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Delhi High Court: भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि की वैधता पर मिशेल ने उठाए सवाल, सीबीआई-ईडी ने किया याचिका का विरोध

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 09 Jan 2026 11:19 PM IST
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सार

Delhi High Court: क्रिश्चियन मिशेल की भारत-यूएई प्रत्यर्पण याचिका को चुनौती देने वाली याचिका का सीबीआई और ईडी ने विरोध किया और कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। मिशेल पर पद के दुरुपयोग, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। कोर्ट अब इस याचिका पर फैसला करेगा। विस्तार से पढ़िए रिपोर्ट-

Delhi HC: Michel questions validity of India-UAE extradition treaty, CBI-ED opposes petition
क्रिश्चियन मिशेल। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की दिल्ली हाईकोर्ट में दायर भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका का विरोध किया। सीबीआई ने याचिका को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग और सांविधानिक अदालतों के पहले से निपटाए जा चुके मुद्दों को फिर से उठाने का प्रयास बताया।
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सीबीआई ने दलील दी कि मिशेल बार-बार उन सवालों को उठा रहे हैं जिन पर दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने फैसला लिया है। जांच एजेंसी ने कहा कि मिशेल का यूएई से प्रत्यर्पण कानून के अनुसार ही किया गया था और यह तभी हुआ जब उन्होंने यूएई की अदालतों में उपलब्ध सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर लिया था। दुबई सुप्रीम कोर्ट के निष्कर्षों पर भरोसा करते हुए, सीबीआई ने बताया कि मिशेल को पद के दुरुपयोग, धनशोधन, मिलीभगत, धोखाधड़ी, गबन और अवैध रिश्वत देने के आरोपों पर प्रत्यर्पित किया गया था, जो भारत में अभियोजन का मूल आधार हैं।
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नागपुर: ईडी ने अवैध रेत परिवहन मामले में की छापेमारी
ईडी ने आज नागपुर जिले में व्यापारियों और कारोबारियों से जुड़े परिसरों पर 2022 के एक अवैध रेत परिवहन मामले के सिलसिले में छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही है, जिसे नागपुर पुलिस ने चार साल पहले दर्ज किया था।

नागपुर और नई दिल्ली से ईडी की लगभग 10 टीमों ने सुबह करीब 5 बजे एक साथ छापे मारे, जिसमें अवैध रेत व्यापार से जुड़े कई व्यापारियों को निशाना बनाया गया। ये छापे पूर्वी महाराष्ट्र के नागपुर जिले के साओनेर, खापा और पाटनसावंगी इलाकों में की गई। उनके अनुसार, यह कार्रवाई पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र लाए गए रेत की बिक्री में अनियमितताओं से संबंधित है। नागपुर पुलिस ने व्यापारियों के खिलाफ सरकारी रॉयल्टी की कथित चोरी और करोड़ों रुपये के अवैध रेत कारोबार चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया था।

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 2022 में हमारी जांच के आधार पर, नागपुर नगर पुलिस ने कई रेत व्यापारियों के खिलाफ अवैध परिवहन और रॉयल्टी चोरी के आरोप में मामला दर्ज किया था। ईडी अब इसी अपराध से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि छापेमारी व्यापारियों और कारोबारियों के घरों और दफ्तरों समेत कई जगहों पर की गई।


 
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