Congress: 'सफर लंबा, लेकिन संकल्प वही', नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी के दो साल पूरे, जारी किया संदेश
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर दो साल पूरे होने पर राहुल गांधी ने कहा कि उनका उद्देश्य हर भारतीय की आवाज को सत्ता तक पहुंचाना है। राहुल जून 2024 में नेता प्रतिपक्ष बने थे, जब कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में 99 सीटें जीतकर यह पद हासिल किया।
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के तौर पर दो साल पूरे होने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लोगों से कहा कि उनका मकसद हर भारतीय की आवाज को सत्ता तक पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नीट अभ्यर्थियों, संविधान की रक्षा और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 26, 2026
इन दो वर्षों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से… pic.twitter.com/mNUWSu3fUG
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी ने पिछले दो साल के अपने सफर को याद करते हुए लिखा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर बिताया गया हर दिन आम लोगों की आवाज संसद और सरकार तक पहुंचाने के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, 'आज मुझे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने दो साल हो गए हैं। इन दो वर्षों का हर दिन एक ही काम के लिए समर्पित रहा है और वह काम रहा है हर भारतीय की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाना।
'दो वर्षों के दौरान चुनावी धांधली को सामने लाया'
राहुल गांधी ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इन दो वर्षों के दौरान उन्होंने कई अहम मुद्दों को मजबूती से उठाया। चाहे नीट परीक्षा से जुड़े छात्रों की लड़ाई हो, चुनावी धांधली के आरोपों को सामने लाना हो या संविधान की रक्षा का सवाल, वह हर मोर्चे पर लोगों के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा, 'मैं पहले भी आपके साथ खड़ा था, आज भी आपके साथ हूं और आगे भी हर लड़ाई में आपके साथ खड़ा रहूंगा।' सड़कों से लेकर संसद तक जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। सफर लंबा है, लेकिन मेरा संकल्प वही है। मैं आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूंगा।
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10 साल बाद देश को लोकसभा में मिला था नेता प्रतिपक्ष
राहुल गांधी ने जून 2024 में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभाला था। यह पद करीब दस साल तक खाली रहा था, क्योंकि 16वीं और 17वीं लोकसभा में किसी भी विपक्षी दल के पास आवश्यक संख्या नहीं थी। संसदीय नियमों के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए किसी पार्टी के पास लोकसभा की कुल 543 सीटों में से कम से कम 55 सीटें होना जरूरी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतकर यह आंकड़ा पार किया और राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बने। साल 2004 में सक्रिय राजनीति में आने के बाद यह राहुल गांधी का पहला औपचारिक संवैधानिक पद है। इसके साथ ही गांधी परिवार में वह तीसरे नेता हैं जिन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले सोनिया गांधी और राजीव गांधी भी यह पद संभाल चुके हैं।