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सेहत: पांच मिनट तेज टहलने से 10% घट जाता मृत्यु का जोखिम, नींद और खान-पान में छोटा सुधार बढ़ा सकता है इतनी उम्र
Thu, 15 Jan 2026 05:26 AM IST
देवेश त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Thu, 15 Jan 2026 05:26 AM IST
सार
रिसर्च में यह भी चेतावनी दी गई है कि लगातार बैठे रहने से मौत का खतरा बढ़ता है। अगर व्यक्ति दिन भर में अपने बैठने के समय को 30 मिनट कम कर देता है, तो उसकी अकाल मृत्यु की संभावना सात फीसदी तक कम हो जाती है।
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दिनभर बैठे रहने से भी बढ़ता है जोखिम
- फोटो : AI Generated
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विस्तार
रोजाना महज पांच मिनट तेज कदमों से टहलने से मृत्यु का जोखिम 10 फीसदी तक कम होता है। अपनी जीवनशैली में इसी तरह के छोटे-छोटे बदलाव करने वाले व्यक्ति स्वस्थ और लंबा जीवन जी सकते हैं।
द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, शारीरिक गतिविधि, नींद और खान-पान में मामूली सुधार सेहत के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं। वहीं, अगर व्यक्ति अपनी नींद में केवल पांच मिनट का इजाफा करते हैं और अपनी खानपान में संतुलित आहार में को शामिल करते हैं, तो इससे सबसे खराब दिनचर्या वाले व्यक्ति की उम्र में भी एक साल की बढ़ोतरी हो सकती है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और चिली के विशेषज्ञों ने 60,000 से अधिक लोगों पर किए गए शोध के आधार पर इसका खुलासा किया है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जब नींद, व्यायाम और अच्छा खाना एक साथ मिलते हैं, तो इनका असर व्यक्तिगत बदलावों से कहीं अधिक होता है। शोधकर्ताओं ने सबसे खराब दिनचर्या में पांच घंटे की नींद और 10 मिनट से कम व्यायाम और सबसे बेहतरीन दिनचर्या में सात से आठ घंटे की नींद व 40 मिनट के व्यायाम, अच्छे आहार को बताया है।
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ये भी पढ़ें: उपलब्धि: नए एआई सिस्टम से ल्यूकेमिया की सटीक पहचान, डॉक्टरों को पीछे छोड़ा; इलाज में मिलेगी मदद
क्या है ब्रिक्स वॉक?
अगर आप लगभग पांच किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलते हैं, तो इसे ब्रिस्क वॉकिंग माना जाता है। इसकी सबसे बेहतरीन पहचान यह है कि चलते समय बात तो कर सकते हैं, लेकिन गाना नहीं गा सकते, यानी जब सांस थोड़ी तेज चलती है। इसमें दिल की धड़कन बढ़ जाती है और शरीर में थोड़ी गर्मी महसूस होने लगती है या हल्का पसीना आने लगता है। एजेंसी
सटीक आंकड़ों के लिए रिस्ट वियरेबल डिवाइसेस का इस्तेमाल
वैज्ञानिकों ने अध्ययन में शामिल लोगों के एक समूह को एक हफ्ते तक कलाई पर पहनने वाला डिजिटल डिवाइस पहनाया गया। इससे उनकी हर गतिविधि, जैसे चलने की गति और बैठने के समय को बारीकी से रिकॉर्ड किया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव असल में कितना फायदा पहुंचाते हैं।
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द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, शारीरिक गतिविधि, नींद और खान-पान में मामूली सुधार सेहत के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं। वहीं, अगर व्यक्ति अपनी नींद में केवल पांच मिनट का इजाफा करते हैं और अपनी खानपान में संतुलित आहार में को शामिल करते हैं, तो इससे सबसे खराब दिनचर्या वाले व्यक्ति की उम्र में भी एक साल की बढ़ोतरी हो सकती है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और चिली के विशेषज्ञों ने 60,000 से अधिक लोगों पर किए गए शोध के आधार पर इसका खुलासा किया है।
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शोधकर्ताओं ने पाया कि जब नींद, व्यायाम और अच्छा खाना एक साथ मिलते हैं, तो इनका असर व्यक्तिगत बदलावों से कहीं अधिक होता है। शोधकर्ताओं ने सबसे खराब दिनचर्या में पांच घंटे की नींद और 10 मिनट से कम व्यायाम और सबसे बेहतरीन दिनचर्या में सात से आठ घंटे की नींद व 40 मिनट के व्यायाम, अच्छे आहार को बताया है।
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क्या है ब्रिक्स वॉक?
अगर आप लगभग पांच किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलते हैं, तो इसे ब्रिस्क वॉकिंग माना जाता है। इसकी सबसे बेहतरीन पहचान यह है कि चलते समय बात तो कर सकते हैं, लेकिन गाना नहीं गा सकते, यानी जब सांस थोड़ी तेज चलती है। इसमें दिल की धड़कन बढ़ जाती है और शरीर में थोड़ी गर्मी महसूस होने लगती है या हल्का पसीना आने लगता है। एजेंसी
सटीक आंकड़ों के लिए रिस्ट वियरेबल डिवाइसेस का इस्तेमाल
वैज्ञानिकों ने अध्ययन में शामिल लोगों के एक समूह को एक हफ्ते तक कलाई पर पहनने वाला डिजिटल डिवाइस पहनाया गया। इससे उनकी हर गतिविधि, जैसे चलने की गति और बैठने के समय को बारीकी से रिकॉर्ड किया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव असल में कितना फायदा पहुंचाते हैं।
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