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'सुरक्षा को नहीं दी गई प्राथमिकता': दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ पर ममता गुट का सवाल, कौन से असली गुनहगार?
Mon, 19 Oct 2026 12:03 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
पीटीआई, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
Published by: अमन मौर्या
Updated Mon, 19 Oct 2026 12:03 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल के चोरबागान सर्वजनीन पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद टीएमसी ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि जन सुरक्षा के बजाय दिखावे और पुरस्कारों को प्राथमिकता दी गई?
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ममता बनर्जी, पूर्व मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में हुई भगदड़ पर सवाल उठाया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या 'बेस्ट ऑफ द बेस्ट दुर्गा पूजा' का सम्मान चोरबागान सर्वजनीन को देते समय, जन सुरक्षा के बजाय दिखावे को ज्यादा प्राथमिकता दी गई? सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, पार्टी ने इस पूजा को दिए गए सम्मान पर सवाल उठाए। इस पूजा को 'बेस्ट लाइटिंग', 'बेस्ट पंडाल' और 'सबसे पर्यावरण-अनुकूल पूजा' के लिए भी पुरस्कार मिले थे। बता दें कि इसी जगह पर भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। सूचना और संस्कृति विभाग ने कोलकाता नगर निगम के साथ मिलकर, चोरबागन सर्वजनीन दुर्गोत्सव समिति को 'सेरार सेरा-3' (बेस्ट ऑफ द बेस्ट) देवी दुर्गा सम्मान 2026 दिया था।
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पार्टी ने क्या कहा?
पार्टी ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने आगंतुकों को हुई परेशानियों के लिए पूजा की थीम और कम रोशनी को जिम्मेदार ठहराया। फिर भी, उसी पूजा को 'बेस्ट लाइटिंग', 'बेस्ट पंडाल' और 'सबसे पर्यावरण-अनुकूल पूजा' के लिए सम्मानित किया गया। तो, असल में किस बात का आकलन किया जा रहा था? सुरक्षा से ज्यादा दिखावे का? जवाबदेही से ज्यादा पुरस्कारों का?' पार्ट ने सवाल किया 'जब किसी पूजा को 'सर्वश्रेष्ठ' माना जाता है, तो सार्वजनिक सुरक्षा में चूक होने पर जिम्मेदारी कौन लेगा? यह भगदड़ शनिवार शाम सप्तमी के दिन मची, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए।
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मुख्यमंत्री ने क्या अपील की?
इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने थीम-आधारित दुर्गा पूजा के आयोजकों से अपील की कि वे आयोजन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी का इंतजाम करें और आने-जाने वालों के लिए पर्याप्त प्रवेश और निकास द्वार रखें। उन्होंने कहा कि कई पंडालों में 'थीम पूजा' के नाम पर बहुत कम रोशनी रखी जाती है। उन्होंने आयोजकों से अधिकारियों की सलाह मानने को कहा। बता दें कि कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के आयोजक, शानदार थीम-आधारित पंडालों और सजावट के जरिए लोगों को आकर्षित करने के लिए एक-दूसरे से होड़ करते हैं।
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पार्टी ने क्या कहा?
पार्टी ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने आगंतुकों को हुई परेशानियों के लिए पूजा की थीम और कम रोशनी को जिम्मेदार ठहराया। फिर भी, उसी पूजा को 'बेस्ट लाइटिंग', 'बेस्ट पंडाल' और 'सबसे पर्यावरण-अनुकूल पूजा' के लिए सम्मानित किया गया। तो, असल में किस बात का आकलन किया जा रहा था? सुरक्षा से ज्यादा दिखावे का? जवाबदेही से ज्यादा पुरस्कारों का?' पार्ट ने सवाल किया 'जब किसी पूजा को 'सर्वश्रेष्ठ' माना जाता है, तो सार्वजनिक सुरक्षा में चूक होने पर जिम्मेदारी कौन लेगा? यह भगदड़ शनिवार शाम सप्तमी के दिन मची, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए।
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मुख्यमंत्री ने क्या अपील की?
इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने थीम-आधारित दुर्गा पूजा के आयोजकों से अपील की कि वे आयोजन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी का इंतजाम करें और आने-जाने वालों के लिए पर्याप्त प्रवेश और निकास द्वार रखें। उन्होंने कहा कि कई पंडालों में 'थीम पूजा' के नाम पर बहुत कम रोशनी रखी जाती है। उन्होंने आयोजकों से अधिकारियों की सलाह मानने को कहा। बता दें कि कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के आयोजक, शानदार थीम-आधारित पंडालों और सजावट के जरिए लोगों को आकर्षित करने के लिए एक-दूसरे से होड़ करते हैं।