लोकतंत्र सूचकांक में भारत की रैंकिंग गिरी: चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- 1975 के बाद सबसे कम स्कोर कैसे?
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने वी-डेम के चुनावी लोकतंत्र सूचकांक में भारत की 106वीं रैंक पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2025 में भारत का स्कोर 0.38 रहा, जो 1975 के बाद सबसे निचला स्तर है। आईए जानतें है कि रिपोर्ट ने भारत को किस श्रेणी में रखा है?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने मंगलवार को वी-डेम के ‘चुनावी लोकतंत्र सूचकांक' में 179 देशों में भारत की 106वीं रैंक की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि यह 1975 के बाद से सूचकांक में सबसे निचला स्कोर है।
चिदंबरम ने एक्स पर क्या लिखा?
चिदंबरम ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘चुनावी लोकतंत्र सूचकांक में भारत 179 देशों में 106वें स्थान पर है। भारत के लिए वी-डेम का लोकतंत्र सूचकांक स्कोर 1975 के बाद से सबसे निचले स्तर पर है।’ कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेरती रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कई मौकों पर वोट चोरी का आरोप लगाया है।
वी-डेम ने भारत को कितना स्कोर दिया?
वी-डेम ने चुनावी लोकतंत्र सूचकांक पर वर्ष 2025 के लिए भारत को 0.38 का स्कोर दिया है, जिससे देश 106 वें स्थान पर है। लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स पर भारत 0.26 के स्कोर के साथ 105वें स्थान पर है।
कैसे स्कोर देता है वी-डेम?
वी-डेम जनसंख्या-भारित उपायों का उपयोग करता है, जो यह दर्शाता है कि औसत वैश्विक नागरिक सांख्यिकीय रूप से किस हद तक लोकतंत्र का आनंद लेता है। यह देश के औसत का उपयोग करके सेशेल्स या तिमोर-लेस्ते जैसे छोटे देशों में हुई प्रगति को भारत या संयुक्त राज्य अमेरिका के समान महत्व देता है। इस संस्थान ने भारत को चुनावी तानाशाही की श्रेणी में रखा है।
भारत को किस श्रेणी में रखा गया है?
रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण और मध्य एशिया में, नेपाल और श्रीलंका में केवल 2 प्रतिशत लोग ही चुनावी लोकतंत्र का लाभ उठा पाते हैं। वहीं, बहुत ही कम संख्या में लोग भूटान, मंगोलिया और मालदीव जैसे तीन ग्रे जोन' वाले लोकतंत्रों में रहते हैं। इसने भारत को किर्गिस्तान और पाकिस्तान के साथ चुनावी तानाशाही वाली श्रेणी में रखा है। जबकि अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को बंद तानाशाही वाले देशों के तौर पर वर्गीकृत किया है।
भारत में, वी-डेम पार्टी 2009 से धीरे-धीरे तानाशाही के उदय की वकालत करती है। लोकतांत्रिक संस्थानों के व्यवस्थित विघटन का दावा करती है। इसने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया की स्वतंत्रता में गिरावट, सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों के उत्पीड़न और नागरिक समाज तथा विपक्ष पर हमलों को इस गिरावट के कारणों के रूप में उजागर किया।
वी-डेम इंस्टीट्यूट का नेतृत्व एसोसिएट प्रोफेसर स्टीवन विल्सन कर रहे हैं। यह स्वीडन के गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में स्थित है।