महाराष्ट्र: मध्य रेलवे के नौ कर्मचारियों को सुरक्षा पुरस्कार से किया गया सम्मानित, सूझबूझ और तत्परता की सराहना
मध्य रेलवे के नौ कर्मचारियों को सोमवार को उनकी सतर्कता, कर्तव्य के प्रति समर्पण और ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए समय पर कार्रवाई करने के लिए सुरक्षा पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को ये पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार में एक पदक, प्रशस्ति प्रमाणपत्र, उत्कृष्ट सुरक्षा कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र और नकद राशि शामिल है।
मध्य रेलवे ने एक बयान में कहा, "ये पुरस्कार कर्मचारियों की सूझबूझ और तत्परता की सराहना के लिए दिए गए हैं। उनकी सतर्कता से संभावित अप्रिय घटनाओं को टालने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली।" रेलवे के अनुसार, विभिन्न मंडलों के पुरस्कार विजेताओं में से मुंबई मंडल के चार कर्मचारियों को असाधारण सतर्कता के लिए सम्मानित किया गया। इनमें से तीन कर्मचारी ठाणे और पनवेल से हैं।
कल्याण में वरिष्ठ ट्रेन प्रबंधक के रूप में कार्यरत राजू किसान राठौड़ को ड्यूटी के दौरान सूझबूझ दिखाने के लिए सम्मानित किया गया। वह ठाणे-अंबरनाथ लोकल ट्रेन में सवार थे, तभी उन्होंने पास की पटरी पर महालक्ष्मी एक्सप्रेस से एक यात्री को गिरते देखा। उन्होंने तुरंत अपनी ट्रेन रोक दी, घायल यात्री को प्राथमिक उपचार दिया और उसे सुरक्षित अंबरनाथ स्टेशन पर पहुंचाया।
पनवेल में वरिष्ठ ट्रेन प्रबंधक सचिन जी. तलेकर को एक वैगन में साइड बेयरर कप टूटा हुआ मिलने पर तत्काल इसकी सूचना देने के लिए सम्मानित किया गया। उनकी सतर्कता से संभावित दुर्घटना को टालने में मदद मिली।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) में फिटर के रूप में कार्यरत विकास कुमार दास को 5 सितंबर को ट्रेन के निरीक्षण के दौरान सीबीसी कपलिंग के हेड के अंदर बारीक दरार का पता लगाने के लिए सम्मानित किया गया। रेलवे के अनुसार, उनकी समय पर दी गई सूचना के कारण आवश्यक कार्रवाई की जा सकी और संभावित दुर्घटना को टालने में मदद मिली।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि उन्होंने ऐसा कोई बॉन्ड भरकर नहीं दिया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने को लेकर फिर से कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे। उल्लेखनीय है कि दीपके की टिप्पणी सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर एहतियातन हिरासत में लिए गए दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। महाराष्ट्र के हिंगोली में अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले दीपके ने नागपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, मैंने किसी भी बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे। हम पीएम मोदी और अमित शाह जैसे लोगों से डरने वाले नहीं हैं। मुझे एक बार जेल में डालो या सौ बार, हम आपकी तानाशाही से नहीं डरते और हम आपकी तानाशाही खत्म करेंगे।