएगा। ऐसे मामलों की शिकायत के अंतिम निपटारे तक डिजिटल माध्यम से निगरानी जारी रहेगी।
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जिला स्तर पर कैसे होगी कार्यक्रम की निगरानी?
नियमों के तहत जिला कार्यक्रम समन्वयक जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था की निगरानी करेंगे। उनकी जिम्मेदारी होगी कि शिकायतों का निपटारा निर्धारित व्यवस्था और डिजिटल ढांचे के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत जारी आदेशों के खिलाफ अपील करने का प्रावधान भी किया गया है। यह अपील वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 की अनुसूची-एक के प्रावधानों के अनुसार की जा सकेगी।