India-Cyprus Ties: साइप्रस ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का किया समर्थन, हुए छह अहम समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति आज कई मुद्दें पर चर्चा की। इसी बीच दोनों देशों के बीच छह अहम समझौते भी हुई। वहीं, साइप्रस ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन किया।
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साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स भारत के दौरे पर हैं। आज उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। वहीं, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने कहा, ‘साइप्रस ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का लगातार समर्थन किया है।
कई मुद्दें पर हुई चर्चा
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति ने आज हैदराबाद हाउस में हुई बैठक में व्यापक चर्चा की। चर्चा व्यापार और निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, वित्तीय संपर्क, प्रौद्योगिकी और नवाचार, गतिशीलता, शिक्षा, संस्कृति और भारत-यूरोपीय संघ के संबंधों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित थी। दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह यात्रा भारत-साइप्रस संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है।'
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आतंकवादी हमले की निंदा की
दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और लाल किले के पास हुई आतंकी घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार व्यापक और सतत तरीके से आतंकवाद से निपटने के लिए निर्णायक अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का आह्वान किया।
आगे उन्होंने कहा, 'भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा हमारे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण परियोजना है। दोनों नेताओं ने माना कि इसमें वैश्विक व्यापार, संपर्क और समृद्धि को नया रूप देने और बढ़ावा देने की अपार क्षमता है। उन्होंने पूर्वी भूमध्य सागर और व्यापक मध्य पूर्व में समग्र स्थिरता को बढ़ावा देने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया और गहन सहयोग को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया।'
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इसके साथ ही दोनों देशों के बीच 6 समझौता पर हस्ताक्षर भी हुए। आईए जानतें हैं कि यह समझौता क्या है?
1) आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह की स्थापना पर समझौता।
2) भारत के सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान और साइप्रस की राजनयिक अकादमी के बीच राजनयिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में समझौता।
3) साइप्रस के अनुसंधान, नवाचार और डिजिटल नीति उप मंत्रालय और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच नवाचार और प्रौद्योगिकी पर समझौता।
4) साइप्रस के लारनाका संयुक्त बचाव समन्वय केंद्र और भारत के रक्षा मंत्रालय के बीच खोज एवं बचाव (एसएआर) मामलों पर आधिकारिक समन्वय और सहयोग की स्थापना के लिए तकनीकी व्यवस्था।
5) भारत के शिक्षा मंत्रालय और साइप्रस सरकार के शिक्षा, खेल एवं युवा मंत्रालय के बीच उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता।
6) भारत के संस्कृति मंत्रालय और साइप्रस के उप संस्कृति मंत्रालय के बीच वर्ष 2026-2030 के लिए सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता।