{"_id":"6a8425809f71703551087156","slug":"congress-president-mallikarjun-kharge-vande-mataram-controversy-mahatma-gandhi-jawahar-lal-nehru-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Vande Mataram Row: 'मैंने वही वंदे मातरम गाया जो गांधी-नेहरू गाते थे', विवाद पर क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Vande Mataram Row: 'मैंने वही वंदे मातरम गाया जो गांधी-नेहरू गाते थे', विवाद पर क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे?
Tue, 18 Aug 2026 02:57 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 18 Aug 2026 02:57 PM IST
सार
Vande Mataram Row: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'वंदे मातरम' को लेकर उठे विवाद पर कहा कि उन्होंने वही गीत गाया है, जिसे महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी गाते थे। उन्होंने कांग्रेस की 90 साल पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि किसी सरकार के कहने भर से राष्ट्रीय मानक नहीं बदल जाता। वंदे मातरम को लेकर खरगे ने क्या तर्क दिया? पढ़िए रिपोर्ट
विज्ञापन
मल्लिकार्जुन खरगे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को 'वंदे मातरम' को लेकर उठे विवाद पर अपनी बात रखी। खरगे ने कहा कि उन्होंने वही 'वंदे मातरम' गाया है, जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी गाते थे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कहा?
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, मैंने वही 'वंदे मातरम' गाया, जो महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने गाया था। अगर इसे गाना अपराध है, तो वे (आरोप लगाने वाले) पिछले 18 साल से यह अपराध करते आ रहे हैं। अगर यह अपराध है, तो गांधी जी के खिलाफ मामला दर्ज करें। अगर यह अपराध है, तो नेहरू जी के खिलाफ मामला दर्ज करें। अगर यह अपराध है, तो वल्लभभाई पटेल के खिलाफ मामला दर्ज करें।
ये भी पढ़ें: बच्चों के यौन शोषण वाले कंटेंट पर सख्ती: अब ज्यादा सावधानी बरत रहा मेटा; सरकार ने एआई लेबल पर क्या कहा?
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके जन्म लेने से भी पहले कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित करके यह तय किया था कि देश के लिए कौन सा राष्ट्रीय गीत अपनाया जाए। ऐसा नहीं है कि आप जो भी कहेंगे, वही देश का मानक बन जाएगा। कल कोई दूसरी सरकार सत्ता में आ सकती है। अगर वह कुछ कहेगी, तो क्या वह नियम बन जाएगा? हमने सिर्फ उस परंपरा को जारी रखा है, जो 90 साल से चली आ रही है।
स्वतंत्रता दिवस पर हुए 'वंदे मातरम' को लेकर विवाद के बाद सोमवार को गोवा में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में 'वंदे मातरम' के केवल दो छंद गाए गए थे।
इसके साथ ही दक्षिण गोवा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खरगे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा और आजादी की लड़ाई में भाजपा-आरएसएस के योगदान पर सवाल उठाए। उन्होंने गोवा की सत्तारूढ़ पार्टी पर सरकार बनाने के लिए विधायकों को 'अगवा' करने का आरोप भी लगाया।
2027 चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सोमवार को गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति के नेताओं के साथ बैठक भी की। इसमें 2027 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति और अभियान पर चर्चा की गई। खरगे ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क कर एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपील की है। उन्होंने कथित दबाव के बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के हौसले की तारीफ भी की।
खरगे ने कहा, मैंने अपने सभी नेताओं को फोन किया और उनसे बात की। मैंने जोर देकर कहा कि हमें आने वाला चुनाव एकजुट होकर लड़ना चाहिए। उन्होंने मुझे भरोसा दिया कि वे इस बार साथ खड़े रहेंगे और जीतेंगे। इसके बाद मैंने समाज के अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, उनकी चिंताएं सुनीं और उनसे बातचीत की। मुझे खुशी है कि स्थानीय सरकार के डराने और दबाने की कोशिशों के बावजूद यहां कांग्रेस के नेता हिम्मत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ये तरीके सफल नहीं होंगे।
उन्होंने आगे कहा, लोकतंत्र में जब कोई सरकार सत्ता में आती है, तो उसे जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। जब दूसरी सरकार सत्ता में आती है, तो उसे भी नियमों के तहत काम करना चाहिए। हमारे लोग शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव जीतने के लिए जो जरूरी होगा, वह निश्चित रूप से करेंगे।
विज्ञापन
मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कहा?
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, मैंने वही 'वंदे मातरम' गाया, जो महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने गाया था। अगर इसे गाना अपराध है, तो वे (आरोप लगाने वाले) पिछले 18 साल से यह अपराध करते आ रहे हैं। अगर यह अपराध है, तो गांधी जी के खिलाफ मामला दर्ज करें। अगर यह अपराध है, तो नेहरू जी के खिलाफ मामला दर्ज करें। अगर यह अपराध है, तो वल्लभभाई पटेल के खिलाफ मामला दर्ज करें।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: बच्चों के यौन शोषण वाले कंटेंट पर सख्ती: अब ज्यादा सावधानी बरत रहा मेटा; सरकार ने एआई लेबल पर क्या कहा?
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके जन्म लेने से भी पहले कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित करके यह तय किया था कि देश के लिए कौन सा राष्ट्रीय गीत अपनाया जाए। ऐसा नहीं है कि आप जो भी कहेंगे, वही देश का मानक बन जाएगा। कल कोई दूसरी सरकार सत्ता में आ सकती है। अगर वह कुछ कहेगी, तो क्या वह नियम बन जाएगा? हमने सिर्फ उस परंपरा को जारी रखा है, जो 90 साल से चली आ रही है।
स्वतंत्रता दिवस पर हुए 'वंदे मातरम' को लेकर विवाद के बाद सोमवार को गोवा में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में 'वंदे मातरम' के केवल दो छंद गाए गए थे।
इसके साथ ही दक्षिण गोवा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खरगे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा और आजादी की लड़ाई में भाजपा-आरएसएस के योगदान पर सवाल उठाए। उन्होंने गोवा की सत्तारूढ़ पार्टी पर सरकार बनाने के लिए विधायकों को 'अगवा' करने का आरोप भी लगाया।
2027 चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारी
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सोमवार को गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति के नेताओं के साथ बैठक भी की। इसमें 2027 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति और अभियान पर चर्चा की गई। खरगे ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं से व्यक्तिगत तौर पर संपर्क कर एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपील की है। उन्होंने कथित दबाव के बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के हौसले की तारीफ भी की।
खरगे ने कहा, मैंने अपने सभी नेताओं को फोन किया और उनसे बात की। मैंने जोर देकर कहा कि हमें आने वाला चुनाव एकजुट होकर लड़ना चाहिए। उन्होंने मुझे भरोसा दिया कि वे इस बार साथ खड़े रहेंगे और जीतेंगे। इसके बाद मैंने समाज के अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, उनकी चिंताएं सुनीं और उनसे बातचीत की। मुझे खुशी है कि स्थानीय सरकार के डराने और दबाने की कोशिशों के बावजूद यहां कांग्रेस के नेता हिम्मत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ये तरीके सफल नहीं होंगे।
उन्होंने आगे कहा, लोकतंत्र में जब कोई सरकार सत्ता में आती है, तो उसे जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। जब दूसरी सरकार सत्ता में आती है, तो उसे भी नियमों के तहत काम करना चाहिए। हमारे लोग शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव जीतने के लिए जो जरूरी होगा, वह निश्चित रूप से करेंगे।