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न्यूज अपडेट: पश्चिम एशिया संकट के बीच जॉर्डन और मिस्र के विदेश मंत्रियों से मिले जयशंकर, कई मुद्दों पर हुई बात
Fri, 25 Sep 2026 08:03 AM IST
नितिन गौतम
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 25 Sep 2026 08:03 AM IST
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न्यूज अपडेट
- फोटो : Amar Ujala
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को संकटग्रस्त पश्चिम एशिया के दो अहम देशों, जॉर्डन और मिस्र के विदेश मंत्रियों से मुलाकात कर पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी के साथ बैठक के बाद डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पश्चिम एशिया-मध्य पूर्व पर हमारी चर्चा वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण रही।"
दरअसल, खाड़ी क्षेत्र के किनारे स्थित जॉर्डन, खाड़ी संघर्ष के दौरान ईरान के हमलों का शिकार हुआ और इस क्षेत्र में एक अहम भूमिका निभाता है। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देल अत्ती के साथ अपनी बैठक को एस जयशंकर ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों की एक उपयोगी समीक्षा बताया।
भारत के मिस्र के साथ ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ संबंध रहे हैं, जो पश्चिम एशिया में एक बड़ी ताकत है। इस बीच, पश्चिम एशिया से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने दो राज्य समाधान को लागू करने के लिए ग्लोबल अलायंस की उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पोस्ट में लिखा, "भारत ने दो-राज्य समाधान के लिए अपने स्पष्ट और निरंतर समर्थन की पुष्टि की। भारत का दृष्टिकोण राजनीतिक प्रतिबद्धता के साथ व्यावहारिक समर्थन को जोड़ता है।" सऊदी अरब ने फिलिस्तीन और इजरायल के स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्रों के रूप में शांति के साथ एक-दूसरे के बगल में मौजूद रहने वाले दो राज्य समाधान पर जोर देने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की थी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा दो राज्य समाधान के विचार का लगातार समर्थन करती रही है। इसी बीच एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन से मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया है कि भारत राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (सीएचओजीएम) की सफलता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बैठक की मेजबानी इस साल नवंबर में एंटीगुआ और बारबुडा करेगा।
उन्होंने आगे कहा, "हमारी विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण और जलवायु परिवर्तन सहयोग आगे बढ़ रहा है।" भारत ने भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष के माध्यम से एंटीगुआ को 10 लाख डॉलर की सहायता दी है, इसके अलावा तूफान में तबाह हुए अस्पताल के पुनर्निर्माण जैसे कार्यक्रमों के लिए सीधी मदद भी प्रदान की है।
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दरअसल, खाड़ी क्षेत्र के किनारे स्थित जॉर्डन, खाड़ी संघर्ष के दौरान ईरान के हमलों का शिकार हुआ और इस क्षेत्र में एक अहम भूमिका निभाता है। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देल अत्ती के साथ अपनी बैठक को एस जयशंकर ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों की एक उपयोगी समीक्षा बताया।
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भारत के मिस्र के साथ ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ संबंध रहे हैं, जो पश्चिम एशिया में एक बड़ी ताकत है। इस बीच, पश्चिम एशिया से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने दो राज्य समाधान को लागू करने के लिए ग्लोबल अलायंस की उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पोस्ट में लिखा, "भारत ने दो-राज्य समाधान के लिए अपने स्पष्ट और निरंतर समर्थन की पुष्टि की। भारत का दृष्टिकोण राजनीतिक प्रतिबद्धता के साथ व्यावहारिक समर्थन को जोड़ता है।" सऊदी अरब ने फिलिस्तीन और इजरायल के स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्रों के रूप में शांति के साथ एक-दूसरे के बगल में मौजूद रहने वाले दो राज्य समाधान पर जोर देने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की थी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा दो राज्य समाधान के विचार का लगातार समर्थन करती रही है। इसी बीच एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन से मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया है कि भारत राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (सीएचओजीएम) की सफलता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बैठक की मेजबानी इस साल नवंबर में एंटीगुआ और बारबुडा करेगा।
उन्होंने आगे कहा, "हमारी विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण और जलवायु परिवर्तन सहयोग आगे बढ़ रहा है।" भारत ने भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष के माध्यम से एंटीगुआ को 10 लाख डॉलर की सहायता दी है, इसके अलावा तूफान में तबाह हुए अस्पताल के पुनर्निर्माण जैसे कार्यक्रमों के लिए सीधी मदद भी प्रदान की है।