Civic Polls: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के लिए वोटिंग से पहले सियासत तेज, एकनाथ शिंदे के इस बयान से बढ़ा विवाद
15 जनवरी को होने वाले मुंबई और ठाणे नगर निगम चुनाव में राजनीतिक हलचल तेज है। ठाणे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महायुति गठबंधन की जीत का दावा करते हुए वोटरों को चेताया कि वोट डालते समय कोई गड़बड़ी न करें। दूसरी ओर मुंबई में कांग्रेस प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने चुनावी नियमों के उल्लंघन और स्पीकर राहुल नारवेकर के दबाव का आरोप लगाया।
विस्तार
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी सातवें आसमान पर है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के द्वारा ठाणे में रोडशो के दौरान दिया गया बयान भी खूब चर्चा में है। बता दें कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को अपने गृह जिले ठाणे में आयोजित रोडशो के दौरान वोटरों को चेतावनी भरे शब्दों में एक बयान दिया था। उन्होंने कहा कि 'वोट डालते समय कोई गड़बड़ी न करें, वरना हम पैसे बांटते समय गड़बड़ी करेंगे'।
शिंदे ने रोडशो के दौरान महायुति गठबंधन की जीत का दावा करते हुए लोगों से ‘धनुष-बाण’ ( शिंदे गुट की शिवसेना) और ‘कमल’ (भाजपा) के बटन दबाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ठाणे के वार्डों के विकास के लिए कोई पैसा कम नहीं होने देंगे, इसलिए मतदाता सही बटन दबाएं।
ठाकरे बंधुओं के साथ पर भी बोले शिंदे
बता दें कि रोडशो चंदनवाड़ी, सिद्धेश्वर लेक, लोकमान्य नगर डिपो और वार्टकनगर जैसे प्रमुख इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान शिंदे ने हाल ही में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच हुई सुलह का चुनाव पर कोई असर न होने देने की बात भी कही। उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास ठोस मुद्दे नहीं हैं और मतदाता विकास, स्थिरता और भरोसा को प्राथमिकता देंगे।
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कांग्रेस ने चुनावी नियमों के उल्लंघन और स्पीकर पर आरोप लगाए
दूसरी ओर नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस की प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने बड़े पैमाने पर चुनावी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया और महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नारवेकर पर मतदाताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। गायकवाड़ ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद मतदाताओं को लुभाया और दबाव डाला जा रहा है, जो चुनाव नियमों का गंभीर उल्लंघन है। उनका आरोप है कि राज्य चुनाव आयोग ने इन गड़बड़ियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
चुनावों को पक्षपाती बनाने का आरोप- गायकवाड़
इस दौरान वर्षा गायकवाड़ ने यह भी कहा कि नकली मतदाता जोड़े जा रहे हैं और कुछ विधायक मतदाताओं को यह भी बता रहे हैं कि कौन सा बटन दबाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाईयों से चुनावों को असंपूर्ण और पक्षपाती बनाया जा रहा है। गायकवाड़ ने कहा कि इससे लोकतंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठते हैं और स्पीकर, जो निष्पक्ष होने चाहिए, वह संवैधानिक रूप से पक्षपाती व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई करने और चुनाव प्रक्रिया की ईमानदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
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प्रकाश आंबेडकर बोले- खाली सरकारी जमीन मराठी लोगों को घर देने में इस्तेमाल होगी
वहीं वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने सोमवार को कहा कि मुंबई में खाली सरकारी जमीनों का उपयोग मराठी भाषी लोगों को घर देने और उनकी आबादी बढ़ाने के लिए किया जाएगा।आंबेडकर ने यह बयान VBA-कांग्रेस गठबंधन के समर्थन में आयोजित रैली के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को 15 जनवरी के चुनाव में गठबंधन को वोट देना चाहिए ताकि भाजपा को शिकस्त का संदेश जाए।
इस दौरान डॉ. बीआर. आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल कर दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। वीबीए ने इस बार कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है। इन सभी घटनाओं से साफ है कि 15 जनवरी को होने वाले ठाणे और मुंबई नगर निगम चुनाव में राजनीतिक बयानबाज़ी, विकास और मतदाता दबाव जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। चुनाव परिणाम 16 जनवरी को घोषित होंगे, और इनसे शहरों की राजनीति पर असर पड़ेगा।
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