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हमें अपने पड़ोसियों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए: नेपाल को लेकर खरगे का पीएम मोदी को पत्र, क्या लिखा?
Sat, 29 Aug 2026 12:00 PM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:00 PM IST
सार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर चिंता जताई। साथ ही खरगे ने सरकार से नेपाल की हरसंभव मदद करने और राहत और बचाव कार्य तेज करने की भी मांग की है।
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मल्लिकार्जुन खरगे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने नेपाल में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी और नेपाल को मानवीय मदद भेजने की मांग की है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में खरगे ने कहा कि वह नेपाल में आई भीषण बाढ़ से बहुत चिंतित हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब दो हजार लोग अभी भी लापता हैं। हजारों लोग भोजन, दवा, आश्रय और अन्य जरूरी मदद के लिए परेशान हैं।
खरगे ने प्रधानमंत्री से किया ये अनुरोध
खरगे ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि नेपाल सरकार के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित लोगों को पर्याप्त मानवीय और राहत सहायता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि बाढ़ के कारण नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में कई भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि बचाव और निकासी के प्रयासों को तेज किया जाए और उनकी सुरक्षित और जल्द भारत वापसी के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं।
विदेश मंत्रालय से मिली ताजा जानकारी का हवाला देते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क में नहीं हैं, जिनका पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस कठिन समय में हर संभव मदद के लिए तुरंत कदम उठाएगी।
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'दुख की घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए'
गृह मंत्री अमित शाह को लिखे अलग पत्र में खरगे ने कहा कि नेपाल में बाढ़ से गंभीर प्राकृतिक आपदा आई है। जान का नुकसान, घरों और बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विनाश और अनगिनत लोगों के विस्थापन ने प्रभावित समुदायों को बहुत परेशानी में डाल दिया है। उन्होंने लिखा कि भारत के लोगों का नेपाल के लोगों के साथ गहरा और स्थायी रिश्ता है। दुख की इस घड़ी में भारत को मजबूती से अपने पड़ोसियों के साथ खड़ा होना चाहिए और इस तबाही से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देनी चाहिए।
खरगे ने सरकार से आग्रह किया कि नेपाल को तत्काल और व्यापक मानवीय और आपदा-राहत सहायता देने पर विचार किया जाए। खास तौर पर, नेपाल सरकार के साथ समन्वय में जहां भी जरूरत हो, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात करने पर विचार किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, निकासी और राहत कार्यों में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में एनडीआरएफ की विशेषज्ञता और अनुभव जीवन बचाने और इस बड़ी त्रासदी का सामना कर रहे लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने में बहुमूल्य साबित हो सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्रालय इस मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता से देखेगा और बाढ़ प्रभावित नेपाल के लोगों तक भारत की सहायता पहुंचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
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खरगे ने प्रधानमंत्री से किया ये अनुरोध
खरगे ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि नेपाल सरकार के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित लोगों को पर्याप्त मानवीय और राहत सहायता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि बाढ़ के कारण नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में कई भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि बचाव और निकासी के प्रयासों को तेज किया जाए और उनकी सुरक्षित और जल्द भारत वापसी के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं।
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विदेश मंत्रालय से मिली ताजा जानकारी का हवाला देते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क में नहीं हैं, जिनका पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस कठिन समय में हर संभव मदद के लिए तुरंत कदम उठाएगी।
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'दुख की घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए'
गृह मंत्री अमित शाह को लिखे अलग पत्र में खरगे ने कहा कि नेपाल में बाढ़ से गंभीर प्राकृतिक आपदा आई है। जान का नुकसान, घरों और बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विनाश और अनगिनत लोगों के विस्थापन ने प्रभावित समुदायों को बहुत परेशानी में डाल दिया है। उन्होंने लिखा कि भारत के लोगों का नेपाल के लोगों के साथ गहरा और स्थायी रिश्ता है। दुख की इस घड़ी में भारत को मजबूती से अपने पड़ोसियों के साथ खड़ा होना चाहिए और इस तबाही से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देनी चाहिए।
खरगे ने सरकार से आग्रह किया कि नेपाल को तत्काल और व्यापक मानवीय और आपदा-राहत सहायता देने पर विचार किया जाए। खास तौर पर, नेपाल सरकार के साथ समन्वय में जहां भी जरूरत हो, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को तैनात करने पर विचार किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव, निकासी और राहत कार्यों में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में एनडीआरएफ की विशेषज्ञता और अनुभव जीवन बचाने और इस बड़ी त्रासदी का सामना कर रहे लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने में बहुमूल्य साबित हो सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्रालय इस मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता से देखेगा और बाढ़ प्रभावित नेपाल के लोगों तक भारत की सहायता पहुंचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।