मोदी की पेट्रोल बचाओ अपील: मेट्रो से यात्रा, काफिले में कौटती, BJP शासित राज्यों के मंत्रियों ने और क्या किया?
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की थी। प्रधानमंत्री ने अपने काफिले की आकर में भी कटौती की है। आईए जानते हैं इसी क्रम में भाजपा शासित राज्यों के मंत्रियों ने क्या-क्या किया है।
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच भारतीय से कुछ चीजें में कटौती करने का आग्रह किया था। इसके बाद भाजपा पर आरोप लगा कि उसके अपने मंत्रियों ने ही रोड शो किए और बड़े-बड़े काफिलों में यात्रा की। जैसे-जैसे आलोचना बढ़ती गई और आक्रोश बढ़ता गया, भाजपा शासित कई राज्यों ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने काफिलों में कटौती करने का फैसला लिया
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किसने क्या किया?
जहां प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के कई मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले का आकार काफी कम कर दिया। वहीं, महाराष्ट्र ने मंत्रियों को अनावश्यक उड़ानों से बचने और वर्चुअल बैठकों का सहारा लेने का निर्देश दिया। मंत्री कपिल मिश्रा और रामदास अठावले बुधवार को मेट्रो से कार्यालय जाते नजर आए। इसके साथ ही महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कान फिल्म महोत्सव के लिए फ्रांस की अपनी यात्रा रद्द कर दी।
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मेट्रो सेवाओं का अधिक उपयोग करने का आग्रह
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर घोषणा की कि दिल्ली सरकार के अधिकारी और सभी मंत्री कम से कम वाहनों का उपयोग करेंगे। कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने दिल्लीवासियों से निजी वाहनों के बजाय बसों और मेट्रो सेवाओं का अधिक उपयोग करने का भी आग्रह किया।
घर से काम करने का आग्रह
खर्च में कटौती के अपने प्रयासों के तहत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के काफिले के आकार में 50% की कमी करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री मोदी की बात को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जनता से ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक रूप से सोना न खरीदने की अपील की। उन्होंने कार्यालयों से घर से काम करने को प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया। उनकी अपील के बाद कई विधायकों को अपने सुरक्षा गार्डों की सुविधा का त्याग करते देखा गया।
गुजरात सरकार ने भी खर्च में कटौती के अभियान के तहत कई व्यापक कदम उठाए। बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सिर्फ तीन वाहनों के काफिले के साथ अमरेली गए। स्वास्थ्य मंत्री और श्रम मंत्री ने अपने साथ वाहन न ले जाने का फैसला किया है। इस बीच, गुजरात के राज्यपाल ने राज्य के भीतर होने वाले कार्यक्रमों के लिए हेलीकॉप्टरों का उपयोग न करने और अंतरराज्यीय यात्रा के लिए ट्रेनों, बसों और सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहने का निर्णय लिया है।