न्यूज डायरी: डीजीसीए के उपनिदेशक रिश्वत मामले में गिरफ्तार; ओवैसी बोले- वोट कटवाने की ताक में भाजपा कार्यकर्ता
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के उप-निदेशक सुशील कुमार गर्ग को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि गिरफ्तारी चेन्नई में की गई। गर्ग को निजी कंपनी एकवी एयर ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सचिन केशव भाने से 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। रिश्वत देने के आरोप में सचिन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सचिन की कंपनी के विमानों के लिए उड़ान योग्यता प्रमाणपत्र जारी करने के बदले गर्ग ने रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई ने गर्ग और सचिन के साथ ही कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। आरोपी डीजीसीए अधिकारी को पूछताछ के लिए दिल्ली लाने के लिए सीबीआई अदालत से ट्रांजिट रिमांड मांगेगी।
वोट कटवाने की कोशिश में भाजपा कार्यकर्ता, जंतर-मंतर से भी बड़ा आंदोलन करेंगे: ओवैसी
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के दौरान भाजपा कार्यकर्ता फॉर्म 7 जमा करके वोटर लिस्ट से मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं। हैदराबाद से लोकसभा सांसद ओवैसी ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन से भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बिहार में बाढ़ प्रबंधन में सुस्त 7 इंजीनियर सस्पेंड
बिहार सरकार ने बाढ़ के दौरान राहत-बचाव कार्यों में सुस्ती बरतने वाले सात इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। निलंबित इंजीनियरों में सारण के संतोष प्रभाकर, सुनील कुमार, विनोद कुमार व चंद्रशेखर कुमार, गोपालगंज के साजिद इकबाल, जावेद अंसारी और विकास कुमार शामिल हैं। साथ ही मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता मनोज गुप्ता के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं।मंत्री के विरोध में प्रदर्शन डेंटल सर्जन की गई नौकरी
केरलम में एक अस्थायी डेंटल सर्जन को खेल मंत्री ओजे जनीश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर नौकरी से हाथ धोना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि डॉ सिद्धार्थ रवींद्रन कासरगोड जिला अस्पताल में नियुक्त थे। एनएचएम जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने उन्हें नौकरी से निकालने का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि डॉ रवींद्रन का काम आचार संहिता के खिलाफ है।चिकित्सा क्षेत्र में एक बेहद महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सलाह सामने आई है। नोबेल पुरस्कार विजेता और मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. बैरी मार्शल ने कहा है कि यदि शुरुआती चरणों में ही पेट के भीतर हेलिकोबैक्टर पायलोरी (एच पायलोरी) इन्फेक्शन की पहचान करके उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाए, तो पेट के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को होने से पहले ही रोका जा सकता है। डॉ. मार्शल नई दिल्ली में आयोजित 'वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी' में शामिल होने भारत आए हुए थे, जो तीन अक्तूबर को संपन्न हुआ है। डॉ. बैरी मार्शल ने साल 2005 में रॉबिन वारेन के साथ मिलकर नोबेल पुरस्कार जीता था। उन्होंने ही दुनिया को बताया था कि पेट में अल्सर (घाव) और सूजन एसिडिटी की वजह से नहीं, बल्कि एच पायलोरी बैक्टीरिया के कारण होते हैं। डॉ. मार्शल के मुताबिक, यदि यह इन्फेक्शन पेट में कई वर्षों तक बना रहे, तो यह पेट के भीतर 'क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन' (लगातार सूजन) पैदा करता है, जो आगे चलकर गैस्ट्रिक कैंसर का रूप ले लेती है।
अगली महामारी आने का इंतजार करने के बजाय भारत अब नए संक्रमण के शुरुआती संकेत पहले पकड़ने की तैयारी कर रहा है। केंद्र सरकार ने इसके लिए नेशनल वन हेल्थ मिशन के तहत देश में 22 बीएसएल-3 और बीएसएल-4 हाई-कंटेनमेंट लैब का नेटवर्क तैयार किया है। इन लैब्स में केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि पशुओं में फैलने वाले वायरस और असामान्य बीमारियों की भी जांच होगी। इसका मकसद किसी नए वायरस या दूसरे खतरनाक संक्रमण के इंसानों में बड़े पैमाने पर फैलने से पहले उसके खतरे को समझना और समय रहते कार्रवाई शुरू करना है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दुनिया में कई गंभीर संक्रमण ऐसे हैं जो सीधे तौर पर पशुओं से फैला है।
जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार सुबह दो नर गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) पक्षियों को छोड़ा है। गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी प्रजातियों में से एक गोडावण को बचाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि ये पक्षी देश में पहली बार कृत्रिम रूप से पैदा हुए और पाले गए इन पक्षियों को सीधे इनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है, ताकि ये खुद को रेगिस्तान के स्वतंत्र माहौल में ढाल सकें। दोनों पक्षियों के व्यवहार व गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखने के लिए उन पर विशेष टैग लगाया गया है। भारत में अभी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की कुल संख्या 150 से भी कम बची है।