फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED searches Kadapa MP premises in Vivekananda Reddy murder case Investigation into four crore transaction

हत्याकांड से मनी लॉन्ड्रिंग तक: सांसद अविनाश रेड्डी के छह ठिकानों पर ED की रेड; करोड़ों के लेनदेन की जांच जारी

Fri, 21 Aug 2026 10:25 AM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, हैदराबाद
आईएएनएस, हैदराबाद Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 21 Aug 2026 10:25 AM IST
सार

प्रवर्तन निदेशालय ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें हैदराबाद और आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडप्पा जिले में स्थित परिसर शामिल हैं। 

विज्ञापन
ED searches Kadapa MP premises in Vivekananda Reddy murder case Investigation into four crore transaction
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय ने वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में छह ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें YSRCP सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी और उनके पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। ED 4 करोड़ रुपये के कथित भुगतान समेत हत्या से पहले हुए वित्तीय लेनदेन और पैसों की आवाजाही की जांच कर रही है। यह कार्रवाई CBI की जांच और चार्जशीट के आधार पर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की गई है।

विज्ञापन


हैदराबाद में दो और कडप्पा में चार जगहों पर तलाशी
ED के अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी की टीमों ने हैदराबाद में दो और कडप्पा जिले में चार ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इन सभी स्थानों पर मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन


अविनाश रेड्डी और उनके पिता के ठिकाने भी जांच के दायरे में
तलाशी कडप्पा के सांसद अविनाश रेड्डी, उनके पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी और हत्या मामले के अन्य आरोपियों से जुड़े परिसरों पर की गई। हैदराबाद के कोकापेट स्थित अविनाश रेड्डी के आवास पर ED की एक टीम तलाशी ले रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिवेंदुला स्थित आवास मिला बंद
ED की एक अन्य टीम कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला शहर स्थित अविनाश रेड्डी के आवास पर भी पहुंची। हालांकि, वहां परिसर बंद मिला। इसके बाद जांच टीम ने मामले से जुड़े अन्य ठिकानों पर अपनी कार्रवाई जारी रखी। ED की तलाशी उन परिसरों तक भी पहुंची, जो हत्या मामले के अन्य आरोपियों से जुड़े हैं। इनमें सुनील यादव, देवीरेड्डी शिवशंकर रेड्डी और एर्रा गंगिरेड्डी से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।

CBI की FIR और चार्जशीट के आधार पर ED की जांच
केंद्रीय जांच एजेंसी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज मामले और उसके बाद दाखिल की गई चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है। ED ने पिछले साल अगस्त में इस मामले में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की थी।

हत्या से पहले हुए वित्तीय लेनदेन की पड़ताल
ED इस मामले में हत्या से पहले हुए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। आरोप है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए 4 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का लेनदेन कैसे हुआ, पैसा किन लोगों तक पहुंचा और क्या इस पूरी प्रक्रिया में मनी लॉन्ड्रिंग हुई।

पैसों की आवाजाही पर ED की नजर
जांच के दौरान ED अधिकारी कथित तौर पर रकम की आवाजाही का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसी यह भी जांच रही है कि हत्या से पहले और उसके आसपास हुए वित्तीय लेनदेन का मामले में नामजद आरोपियों से क्या संबंध था।

15 मार्च 2019 को हुई थी विवेकानंद रेड्डी की हत्या
वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी, पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (YSR) के भाई और पूर्व मुख्यमंत्री तथा YSRCP अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा थे। 15 मार्च 2019 को लोकसभा चुनाव से कुछ सप्ताह पहले पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर उनकी हत्या कर दी गई थी। 68 वर्षीय विवेकानंद रेड्डी उस समय अपने घर में अकेले थे। अज्ञात हमलावर उनके आवास में घुसे और उनकी हत्या कर दी। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने आंध्र प्रदेश की राजनीति में भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था।

2020 में CBI ने अपने हाथ में ली जांच
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर CBI ने 2020 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। हाई कोर्ट में विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर सुनवाई के दौरान जांच CBI को सौंपी गई। सुनीता रेड्डी ने मामले में कुछ रिश्तेदारों की भूमिका को लेकर संदेह जताया था।

2023 में अविनाश रेड्डी के पिता की गिरफ्तारी
CBI ने जांच तेज करते हुए 2023 में अविनाश रेड्डी के पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी और उनके करीबी समर्थक उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने इस मामले में 2021 में पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि 2022 और 2023 में पूरक चार्जशीट दाखिल की गईं।

CBI ने पिता-पुत्र पर साजिश का लगाया था आरोप
CBI का दावा था कि अविनाश रेड्डी और भास्कर रेड्डी ने विवेकानंद रेड्डी को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। जांच एजेंसी के अनुसार, विवेकानंद रेड्डी कडप्पा लोकसभा सीट से अविनाश रेड्डी को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। उनका कथित तौर पर मानना था कि जगन मोहन रेड्डी को इस सीट से अपनी मां विजयम्मा या बहन शर्मिला को मैदान में उतारना चाहिए।

तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली थी अग्रिम जमानत
CBI के इन आरोपों को अविनाश रेड्डी और उनके पिता भास्कर रेड्डी ने खारिज किया है। दोनों ने हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोपों से इनकार किया है। अविनाश रेड्डी को 31 मई 2023 को तेलंगाना हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी। इसके बाद भी हत्याकांड से जुड़े कानूनी और जांच संबंधी घटनाक्रम जारी रहे। अगस्त 2025 में CBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसने विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड की जांच पूरी कर ली है। इसके बाद मामले की जांच और आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई।


ये भी पढ़ें: लखनऊ डबल मर्डर और सुसाइड: बहन के बेडरूम में मानस ने लगवाया था कैमरा, CCTV में कैद हुई हत्या; खुले नए राज

मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनीता की याचिका खारिज की
मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मामले की आगे की जांच CBI से कराने की मांग की थी। याचिका में अविनाश रेड्डी को मिली अग्रिम जमानत और अन्य आरोपियों को दी गई जमानत को भी चुनौती दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed