पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ISI Kolkata Hate Graffiti Row: Students Hold Rally, Put Up Posters Promoting Inclusiveness

Kolkata: कोलकाता के आईएसआई में नफरती संदेश पर बवाल, छात्रों ने निकली रैली; पोस्टर लगाकर दिया समावेशन का संदेश

Sun, 16 Nov 2025 12:47 AM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 16 Nov 2025 12:47 AM IST
सार

कोलकाता स्थित इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट में नफरती ग्रैफिटी मिलने के बाद छात्रों व शोधार्थियों ने पोस्टर लगाए और कैंपस में रैली निकाली। संस्थान ने मामले की जांच शुरू की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठी।

विज्ञापन
ISI Kolkata Hate Graffiti Row: Students Hold Rally, Put Up Posters Promoting Inclusiveness
दिल्ली आतंकी हमले के बाद कोलकाता के शिक्षण संस्थान में लिखे नफरत भरे संदेश - फोटो : isical.ac.in

विस्तार

कोलकाता के इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट में हाल ही में एक समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक ग्रैफिटी मिलने के बाद माहौल गर्मा गया। इस घटना से नाराज छात्रों और शोधार्थियों ने कैंपस में पोस्टर लगाए और शांति मार्च निकालकर विरोध जताया। यह ग्रैफिटी भारतीय सांख्यिकी संस्थान के पुरुष हॉस्टल के पास मिली थी। खास बात यह है कि यह घटना दिल्ली के लाल किला धमाके (जिसमें 13 लोगों की जान गई थी) के अगले ही दिन सामने आई। दीवारों पर लिखे संदेश एक खास समुदाय को सीधे तौर पर निशाना बना रहे थे।

विज्ञापन


छात्रों के पोस्टर: ‘धार्मिक नफरत की कोई जगह नहीं’
भारतीय सांख्यिकी संस्थान के छात्रों ने परिसर में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए, जिन पर लिखा था “धार्मिक कट्टरपंथियों के लिए कोई जगह नहीं” और “धर्म, लिंग, जाति और पंथ के आधार पर सदस्यता पर कोई प्रतिबंध नहीं”। शोधार्थी रणवीर कुमार ने बताया कि शुक्रवार को छात्रों ने कैंपस में रैली भी निकाली। उन्होंने कहा ISI एक ऐसा संस्थान है जो सदैव बहुलवाद, सेक्युलरिज्म और विविधता में एकता का प्रतिनिधित्व करता है। हम इसकी छवि खराब करने की कोशिशों का विरोध करते हैं। रैली में न केवल छात्र, बल्कि कई फैकल्टी सदस्य भी शामिल हुए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- 'पू्र्वी प्रचंड प्रहार': भारत-चीन सीमा पर तीनों सेनाओं ने दिखाई ताकत; ओड़िशा में तटरक्षक बल का भी अभ्यास
विज्ञापन
विज्ञापन


दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
छात्रों ने इस घटना की तीखी निंदा की है और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। आईएसआई की निदेशक संघमित्रा बंदोपाध्याय ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि संस्थान हमेशा से ही बहुतलतावादी परंपराओं के लिए खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने हितधारकों में बिना किसी लिंग-आधारित, धार्मिक और भाषाई भेदभाव के खिलाफ शैक्षणिक और शोध की उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया है। 

ये भी पढ़ें:- विजेता 243 विधायकों में से 130 दागी, 90 फीसदी करोड़पति; जानिए बिहार विधानसभा के नए सदस्यों की कुंडली

उन्होंने कहा कि हम इस मामले में शामिल शख्स या समूह को खोजने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर परीक्षाएं खत्म होने के बाद हम इसमें शामिल पाए गए लोगों की काउंसलिंग करेंगे और सुधार के लिए अन्य उपाय भी अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि आईएसआई का गौरवाशाली इतिहास रहा है और यहां इस तरह की कोई प्रथा या परंपरा नहीं रही है। उन्होंने कहा कि इस कृत्य की निंदा करने और ऐसे किसी अन्य नफरत से भरे पोस्टर पर प्रतिबंध लगाने के लिए संस्थान के आंतरिक ग्रुप में अपलोड किया जा रहा है। आईएसआई की निदेशक ने कहा कि जिस इलाके में ये नफरत भरा संदेश लिखा गया था, वो पूरी तरह से सीसीटीवी की कवरेज में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि हम उस हिस्से की फुटेज की जांच कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed