{"_id":"6ae9a2ff02a95b818509028d","slug":"gujarat-bhupendra-patel-government-doubles-iti-guest-instructors-honorarium-2026-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुजरात: आईटीआई के अतिथि प्रशिक्षकों का मानदेय हुआ दोगुना, अब हर महीने मिलेंगे 28,080 रुपये","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गुजरात: आईटीआई के अतिथि प्रशिक्षकों का मानदेय हुआ दोगुना, अब हर महीने मिलेंगे 28,080 रुपये
Tue, 03 Nov 2026 02:31 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 03 Nov 2026 02:31 PM IST
सार
गुजरात सरकार ने सरकारी और अनुदान प्राप्त आईटीआई में कार्यरत अतिथि पर्यवेक्षक प्रशिक्षकों का मानदेय दोगुना कर दिया है। अब उन्हें प्रति घंटे 180 रुपये, प्रतिदिन अधिकतम 1,080 रुपये और महीने में 28,080 रुपये तक मिलेंगे। सरकार का कहना है कि इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी।
विज्ञापन
ITI के अतिथि प्रशिक्षकों का मानदेय हुआ दोगुना
विस्तार
गुजरात सरकार ने राज्य की सरकारी तथा अनुदान-सहायता प्राप्त (अनुदानित)औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में पढ़ाने वाले अतिथि पर्यवेक्षक प्रशिक्षकों के मानदेय में दोगुनी वृद्धि की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले के बाद अब इन प्रशिक्षकों को प्रतिदिन अधिकतम 1,080 रुपये और महीने में अधिकतम 28,080 रुपये मिल सकेंगे। पहले दैनिक मानदेय की अधिकतम सीमा 540 रुपये और मासिक सीमा 14,040 रुपये थी। सरकार का कहना है कि इस फैसले से प्रशिक्षकों को आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा और ITI में विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने मानदेय की नई दरों को मंजूरी दी है। इस निर्णय से प्रशिक्षण क्षेत्र में कार्यरत अतिथि पर्यवेक्षक प्रशिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ उनकी सेवाओं को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। इसके तहत अतिथि पर्यवेक्षक प्रशिक्षकों को अब प्रति घंटे 180 रुपये मिलेंगे। पहले यह दर 90 रुपये थी। दैनिक अधिकतम मानदेय भी 540 रुपये से बढ़ाकर 1,080 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह मासिक अधिकतम सीमा 14,040 रुपये से बढ़ाकर 28,080 रुपये कर दी गई है।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया और राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया के नेतृत्व में लिया गया है। राज्य सरकार के मुताबिक, मानदेय बढ़ने से अधिक योग्य प्रशिक्षक ITI में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और उन्हें नियमित रूप से बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
विज्ञापन
गुजरात की सरकारी और अनुदान-सहायता प्राप्त आईटीआई में विभिन्न व्यवसायों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए अतिथि पर्यवेक्षक प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाती हैं। ये प्रशिक्षक विद्यार्थियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देते हैं।
विभाग की ओर से इस संबंध में हाल ही में प्रस्ताव प्रकाशित किया गया है। प्रस्ताव के प्रावधानों के अनुसार, मानदेय की संशोधित दरें प्रस्ताव की तारीख से लागू होंगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य की व्यावसायिक प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और कौशल विकास कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
विज्ञापन
श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने मानदेय की नई दरों को मंजूरी दी है। इस निर्णय से प्रशिक्षण क्षेत्र में कार्यरत अतिथि पर्यवेक्षक प्रशिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ उनकी सेवाओं को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। इसके तहत अतिथि पर्यवेक्षक प्रशिक्षकों को अब प्रति घंटे 180 रुपये मिलेंगे। पहले यह दर 90 रुपये थी। दैनिक अधिकतम मानदेय भी 540 रुपये से बढ़ाकर 1,080 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह मासिक अधिकतम सीमा 14,040 रुपये से बढ़ाकर 28,080 रुपये कर दी गई है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया और राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया के नेतृत्व में लिया गया है। राज्य सरकार के मुताबिक, मानदेय बढ़ने से अधिक योग्य प्रशिक्षक ITI में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और उन्हें नियमित रूप से बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा।
विज्ञापन
गुजरात की सरकारी और अनुदान-सहायता प्राप्त आईटीआई में विभिन्न व्यवसायों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए अतिथि पर्यवेक्षक प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाती हैं। ये प्रशिक्षक विद्यार्थियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देते हैं।
विभाग की ओर से इस संबंध में हाल ही में प्रस्ताव प्रकाशित किया गया है। प्रस्ताव के प्रावधानों के अनुसार, मानदेय की संशोधित दरें प्रस्ताव की तारीख से लागू होंगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य की व्यावसायिक प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी और कौशल विकास कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार आएगा।