{"_id":"6a8f67b67d3d53c9d9072bb3","slug":"infectious-disease-testing-network-732-crore-new-labs-india-2026-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"संक्रामक रोगों की जांच का नेटवर्क होगा मजबूत: कितना खर्च करेगी सरकार, खुलेंगी नई लैब; किन इलाकों पर फोकस?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
संक्रामक रोगों की जांच का नेटवर्क होगा मजबूत: कितना खर्च करेगी सरकार, खुलेंगी नई लैब; किन इलाकों पर फोकस?
सार
सरकार संक्रामक रोगों की जांच सुविधा बढ़ाने पर जोर दे रही है। अगले पांच साल में 732 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नई लैब भी खोली जाएंगी। दूरदराज और सीमावर्ती इलाके भी इसमें शामिल होंगे। इस पहल पर कितना खर्च आएगा और कितना असर होगा? पढ़िए रिपोर्ट
विज्ञापन
देश में मजबूत होगा संक्रामक रोगों की जांच का नेटवर्क
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में नई और तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की पहचान अब दूरदराज के इलाकों में भी पहले से जल्दी हो सकेगी। सरकार ने अगले पांच साल में 732.304 करोड़ रुपये से देश के हर हिस्से में वायरल बीमारियों की जांच के लिए नेटवर्क बनाने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार उन इलाकों में नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने पर जोर दे रही है, जहां अभी संक्रामक बीमारियों की उन्नत जांच की पर्याप्त सुविधा नहीं है।
अब तक इस नेटवर्क में मेडिकल कॉलेजों और शोध संस्थानों की बड़ी भूमिका रही है। अब सरकार व्यवस्था को जिला स्तर तक ले जाने की संभावना पर काम कर रही है। हालांकि, भी संख्या तय नहीं हुई है। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में 167 वायरस अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं।
ये भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट विस्तार की तैयारी: युवाओं-महिलाओं को मिलेगी जगह, 70+ उम्र के मंत्रियों पर क्या होगा फैसला?
विज्ञापन
सीमावर्ती इलाकों पर नजर
सरकार दूरदराज और कम सुविधा वाले क्षेत्रों को लेकर खासतौर पर चिंतित है। पूर्वोत्तर राज्यों, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे इलाकों में अब भी जांच सुविधा के विस्तार की जरूरत बताई गई है। इन क्षेत्रों में संस्थानों की उपलब्धता कम होने पर मौजूदा नियमों में विशेष प्रावधान करने की सिफारिश की गई है। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में प्रयोगशालाओं के लिए प्रस्ताव मिल रहे हैं। लेह, दादरा एवं नगर हवेली और नागालैंड के प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन हैं।
विज्ञापन
अब तक इस नेटवर्क में मेडिकल कॉलेजों और शोध संस्थानों की बड़ी भूमिका रही है। अब सरकार व्यवस्था को जिला स्तर तक ले जाने की संभावना पर काम कर रही है। हालांकि, भी संख्या तय नहीं हुई है। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में 167 वायरस अनुसंधान एवं निदान प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट विस्तार की तैयारी: युवाओं-महिलाओं को मिलेगी जगह, 70+ उम्र के मंत्रियों पर क्या होगा फैसला?
विज्ञापन
सीमावर्ती इलाकों पर नजर
सरकार दूरदराज और कम सुविधा वाले क्षेत्रों को लेकर खासतौर पर चिंतित है। पूर्वोत्तर राज्यों, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे इलाकों में अब भी जांच सुविधा के विस्तार की जरूरत बताई गई है। इन क्षेत्रों में संस्थानों की उपलब्धता कम होने पर मौजूदा नियमों में विशेष प्रावधान करने की सिफारिश की गई है। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में प्रयोगशालाओं के लिए प्रस्ताव मिल रहे हैं। लेह, दादरा एवं नगर हवेली और नागालैंड के प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन हैं।