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MEA: 'ऐसे आयोजनों पर ध्यान तक नहीं देते', भारत-PAK संबंधों पर ट्रैक-2 संवाद को लेकर विक्रम मिसरी की दो टूक
Mon, 29 Jun 2026 03:32 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 29 Jun 2026 03:32 PM IST
सार
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि भारत-पाकिस्तान संबंधों पर विदेशों में होने वाली ट्रैक-2 वार्ताओं से भारत सरकार का कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम निजी स्तर पर आयोजित होते हैं और उनमें शामिल सेवानिवृत्त राजनयिक, सैन्य अधिकारी या अन्य विशेषज्ञ अपनी व्यक्तिगत क्षमता में विचार रखते हैं। उनके वक्तव्य को सरकार का आधिकारिक रुख नहीं माना जा सकता।
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विदेश सचिव विक्रम मिसरी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को कहा कि भारत-पाकिस्तान संबंधों पर विदेशों में आयोजित ट्रैक-2 संवाद से सरकार का कोई संबंध नहीं है। विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि संवाद में हिस्सा लेने वाले सेवानिवृत्त राजनयिकों, सैन्य अधिकारियों या अन्य लोगों की यह निजी भागीदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे आयोजनों का संज्ञान तक नहीं लेती है।
सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में मीडिया से बातचीत के दौरान मिसरी ने यह टिप्पणी उन खबरों के संदर्भ में की, जिनमें कहा गया था कि पिछले सप्ताह कोलंबो में आयोजित एक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के विशेषज्ञों ने ट्रैक-2 वार्ता में हिस्सा लिया। इन प्रतिभागियों में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, राजनयिक और राजनेता शामिल बताए गए थे।
ये भी पढ़ें: खामेनेई का अंतिम संस्कार: भारत से विदेश राज्यमंत्री जा सकते हैं, क्या बिहार के गवर्नर भी शिष्टमंडल का हिस्सा?
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विक्रम मिसरी बोले- ऐसे संवाद आधिकारिक नहीं
विदेश सचिव ने कहा, "दुनिया भर में अलग-अलग विषयों पर इस तरह के दर्जनों कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित होते हैं। इनमें कुछ भी नया या विशेष नहीं है।" उन्होंने कहा, "जहां तक हमारा सवाल है, ये निजी पक्षों द्वारा आयोजित निजी कार्यक्रम हैं। इनमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है।"
मीडिया के एक सवाल के जवाब में मिसरी ने कहा, "मैं पाकिस्तान सरकार की ओर से तो नहीं बोल सकता, लेकिन भारत सरकार की ओर से इतना स्पष्ट है कि इन यात्राओं या आयोजनों में न तो कोई आधिकारिक भागीदारी है और न ही सरकार का कोई समर्थन या जुड़ाव है।"
ट्रैक 2 संवाद में शामिल लोग नहीं रख सकते भारत का पक्ष- विदेश सचिव
उन्होंने कहा, "ऐसे आयोजनों में भारत से जो भी लोग हिस्सा लेते हैं, चाहे वे सेवानिवृत्त राजनयिक हों, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी हों या नागरिक समाज के सदस्य हों, वे अपनी व्यक्तिगत क्षमता में बोलते हैं और केवल अपना दृष्टिकोण रखते हैं।"
ये भी पढ़ें: Bengal: शुभेंदु सरकार के 'गुंडा नियंत्रण बिल' को मिला बागी सांसदों का साथ, इसके पीछे क्या है सरकार की मंशा?
मिसरी ने कहा कि ऐसे लोग किसी भी स्थिति में भारत सरकार का पक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "वे किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते। इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है।" विदेश सचिव ने दोहराया, "हम वास्तव में ऐसे आयोजनों का कोई संज्ञान नहीं लेते। जहां तक हमारा सवाल है, इनका कोई विशेष महत्व नहीं है।"
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सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में मीडिया से बातचीत के दौरान मिसरी ने यह टिप्पणी उन खबरों के संदर्भ में की, जिनमें कहा गया था कि पिछले सप्ताह कोलंबो में आयोजित एक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दौरान भारत और पाकिस्तान के विशेषज्ञों ने ट्रैक-2 वार्ता में हिस्सा लिया। इन प्रतिभागियों में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, राजनयिक और राजनेता शामिल बताए गए थे।
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विक्रम मिसरी बोले- ऐसे संवाद आधिकारिक नहीं
विदेश सचिव ने कहा, "दुनिया भर में अलग-अलग विषयों पर इस तरह के दर्जनों कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित होते हैं। इनमें कुछ भी नया या विशेष नहीं है।" उन्होंने कहा, "जहां तक हमारा सवाल है, ये निजी पक्षों द्वारा आयोजित निजी कार्यक्रम हैं। इनमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है।"
मीडिया के एक सवाल के जवाब में मिसरी ने कहा, "मैं पाकिस्तान सरकार की ओर से तो नहीं बोल सकता, लेकिन भारत सरकार की ओर से इतना स्पष्ट है कि इन यात्राओं या आयोजनों में न तो कोई आधिकारिक भागीदारी है और न ही सरकार का कोई समर्थन या जुड़ाव है।"
ट्रैक 2 संवाद में शामिल लोग नहीं रख सकते भारत का पक्ष- विदेश सचिव
उन्होंने कहा, "ऐसे आयोजनों में भारत से जो भी लोग हिस्सा लेते हैं, चाहे वे सेवानिवृत्त राजनयिक हों, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी हों या नागरिक समाज के सदस्य हों, वे अपनी व्यक्तिगत क्षमता में बोलते हैं और केवल अपना दृष्टिकोण रखते हैं।"
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मिसरी ने कहा कि ऐसे लोग किसी भी स्थिति में भारत सरकार का पक्ष प्रस्तुत नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "वे किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते। इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है।" विदेश सचिव ने दोहराया, "हम वास्तव में ऐसे आयोजनों का कोई संज्ञान नहीं लेते। जहां तक हमारा सवाल है, इनका कोई विशेष महत्व नहीं है।"