Maharashtra Politics: 'नतीजों के बाद शिवसेना ने हमसे संपर्क किया था', AIMIM के महाराष्ट्र अध्यक्ष का बड़ा दावा
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने दावा किया कि शिवसेना ने चुनाव बाद गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, जिसे ठुकरा दिया गया। एआईएमआईएम ने भाजपा और शिंदे शिवसेना से दूरी बनाए रखने की बात कही। वहीं, चुनाव में हार के बाद अजित पवार ने एनसीपी पार्षदों की बैठक की है। आइए इस खबर को विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के नतीजे आने के बाद सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव परिणामों के बाद जहां सत्ता के नए समीकरण बनने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, वहीं अब गठबंधन को लेकर चौंकाने वाले दावे भी सामने आ रहे हैं। एआईएमआईएम के महाराष्ट्र अध्यक्ष और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने दावा किया है कि चुनाव के बाद शिवसेना ने उनकी पार्टी से संपर्क किया था, लेकिन इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया गया।
इम्तियाज जलील के मुताबिक, कुछ नगर निकायों में किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में चुनाव बाद गठबंधन की कोशिशें स्वाभाविक हैं। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम भाजपा और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को छोड़कर अन्य दलों के साथ सम्मानजनक प्रस्ताव मिलने पर गठबंधन पर विचार कर सकती है। हालांकि शिवसेना और कांग्रेस की ओर से आए कथित प्रस्तावों को एआईएमआईएम ने स्वीकार नहीं किया।
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शिवसेना से दूरी का एलान
एआईएमआईएम नेता ने साफ कहा कि उनकी पार्टी शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ किसी भी हाल में हाथ नहीं मिलाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मालेगांव जैसे इलाकों में भी शिवसेना के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया है। जलील का कहना है कि एआईएमआईएम का उद्देश्य भाजपा और शिंदे शिवसेना को सत्ता से दूर रखना है, इसके लिए अन्य दलों के साथ विकल्प खुले रखे गए हैं।
नगर निकाय चुनावों में एआईएमआईएम का प्रदर्शन
- इम्तियाज जलील के अनुसार एआईएमआईएम का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है।
- हालिया नगर निकाय चुनावों में एआईएमआईएम ने 125 पार्षद सीटें जीतीं।
- पार्टी ने चुनावी नतीजों को अपने बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का संकेत बताया।
- एआईएमआईएम ने आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में भी उतरने का एलान किया।
- पार्टी शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी संगठन मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
अजित पवार की हार के बाद नई रणनीति
इस बीच, चुनावों में करारी हार के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे में नवनिर्वाचित एनसीपी पार्षदों की बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने पार्षदों को अगले पांच साल के लिए रोडमैप समझाया और लोगों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की हिदायत दी। एनसीपी नेताओं के अनुसार, अजित पवार ने साफ किया कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना ही पार्टी की प्राथमिकता होगी।
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मेयर चयन से पहले भाजपा पार्षदों को मुंबई छोड़ने पर रोक
भाजपा ने नवनिर्वाचित पार्षदों को अगले आठ से 10 दिनों तक मुंबई न छोड़ने का निर्देश दिया है। पार्टी का कहना है कि मेयर पद के आरक्षण और नगर निगम गठन से जुड़े अहम घटनाक्रम इस दौरान सामने आ सकते हैं। 22 जनवरी को मेयर पद के लिए लॉटरी निकाली जानी है।
महाराष्ट्र में मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा होता है और यह पद रोटेशन के आधार पर आरक्षित रहता है। जनवरी 15 को हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 227 में से 89 सीटें जीतकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका में सबसे बड़ी पार्टी बनी है। सूत्रों के मुताबिक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी जल्द अपना दल गठित कर सकती है।
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