New Changes: गूगल का एआई+ छात्रों के लिए एक साल तक मुफ्त, छोटे बच्चों के लिए सर्दी और जुकाम की दो दवाओं पर रोक
- गूगल का एआई प्लस छात्रों के लिए एक साल तक मुफ्त।
- छोटे बच्चों के लिए सर्दी और जुकाम की दो दवाओं पर रोक।
- हवाई यात्रा में परेशानियों से भी मिलेगी मुक्ति, बोर्डिंग पास पर आव्रजन मुहर की जरूरत नहीं।
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विस्तार
गूगल ने भारतीय कॉलेज छात्रों के लिए गूगल एआई प्लस सब्सक्रिप्शन एक साल तक के लिए मुफ्त कर दिया है। इससे छात्रों को पढ़ाई, रिसर्च, लिखने और कंटेंट क्रिएशन में मदद मिलेगी। जेमिनी में अधिक इस्तेमाल सीमा के साथ छात्रों को इस प्लान में 400 जीबी अतिरिक्त क्लाउड स्टोरेज भी मिलेगा।
गूगल ने जेमिनी एप में एक नया स्टूडेंट हब भी पेश किया है, ताकि पढ़ाई से जुड़े सभी टूल्स और फीचर्स एक ही जगह मिल सकें। एक साल के बाद 399 रुपये का शुल्क देना होगा।
ऐसे मुफ्त मिलेगी सुविधा
- छात्रों को सबसे पहले गूगल अकाउंट से साइन-इन करना होगा।
- गूगल एआई प्लस सेक्शन में स्टूडेंट ऑफर चुनें और कंटीन्यू विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां पूछी गईं सभी जानकारियां भरकर यह सत्यापन करवाना होगा कि आप एक छात्र हैं। सत्यापन के बाद एक साल का मुफ्त सब्सक्रिप्शन मिल जाएगा।
छोटे बच्चों के लिए सर्दी और जुकाम की दो दवाओं पर रोक
चार साल से छोटे बच्चों को खांसी-प्रक्रियाजुकाम के लिए क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट और फिनाइलेफ़ाइन हाइड्रोक्लोराइड वाली दवाएं नहीं दी जाएंगी। केंद्र सरकार ने इन दोनों को मिलाकर बनाई जाने वाली सभी दवाओं के निर्माण, बिक्री और आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है।
दवा निर्माता कंपनियों को पैकेट, लेबल व दवा से जुड़ी जानकारी में स्पष्ट लिखना होगा कि इसे चार साल से छोटे बच्चों को नहीं दिया जाना चाहिए। केंद्र ने 15 अप्रैल, 2025 को दोनों दवाओं वाले कुछ फॉर्मूलेशन पर चेतावनी का नियम बनाया था।
इनके सुरक्षित विकल्प
केंद्र का कहना है कि इन दवाओं से छोटे बच्चों को खतरा हो सकता है। इनके सुरक्षित विकल्प भी मौजूद हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के सुझाव के बाद ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड की सलाह पर सरकार ने यह नया आदेश जारी किया है।
विदेश यात्राः बोर्डिंग पास पर आव्रजन मुहर की जरूरत नहीं
देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों से विदेश यात्रा करने वाले भारतीय व विदेशी नागरिकों को आव्रजन (इमिग्रेशन) क्लियरेंस के लिए फिजिकल बोर्डिंग पास दिखाने या उस पर इमिग्रेशन की मुहर लगवाने की जरूरत नहीं होगी।
गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के फैसले के मुताबिक, एक सितंबर, 2026 से होने वाले इस बदलाव के तहत यात्री अपने मोबाइल फोन पर ई-बोर्डिंग पास दिखाकर ही इमिग्रेशन क्लियरेंस प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसका मकसद इमिग्रेशन को आसान, तेज और डिजिटल बनाना है। हालांकि, जिन यात्रियों के पास प्रिंटेड बोर्डिंग होगा, उन्हें भी परेशानी नहीं होगी।
अधिकारियों ने आगे बताया, भारतीय पासपोर्ट वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन एंट्री व एग्जिट पर मुहर लगाने की प्रक्रिया भी खत्म करने की योजना है। पायलट प्रक्रिया के बाद यह नई व्यवस्था भी सभी हवाईअड्डों पर लागू की जाएगी।