इंडिया गठबंधन की लंच पॉलिटिक्स: 'मेरे खिलाफ 45 एफआईआर, लक्ष्य 100 का'; राहुल बोले- हर एफआईआर मेरे लिए मेडल
मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आयोजित विपक्षी सांसदों के साथ लंच के बाद राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का एलान किया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और अपने खिलाफ दर्ज 45 एफआईआर पर कहा कि उनका लक्ष्य 100 एफआईआर का है।
विस्तार
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ लंच किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन जारी रहेगा। खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से बार-बार गलत फैसले लिए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए भी ऐसा करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे देश में लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है और संविधान की भी अनदेखी की जा रही है। खरगे ने कहा कि विपक्ष का मकसद लोगों की आवाज पूरे देश तक पहुंचाना है।
लंच के बाद राहुल गांधी ने कहा कि अब विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, "हम अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे, जो प्रदर्शन के लिए तय जगह है।" राहुल गांधी ने बताया कि विपक्षी सांसद पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली। अब वे जंतर-मंतर पर एक साथ बैठकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
राहुल गांधी का एलान- जंतर-मंतर पर फिर होगा प्रदर्शन
विपक्षी सांसदों के साथ लंच के बाद राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। अब विपक्षी सांसद तय प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर जाएंगे और वहां एक साथ प्रदर्शन करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए ज्ञानेश कुमार देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा। एफआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहले से 45 एफआईआर हैं और उनका लक्ष्य 100 एफआईआर का है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हर एफआईआर उनके लिए एक मेडल है।
VIDEO | After lunch at Sagar Ratna with Opposition MPs, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi (@RahulGandhi) says, "As I said yesterday, approximately 300 MPs wanted to meet the Chief Election Commissioner, but they told that we could not hold a protest there. So, today, our plan is to go to the designated protest site, Jantar Mantar, and sit there together once again, and tell the country that, for us, Gyanesh Kumar is not the legitimate Election Commissioner of the country. Modi Ji, Amit Shah Ji, Mohan Bhagwat, and Gyanesh Kumar have destroyed the democracy of the country. As I said yesterday, those who have done this are traitors to the country, and we will take action against them. I am telling you right now: Gyanesh Kumar will have to resign." When asked about the FIR against him, he says, "I have 45 FIRs against me. My goal is to have 100. I want 100 FIRs to be registered against me. Every FIR is a medal for me." #RahulGandhi #OppositionMPlunch
— Press Trust of India (@PTI_News) October 7, 2026
खरगे की बुलाई बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी पहुंचे। बैठक जनपथ स्थित सागर रत्ना में रखी गई थी। इसमें इंडिया गठबंधन के दूसरे दलों के सांसदों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई। विपक्षी सांसदों की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब वे चुनाव आयोग से सीधे मुलाकात कर अपनी शिकायतें रखने की मांग कर रहे हैं।
बैठक के बाद कांग्रेस सांसदों ने एक साथ बस से रवाना हुए। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चाहे हजारों एफआईआर दर्ज कर दी जाएं, वे इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी एफआईआर को लेकर कहा कि क्या वे इससे डरने वाले हैं? उन्होंने कहा कि वे सिर्फ लंच के लिए आए हैं और लंच करेंगे। हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक एफआईआर दर्ज हुई है, जिसमें उनका नाम भी शामिल है। कांग्रेस सांसद शफी परंबिल ने कहा कि प्रदर्शन जारी रहेगा।
छह अक्तूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर मार्च किया था। विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मार्च को आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने वहीं धरना दिया। कई घंटे चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया।
चुनाव आयोग ने क्या-क्या कहा?
विपक्ष की ओर से सीईसी से मुलाकात की मांग के बीच चुनाव आयोग ने कहा कि छह अक्तूबर को शाम चार बजे तक किसी राजनीतिक दल ने औपचारिक तौर पर मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के जरिए उसे करीब 240 विपक्षी सांसदों के चुनाव आयुक्तों से मिलने की जानकारी मिली थी। आयोग ने कहा कि वह सांसदों से मिलने के लिए तैयार था, लेकिन मुलाकात चुनाव आयोग के परिसर में तय प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए थी। विपक्ष की ओर से संसद भवन एनेक्सी में मिलने की मांग की गई थी।