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ई-पासपोर्ट: घरेलू-अंतरराष्ट्रीय सफर में काम आएगा डिजी यात्रा; इन एयरपोर्ट पर यात्रियों को मिलेगी ये सुविधा
Thu, 29 Oct 2026 05:18 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 29 Oct 2026 05:18 PM IST
सार
डिजी यात्रा के 2.65 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं और इसके जरिए 11 करोड़ से ज्यादा यात्राएं हो चुकी हैं। फिलहाल यह सेवा 39 घरेलू हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। इससे 11 घरेलू एयरलाइंस जुड़ी हैं। हवाई अड्डों पर औसतन करीब 30 फीसदी यात्री इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं।
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नोएडा एयरपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डिजी यात्रा अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी डिजिटल पहचान की सुविधा शुरू करने जा रही है। इसके तहत एक नवंबर से सात हवाई अड्डों पर ट्रायल शुरू होगा। यह सुविधा ई-पासपोर्ट रखने वाले पात्र भारतीय नागरिकों को मिलेगी। वे एयर इंडिया और इंडिगो की पात्र अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से यात्रा करते समय इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। इसका ट्रायल दिसंबर 2026 तक चलेगा। यात्रियों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर 2027 में इसे बड़े स्तर पर शुरू करने की योजना बनाई जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में यह ट्रायल दिल्ली, बंगलूरू, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, चेन्नई और अमृतसर हवाई अड्डों पर होगा। यहां सुविधा उपलब्ध होने पर यात्री टर्मिनल में प्रवेश, सुरक्षा जांच वाले क्षेत्र और बोर्डिंग गेट पर डिजी यात्रा का इस्तेमाल कर सकेंगे। एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जाने वाले पात्र यात्री इसके दायरे में होंगे। वहीं, इंडिगो के यात्रियों को चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय रूट पर यह सुविधा मिलेगी।
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एप से बनानी होगी डिजिटल पहचान
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों के पास ई-पासपोर्ट होना जरूरी है। उन्हें यात्रा से पहले डिजी यात्रा एप के जरिए डिजिटल पहचान यानी वेरिफाएबल क्रेडेंशियल बनाना होगा। इसके लिए ई-पासपोर्ट पर दर्ज मशीन से पढ़ी जाने वाली जानकारी को स्कैन करना होगा। इसके बाद एनएफसी सुविधा वाले स्मार्टफोन से पासपोर्ट की चिप पढ़ी जाएगी। यात्री को अपनी सेल्फी लेनी होगी और विवरण की पुष्टि करनी होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल पहचान यात्री के मोबाइल में मौजूद डिजी यात्रा वॉलेट में सुरक्षित रहेगी। ट्रायल के दौरान इसका इस्तेमाल उन हवाई अड्डों पर किया जा सकेगा, जहां यह सुविधा उपलब्ध होगी।
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हालांकि, डिजी यात्रा से अंतरराष्ट्रीय यात्रा की मौजूदा प्रक्रिया खत्म नहीं होगी। यात्रियों को पासपोर्ट और दूसरे जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे। एयरलाइन की दस्तावेज जांच, इमिग्रेशन और यात्रा से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं भी पहले की तरह पूरी करनी होंगी। यह सुविधा संबंधित हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे पर भी निर्भर करेगी।
डिजी यात्रा एप का नया रूप
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के ट्रायल के साथ डिजी यात्रा ने अपने मोबाइल एप का नया डिजाइन भी पेश किया है। इसका उद्देश्य ऐप का इस्तेमाल आसान बनाना और डिजिटल पहचान की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है। नए ऐप में इंटरफेस को सरल बनाया गया है। बोर्डिंग पास दिखाने का तरीका बदला गया है और उसमें संबंधित एयरलाइन के रंगों का इस्तेमाल किया गया है। डिजिटल पहचान से जुड़े दस्तावेजों को रखने वाला वॉलेट भी व्यवस्थित किया गया है। अभिभावकों और नाबालिगों के क्रेडेंशियल की पहचान के संकेतों में सुधार किया गया है। सहमति देने वाली स्क्रीन को भी नया रूप दिया गया है। इस स्क्रीन के जरिए यात्रियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनकी कौन-सी जानकारी साझा की जा रही है, किसके साथ और किस उद्देश्य से। कंपनी के मुताबिक, इन बदलावों का मकसद ऐप को अधिक आसान और सुलभ बनाना है। इसमें यात्री की सहमति, निजता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
2027 तक और हवाई अड्डों पर विस्तार की योजना
डिजी यात्रा के 2.65 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं और इसके जरिए 11 करोड़ से ज्यादा यात्राएं हो चुकी हैं। फिलहाल यह सेवा 39 घरेलू हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। इससे 11 घरेलू एयरलाइंस जुड़ी हैं। हवाई अड्डों पर औसतन करीब 30 फीसदी यात्री इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी ऐप में भाषाओं की संख्या भी बढ़ाना चाहती है। फिलहाल यह 11 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। 2027 तक इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना है। इसी अवधि में 25 और घरेलू हवाई अड्डों को भी इससे जोड़ने का लक्ष्य है।