मौसम का कहर: पूर्वोत्तर भारत में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन, अरुणाचल और सिक्किम में भयावह मंजर; IMD ने क्या कहा?
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अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण अंजॉ जिले में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मौसम की मार में सेना का एक शिविर भी प्रभावित हुआ है। अंजॉ जिला आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से जारी सूचना और वीडियो-फोटो में भयावह मंजर देखा जा सकता है। मूसलाधार बारिश के बाद रास्तों पर जलभराव और तेज प्रवाह दिख रहा है।
#WATCH | Arunachal Pradesh: Heavy rain triggered a flood-like situation in Anjaw district, affecting an Army camp.
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(Source: District Disaster Management Department, Arunachal Pradesh) (15.08) pic.twitter.com/JuvHLh2Gyk— ANI (@ANI) August 15, 2026
सिक्किम में भूस्खलन का कहर
अरुणाचल प्रदेश के अलावा सिक्किम में भी भीषण भूस्खलन हुआ है। पश्चिम सिक्किम के रिम्बी और सिंगलिटम क्षेत्रों में आई आपदा से जुड़े विजुअल राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसी की तरफ से जारी किए गए हैं। इसी बीच मौसम विभाग की तरफ से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक कई शहरों में 18-19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा। फिलहाल राहत के कोई आसार नहीं हैं।
#WATCH | West Sikkim: Massive landslides occurred in the Rimbi and Singlitam areas. (15.08)
— ANI (@ANI) August 15, 2026
(Source: SDM) pic.twitter.com/h5X1otIIwI
हिमाचल में कितना नुकसान?
पूर्वोत्तर के अलावा पहाड़ी प्रदेश हिमाचल प्रदेश में भी मानसून के दौरान हुई बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से भारी तबाही मची है। मौसम विभाग और राज्य सरकार के मुताबिक 30 जून से 15 अगस्त के बीच बारिश और मौसम की मार के कारण 183 लोगों की मौत हुई। आर्थिक नुकसान 972 करोड़ रुपये से अधिक का हुआ है।
आंकड़ों की नजर से मौसम का कहर
- 183 मौतें: 79 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से जुड़ी घटनाओं में हुई, जबकि 104 की जान सड़क हादसों में गई।
- 972 करोड़ का नुकसान: राज्य में कुल आर्थिक नुकसान 972.64 करोड़ रुपये आंका गया है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है।
- 291 घायल: मानसून से जुड़ी घटनाओं में 291 लोग घायल और 31 लोग लापता हैं। 732 से अधिक पशु भी मारे गए हैं।
- 103 सड़कें बंद: 15 अगस्त शाम तक राज्य में 103 सड़कें बंद थीं। मंडी में 43 और कुल्लू में 32 सड़कें प्रभावित हैं।
- 221 जल योजनाएं प्रभावित: राज्य में 221 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हैं, जिनमें अकेले मंडी की 209 योजनाएं शामिल हैं। प्रशासन राहत और बहाली कार्य में जुटा है।