Tamil Nadu: सीएम स्टालिन ने मोहम्मद जुबैर को सांप्रदायिक सद्भाव पुरस्कार से किया सम्मानित, भाजपा ने बोला हमला
जुबैर ने तमिलनाडु सरकार की ओर से पुरस्कार दिए जाने पर खुशी जताई। वहीं, भाजपा ने जुबैर को पुरस्कार देने का विरोध किया और राज्य सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर को सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। सीएम स्टालिन ने भड़काऊ और नफरती सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये होने वाली हिंसा को रोकने में जुबैर के योगदान का सराहा। गौरतलब है कि जुबैर ने तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिकों पर कथित हमले के संबंध सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों की जांच की थी। उनकी जांच में दावे फर्जी पाए गए थे। जुबैर ने तमिलनाडु सरकार की ओर से पुरस्कार दिए जाने पर खुशी जताई। वहीं, भाजपा ने जुबैर को पुरस्कार देने का विरोध किया और राज्य सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
जुबैर ने चेन्नई में आयोजित 75वें गणतंत्र दिवस समारोह में सीएम स्टालिन के हाथों पुरस्कार स्वीकार किया। सरकार का कहना है कि मार्च 2023 में सोशल मीडिया में दावा किया गया था कि तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिकों पर हमले हो रहे हैं। ऐसे दावे करने वाले वीडियो क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के बाद जुबैर और उनके संस्थान ने स्पष्ट किया था कि सभी दावे झूठे थे और ऐसे हमले तमिलनाडु में नहीं हुए। सरकार ने कहा है कि इस तरह जुबैर ने तमिलनाडु विरोधी अफवाहों को फैलने से रोका और राज्य में जाति, धर्म, नस्ल और भाषा के कारण होने वाली हिंसा को रोकने का काम किया। सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में उनकी सेवाओं और कार्यों की सराहना में मोहम्मद जुबैर को वर्ष 2024 के लिए कोट्टई अमीर सांप्रदायिक सद्भाव पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
तमिलनाडु सरकार ने सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2000 में कोट्टई अमीर सांप्रदायिक सद्भाव पुरस्कार की शुरुआत की थी। सद्भाव को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले राज्य के व्यक्तियों को यह पुरस्कार दिया जाता है। इसके तहत एक पदक, 25,000 रुपये का नकद राशि और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। राज्य सरकार के मुताबिक, जुबैर तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के निवासी हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने जुबैर को पुरस्कार दिए जाने के सत्तारूढ़ द्रमुक के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि गणतंत्र दिवस पर एक पक्षपाती और जोड़तोड़ करने वाले को सामाजिक सद्भाव पुरस्कार देना पूर्व में इस पुरस्कार के सम्मानित सभी व्यक्तियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि द्रमुक ने फैक्ट-चेकर के भेष में आधे-अधूरे सच बेचने वालों के प्रति नई पसंद विकसित की है। कर का पैसा बर्बाद करने पर द्रमुक सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता है।