'पड़ोसी के घर झुका नारियल का पेड़': VCK और IUML पर डीएमके का तंज, वीसीके के पलटवार पर क्या बोले स्टालिन?
डीएमके ने वीसीके और आईयीएमएल के टीवीके सरकार में शामिल होने पर तीखा हमला बोला। वीसीके के वन्नी अरसु और आईयूएमएल के ए एम शाहजहां ने मंत्री पद की शपथ ली। द्रमुक नेता ए.राजा ने इसे ‘पड़ोसी की ओर झुकता नारियल का पेड़’ बताया, जिस पर वीसीके ने कड़ा पलटवार किया। एमके स्टालिन ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की।
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विस्तार
द्रमुक ने विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) पर तीखा हमला बोला। यह हमला दोनों दलों के टीवीके सरकार में शामिल होने की घोषणा के बाद किया गया। टीवीके में शामिल होने के बाद दोनों पार्टियों के दो नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, जिससे राज्य की राजनीति में गर्माहट आ गई है। द्रमुक ने इस कदम को ‘पड़ोसी की ओर झुकता नारियल का पेड़’ करार दिया।
दोनों मंत्रियों ने ली पद की शपथ
वीसीके नेता वन्नी अरसु, जो टिंडीवनम विधानसभा क्षेत्र से विजयी हुए थे, और ए एम शाहजहां, जो पापनासम से चुने गए थे, ने आज लोक भवन में मंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय भी मौजूद थे। शाहजहां को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया, जबकि वन्नी अरसु को सामाजिक न्याय मंत्री का पदभार मिला। द्रमुक के उप महासचिव ए राजा ने दोनों दलों के टीवीके मंत्रिमंडल में शामिल होने को ‘पड़ोसी की ओर झुकता नारियल का पेड़’ बताया।
राष्ट्रपति शासन को रोकने के लिए सरकार का समर्थन
इस टिप्पणी पर वीसीके ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह अन्य दलों की दया पर नहीं बढ़ा है। वीसीके और आईयूएमएल, जो 2026 के विधानसभा चुनाव तक द्रमुक के सहयोगी थे, ने टीवीके सरकार को समर्थन देने की घोषणा की थी। दोनों दलों ने पहले स्पष्ट किया था कि उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन को रोकने के लिए टीवीके सरकार को समर्थन दिया है, और द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन उनके निर्णय को जनाते थे। उनके अलावा, वाम दलों और कांग्रेस ने भी सरकार बनाने में टीवीके का समर्थन किया था।
द्रमुक की 'नारियल पेड़' टिप्पणी
द्रमुक के उप महासचिव ए राजा ने एक्स पर लिखते हुए कहा, यदि मेरे बगीचे में नारियल का पेड़ झुककर पड़ोसी को नारियल देता है, तो साहित्य में इसे 'मुट्टथेंगु' (आंगन का नारियल का पेड़) कहा जाएगा। राजनीति में इसे क्या नाम दिया जाना चाहिए?" उन्होंने अपनी पोस्ट में अंत में लिखा ‘तमिल अमर रहे’। राजा अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं, और उनकी यह टिप्पणी भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। इस बयान ने गठबंधन सहयोगियों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
वीसीके का कड़ा पलटवार
‘झुके हुए नारियल के पेड़’ वाली टिप्पणी पर वीसीके ने कड़ी आपत्ति जताई। वीसीके ने कहा कि वह अन्य दलों की दया पर नहीं बढ़ा है। पार्टी ने दावा किया कि उसके कार्यकर्ताओं के पसीने और खून ने दलितों के वोट बैंक को बनाए रखा और गठबंधन दलों की जीत में सहायता की।
वीसीके ने 'एक्स' पर द्रमुक के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा, अन्य दलों को दल-बदल के बारे में बात करने का क्या अधिकार है? कांग्रेस को हराने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किसने किया था? वाजपेयी मंत्रिमंडल का हिस्सा बनकर फिर उसी भाजपा का विरोध करना किसका स्वार्थ' था? तमिलनाडु ने ऐसे कई राजनीतिक नाटक देखे हैं। वीसीके के कोषाध्यक्ष एस एस बालाजी ने भी 'एक्स' पर राजा को निशाना बनाते हुए कहा कि गरीबों की शक्ति इतनी मजबूत है कि उन पर फेंके गए लांछन उन्हें हिला नहीं पाएंगे।
स्टालिन ने की संयम की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने वन्नी अरसु और शाहजहां को मंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने एक्स पर कहा कि हर पार्टी को अपना राजनीतिक रास्ता तय करने का अधिकार है। स्टालिन ने द्रमुक कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे कठोर शब्दों का प्रयोग न करें जिससे किसी को ठेस पहुंचे।