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ED: मां-बेटे ने फर्जी डिग्री देकर कमाए ₹387 करोड़; देश छोड़कर भागे दोनों आरोपी, भगोड़ा घोषित
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 05 Jan 2026 06:23 PM IST
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सार
फर्जी डिग्री बांटकर आरोपियों ने 387 करोड़ रुपये कमा लिए। जब तक पुलिस एवं अन्य जांच एजेंसियों ने इस केस को खंगालना शुरु किया, मां-बेटा दोनों, देश छोड़ चुके थे। अशोनी कंवर और मनदीप राणा, ये दोनों आरोपी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं।
मानव भारती विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी डिग्री बांटकर आरोपियों ने 387 करोड़ रुपये कमा लिए। जब तक पुलिस एवं अन्य जांच एजेंसियों ने इस केस को खंगालना शुरु किया, मां-बेटा दोनों, देश छोड़ चुके थे। अशोनी कंवर और मनदीप राणा, ये दोनों आरोपी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। ईडी ने इस मामले में अब तक लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं।
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बता दें कि मानव भारती विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अशोनी कंवर और मनदीप राणा, दोनों देश छोड़कर भाग गए थे। शिमला स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने फर्जी डिग्री घोटाले के मामले में दिनांक 03.01.2026 के आदेश द्वारा अशोनी कंवर (माता) और मनदीप राणा (पुत्र) को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है। ईडी ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के धरमपुर पुलिस स्टेशन द्वारा आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी।
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ईडी की जांच में पता चला है कि आरोपी राज कुमार राणा ने अपनी पत्नी अशोनी कंवर और पुत्र मनदीप राणा सहित अन्य सह-आरोपियों की मदद से एजेंटों/छात्रों से पैसे लेकर फर्जी डिग्रियां बेचीं। ये फर्जी डिग्रियां मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन के नाम पर बेची गईं। फर्जी डिग्रियों की बिक्री से प्राप्त अपराध की धनराशि 387 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस अवैध गतिविधि से प्राप्त धन का उपयोग राज कुमार राणा, अशोनी कंवर और मनदीप राणा ने विभिन्न राज्यों में अपने नाम और अन्य संबंधित संस्थाओं के नाम पर विभिन्न चल और अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया।
ईडी ने इस मामले में अब तक लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। पीएमएलए के न्याय निर्णायक प्राधिकरण ने कुर्की की पुष्टि कर दी है। इससे पहले, ईडी ने पीएमएलए, 2002 के तहत राज कुमार राणा, अशोनी कंवर, मनदीप राणा और अन्य सहित 14 व्यक्तियों और 2 संस्थाओं के खिलाफ माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), शिमला, हिमाचल प्रदेश के समक्ष एक अभियोग शिकायत (पीसी) भी दायर की थी। विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने 04.01.2023 को पीसी का संज्ञान लिया और अशोनी कंवर और मनदीप राणा को समन जारी किए। दोनों आरोपियों ने इसका पालन नहीं किया। न्यायालय द्वारा 04.11.2023 को अशोनी कंवर और मनदीप राणा के विरुद्ध अनिश्चितकालीन गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अशोनी कंवर और मनदीप राणा, वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं। दोनों को जांच में शामिल होने के लिए तलब किया गया था, लेकिन वे कभी भी जांच में शामिल नहीं हुए। इसके अलावा, दोनों आरोपियों को भारत वापस लाकर मुकदमे का सामना कराने के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन दोनों आरोपियों ने आपराधिक अभियोजन का सामना करने के लिए भारत लौटने से इनकार कर दिया।
इसके बाद ईडी ने शिमला उप क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा एफईओए, 2018 की धारा 4 के तहत अशोनी कंवर और मनदीप राणा को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए एफईओए, 2018 के तहत एक आवेदन दायर किया गया था। विशेष न्यायालय (पीएमएलए) शिमला ने उक्त आवेदन को स्वीकार कर लिया है।