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मुंबई पुलिस ने साइबर ठगों का सर्वर हैक किया: 1.24 करोड़ SMS का रिकॉर्ड मिला, फर्जी APK फाइल से करते थे हैकिंग

सुनील मेहरोत्रा, मुंबई। Published by: Rahul Kumar Updated Thu, 25 Jun 2026 05:33 PM IST
सार

मुंबई पुलिस की साइबर शाखा ने फर्जी APK फाइल के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS रिकॉर्ड मिले। झारखंड, बिहार और दिल्ली से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो फर्जी ऐप बनाकर लोगों के मोबाइल हैक करते थे।

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Mumbai police bust pan-India APK fraud racket; six held
मुंबई पुलिस - फोटो : AI ग्राफिक्स

विस्तार

मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आरिफ अस्तुन अंसारी, शेख बेलाल नौशाद, महबूब नौशाद आलम, साजिद मन्सूर अली, मोहन कुशल महतो और सुनील कुमार दशरथ सोरेन के रूप में हुई है।

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फर्जी फाइल इंस्टॉल करा लूटते थे पैसा
डीसीपी बजरंग बनसोडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। पीड़ित को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी मैसेज भेजा गया था और उसके मोबाइल में एक फर्जी फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। इस फर्जी एप के जरिए हैकर्स ने पीड़ित के मोबाइल से बैंक की गोपनीय जानकारी चुराई और 2 लाख 35 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन की गई, जिसके जरिए आरोपियों का सुराग लगा। 
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बैंक के मैसेज हैकरों तक पहुंच जाते थे
जांच में यह सच सामने आया कि जैसे ही कोई पीड़ित इन फर्जी ऐप्स को अपने फोन में इंस्टॉल करता था, उसका पूरा मोबाइल हैक हो जाता था और फोन पर आने वाले सारे मैसेज (खासकर बैंक के ओटीपी) सीधे साइबर अपराधियों के पास पहुंच जाते थे। पुलिस ने फिर साइबर ठगों के सर्वर में सेंधमारी की। इसी तकनीकी सेंधमारी का नतीजा है कि पुलिस को आरोपियों के मुख्य सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है जो इस गिरोह के काम करने के खतरनाक स्तर को उजागर करता है।
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गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 11 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है, जिनमें विभिन्न बैंकों, आरटीओ और महानगर गैस के नाम से बनी 111 फर्जी ऐप फाइल्स मौजूद थीं। सर्वर से करोड़ों एसएमएस मैसेजेस के अलावा पुलिस को 8,609 पीड़ितों के मोबाइल नंबर और उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी (जैसे बैंक खाता संख्या, एटीएम नंबर, पिन नंबर और यूपीआई आईडी) भी बरामद हुई है। 


डीसीपी बनसोडे के मुताबिक, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से जब इन आंकड़ों का मिलान किया गया, तो पता चला कि इस गिरोह ने पूरे देश में करीब 3,206 वारदातों को अंजाम देकर 43 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की है। इनमें से 517 मामले महाराष्ट्र के और 93 मामले अकेले मुंबई के हैं। इस बड़े खुलासे के बाद संबंधित राज्यों की पुलिस और केंद्रीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को भी सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से भी  अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें, कोई भी अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

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