मुंबई: ड्रग्स के बाद अब मिलावटी दूध पर शिकंजा, 598 लीटर मिलावटी दूध जब्त; दो गिरफ्तार
आरोपी नामी कंपनियों के दूध के पैकेटों की सील खोलकर उनमें गंदा पानी मिलाते थे और फिर दोबारा सील कर बाजार में बेच देते थे। इस मिलावटखोरी के रैकेट का भंडाफोड़ एफडीए और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुंबई में ड्रग्स के खिलाफ लगातार चल रही सख्त कार्रवाई के बाद अब मिलावटी खाद्य पदार्थों, खासकर दूध के कारोबार पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने हाल के दिनों में मिलावटी दूध और डेयरी उत्पादों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। इसी कड़ी में मुंबई क्राइम ब्रांच की की कांदिवली यूनिट और एफडीए ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोरेगांव पश्चिम से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो नामी कंपनियों के दूध में अशुद्ध पानी मिलाकर उसे दोबारा सील कर बाजार में बेचने की तैयारी कर रहे थे।
सीनियर इंस्पेक्टर शशिकांत जगदाले ने बताया कि उनकी यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि गोरेगांव पश्चिम के प्रेम नगर स्थित एक कमरे में अमूल और गोकुल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के दूध के पैकेटों से दूध निकालकर उसमें अशुद्ध पानी मिलाया जा रहा है। इसके बाद पैकेटों को मोमबत्ती और गर्म पिन की मदद से फिर से सील कर उन्हें असली पैकेट की तरह बाजार में बेचा जा रहा था। सूचना की पुष्टि होने के बाद बुधवार तड़के क्राइम ब्रांच की टीम ने एफडीए के अधिकारियों के साथ छापा मारा।
छापे के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया। वहां से करीब 39,504 रुपये कीमत का 598 लीटर दूध, अमूल ताजा और अमूल गोल्ड के 224 खाली नकली पैकेट, दूध में मिलावट करने के उपकरण और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। जब्त सामान की कुल कीमत 50,304 रुपये बताई गई है। पुलिस ने मिलावटी दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया।
पैकेट में गंदा पानी मिला रहे थे आरोपी
जांच में सामने आया कि आरोपी दूध के पैकेटों को कैंची से काटकर उनमें से कुछ मात्रा में दूध निकालते थे और उसकी जगह अशुद्ध पानी भर देते थे। इसके बाद पैकेटों को इस तरह दोबारा सील किया जाता था कि ग्राहक को किसी तरह का संदेह न हो। क्राइम ब्रांच का कहना है कि यह मिलावटी दूध छोटे बच्चों समेत आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में हाल के दिनों में एफडीए ने 'सुरक्षित खाद्य, सुरक्षित महाराष्ट्र' अभियान के तहत दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। राज्य के कई जिलों में दूध के नमूने लेकर जांच की गई, संदिग्ध इकाइयों पर छापे मारे गए और बड़ी मात्रा में मिलावटी उत्पाद जब्त किए गए।