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कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई?: जिन्हें बनाया गया NSCS का सैन्य सलाहकार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान थे DGMO
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Rahul Kumar
Updated Fri, 12 Jun 2026 06:21 PM IST
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सार
भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में नया सैन्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ वह इस पद पर नियुक्त होने वाले देश के पहले सेवारत वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बन गए हैं। उनकी नियुक्ति को देश के राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सेना के उप-प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) रहे लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) का नया सैन्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की ओर से सबसे अधिक चर्चित अधिकारियों में रहे थे। सैन्य अभियान महानिदेशक के रूप में उन्होंने अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पहले सेवारत अधिकारी जो बने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के सलाहकार
सेना के उप-प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का नया सैन्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। वे इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले सेवारत अधिकारी हैं। जानकारी के मुताबिक, वह जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि की जगह लेंगे, जिन्हें हाल ही में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया है।
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उनसे पहले इस पद पर रहे लेफ्टिनेंट जनरल विनोद जी. खंडारे (सेवानिवृत), जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत), एयर मार्शल संदीप सिंह (सेवानिवृत) और जनरल राजा सुब्रमणि ने अपनी सेवा से रिटायर होने के बाद ही इस जिम्मेदारी को संभाला था। वे इस पद पर नियुक्त होने वाले ऐसे पहले अधिकारी भी होंगे जो आर्मी कमांडर या उसके बराबर के पद पर नहीं रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनमें पहले के दो सैन्य अधिकारी जनरल अनिल चौहान और जनरल राजा सुब्रमणि इस पद के बाद सीडीएस नियुक्त किए गए थे।
वर्तमान में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई सेना मुख्यालय में उप प्रमुख (रणनीति) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इस पद पर जनरल एनएस राजा सुब्रमणी का स्थान लिया है। राजा सुब्रमणि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार रहने के बाद हाल ही में देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किए गए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार का पद रक्षा और सुरक्षा मामलों में सरकार को रणनीतिक सलाह प्रदान करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को सैन्य मामलों से संबंधित विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश सैन्य आधुनिकीकरण, संयुक्त सैन्य संरचना और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सक्रिय सेवा में रहते हुए उनके व्यापक परिचालन और रणनीतिक अनुभव का लाभ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को मिलेगा।
क्या है एनएससीएस?
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के अधीन कार्य करता है और देश की सुरक्षा एवं रणनीतिक नीतियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कौन हैं राजीव घई?
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अक्टूबर 2024 को डीजीएमओ के पद पर ज्वाइन किया था। इस महत्वपूर्ण पदभार को संभालने से पहले, वह चिनार कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग जीसीओ के पद पर तैनात थे। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को कश्मीर घाटी और नियंत्रण रेखा पर आतंकवाद विरोधी अभियानों का विशेषज्ञ माना जाता है। ऑपरेशन सिंदूर में भी इनकी अहम भूमिका रही है। रक्षा अलंकरण समारोह 2025 (द्वितीय चरण) के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को उत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया था।