'क्या आरएसएस पर कोई केस है?': प्रियांक खरगे के जवाब पर भाजपा का तंज, कहा- आपके मंत्रालय ने किया फैक्ट-चेक
कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस आरएसएस को लेकर आमने-सामने है। दरअसल, गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने विधान परिषद में कहा कि आरएसएस के खिलाफ सांप्रदायिक दंगों या किसी अपराध का कोई मामला दर्ज नहीं है। अब भाजपा ने इस बयान को खरगे के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे बुधवार को भाजपा नेता चलावदी नारायणस्वामी के एक सवाल के जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ सांप्रदायिक दंगों या किसी अन्य अपराध का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
नारायणस्वामी ने क्या जवाब मांगा था?
खरगे का यह बयान विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावदी नारायणस्वामी के एक सवाल के जवाब में आया है। नारायणस्वामी ने आरएसएस के खिलाफ दर्ज मामलों, सांप्रदायिक दंगों में उसकी भूमिका और उसके रूट मार्च (पथसंचलन) व रोजीना की सभाओं (शाखाओं) के दौरान हुई किसी भी अप्रिय घटना के बारे में जानकारी मांगी थी।
खरगे ने विधान परिषद में लिखित जवाब में कहा, ‘कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।' भाजपा ने खरगे के इस जवाब का इस्तेमाल उन पर निशाना साधने के लिए किया। खरगे आरएसएस के मुखर आलोचक रहे हैं। इसके साथ ही संगठन की कानूनी स्थिति से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं।
नारायणस्वामी ने एक्स पर क्या कहा?
एक्स पर खरगे का लिखित जवाब पोस्ट करते हुए नारायणस्वामी ने कहा, 'गृह मंत्री प्रियांक खरगे, जो लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ नफरत, ईर्ष्या और दुश्मनी की राजनीति करते रहे हैं। एक ऐसा संगठन जिसका मूल सिद्धांत देशभक्ति है। गृह मंत्री दस्तावेज खुद सच बयां करते हैं। आरएसएस के खिलाफ गृह मंत्री की राजनीतिक बदले की भावना का पर्दाफाश हो गया है।'
नारायणस्वामी ने क्या सवाल पूछा?
विपक्ष के नेता ने खरगे से यह भी पूछा कि जब उनके अपने विभाग ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि कोई मामला या किसी अप्रिय घटना का कोई रिकॉर्ड नहीं है, तो वे आरएसएस के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम क्यों करते रहते हैं?
'आरएसएस के खिलाफ ध्यान क्यों केंद्रिय'?
उन्होंने पूछा, 'राज्य के गृह विभाग का प्रभावी ढंग से नेतृत्व करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति होने के नाते, आप कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय आरएसएस को निशाना बनाकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में क्यों लगे हैं? जब राज्य को कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, तो आपका ध्यान आरएसएस के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना पर क्यों केंद्रित है?'
सुनील कुमार ने क्या कहा?
पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक सुनील कुमार ने दिसंबर 2025 में विधानसभा में तत्कालीन गृह मंत्री जी. परमेश्वर द्वारा दिए गए इसी तरह के जवाब और काउंसिल में खरगे के जवाब का जिक्र करते हुए कहा, दो गृह मंत्री, एक संगठन। प्रियांक खरगे, जो गृह मंत्री होने के नाते दिन-रात आरएसएस के खिलाफ नफरत फैलाते हैं। देखिए आपने काउंसिल में उस संगठन के बारे में क्या लिखा है।'
कर्नाटक भाजपा ने क्या पोस्ट किया?
कर्नाटक भाजपा ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से खरगे पर तंज कसते हुए कहा, 'सोचिए, किसी देशभक्त संगठन से इतनी नफरत करना और फिर अपनी ही मिनिस्ट्री द्वारा सबके सामने फ़ैक्ट-चेक हो जाना।और सबसे मजेदार बात? उस पर उन्हीं के हस्ताक्षर थे!'
खरगे ने क्या पलटवार किया?
भाजपा की पोस्ट का जवाब देते हुए मंत्री खरगे ने एक्स पर पोस्ट कहा, 'भाजपा आप सही सवाल पूछकर आरएसएस को शर्मनाक स्थिति में डाल रहे हैं। अगर आप ऐसे संगठन के बारे में पूछते हैं जिसका कोई औपचारिक कानूनी अस्तित्व नहीं है, तो जाहिर है जवाब नहीं ही होगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'क्या आप बेवकूफों को पता नहीं है? आरएसएस कोई रजिस्टर्ड संगठन नहीं है। यह औपचारिक मेंबरशिप कार्ड भी जारी नहीं करता है। इसलिए जब इससे जुड़े लोगों पर अपराध का आरोप लगता है, तो उन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए जाते हैं।
भाजपा के ऑफिस को लेकर क्या कहा?
यह बताते हुए कि बंगलूरू और दिल्ली में भाजपा के ऑफिस भी रजिस्टर्ड नहीं हैं। खरगे ने कहा, 'असल मुद्दा यही है। बिना जवाबदेही के प्रभाव। अपने नाम पर मालिकाना हक़ के बिना संपत्ति। औपचारिक मेंबरशिप के बिना सदस्य। बिना जवाबदेही के सत्ता।' उन्होंने कहा, 'इसीलिए मैं आरएसएस से कह रहा हूं कि वह खुद को रजिस्टर कराए, एक पारदर्शी कानूनी ढांचे के दायरे में आए और अपने अकाउंट, संपत्ति, फंडिंग और देनदारियों का खुलासा करे।'