एक्सपायर्ड सामान का खेल: नई तारीख चिपकाकर चिप्स, नूडल्स और मेयोनीज को बेचने की थी तैयारी, एफडीए ने की कार्रवाई
नवी मुंबई में FDA ने खाद्य उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट बदलकर बेचने वाले रैकेट का खुलासा किया है। कार्रवाई में 76 लाख रुपये से अधिक का स्टॉक जब्त हुआ। कैसे चल रहा था एक्सपायर्ड सामान को नया दिखाने का खेल?
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महाराष्ट्र के नवी मुंबई में खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट से छेड़छाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 76 लाख रुपये से अधिक कीमत का खाद्य स्टॉक और एक्सपायर्ड सामान जब्त किया है।
कैसे चल रहा था एक्सपायरी डेट बदलने का खेल?
एफडीए के मुताबिक, आरोपी मूल पैकेजिंग पर दर्ज मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को मिटाकर उस पर नई तारीखें प्रिंट कर रहे थे। इसके अलावा उत्पादों की सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी के ऊपर नए स्टिकर लगाए जा रहे थे। इस तरह पुराने और एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों को नई तारीख के साथ दोबारा बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। अधिकारियों ने मौके से बड़ी मात्रा में ऐसे खाद्य पदार्थ बरामद किए।
कार्रवाई के दौरान लोकप्रिय स्नैक्स, पेय पदार्थ और इंस्टेंट फूड समेत कई तरह के उत्पाद मिले। इनमें वेफर्स, आलू के चिप्स, नूडल्स, सूप और मेयोनीज के पैकेट शामिल थे। इसके अलावा प्रमुख एयरेटेड ड्रिंक ब्रांड के पेय पदार्थों के पैकेट और कैन भी जब्त किए गए। एफडीए के अनुसार, इन उत्पादों को दोबारा पैक करने और उनके लेबल में बदलाव करने की कोशिश की जा रही थी।
कहां और कब हुई कार्रवाई?
एफडीए और नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से 24 से 29 अगस्त के बीच यह कार्रवाई की। अधिकारियों ने नवी मुंबई के तुर्भे इलाके में स्थित मेसर्स साधना एंटरप्राइजेज पर छापा मारा। जांच में प्रतिष्ठान में खाद्य उत्पादों को स्टोर करने, दोबारा पैक करने और उनके लेबल से कथित छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई। एफडीए के अनुसार, यहां मुंबई, नई दिल्ली और नोएडा की 10 प्रमुख निर्यातक कंपनियों से जुड़े उत्पाद रखे गए थे।
76 लाख रुपये से ज्यादा का सामान जब्त
अधिकारियों ने मौके से 4,942 कार्टन खाद्य सामग्री जब्त की, जिसकी कीमत करीब 75.21 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा बिना लेबल वाले और एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद भी मिले, जिनकी कीमत करीब 1.30 लाख रुपये थी। कुछ उत्पादों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिष्ठान के पास जरूरी FSSAI लाइसेंस और खरीद से जुड़े बिल भी नहीं पाए गए।
एफडीए ने कार्रवाई के बाद प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले में तुर्भे पुलिस थाने में प्रतिष्ठान के साझेदारों और संबंधित निर्यातकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Food Safety and Standards Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर सख्ती
एफडीए ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार खाद्य गुणवत्ता और कानून के पालन को लेकर बेहद सख्त है। उपभोक्ताओं और आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि एक्सपायर्ड या लेबल से छेड़छाड़ किए गए खाद्य पदार्थों को स्टोर करने या बेचने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।