{"_id":"6728cb01ab26d679510462ea","slug":"opposition-will-surround-government-on-these-48-issues-in-winter-session-caa-and-obc-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Parliament's Session: शीतकालीन सत्र में इन 48 मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष, CAA व OBC पर होगा हल्लाबोल!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Parliament's Session: शीतकालीन सत्र में इन 48 मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष, CAA व OBC पर होगा हल्लाबोल!
सार
Winter session: संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा भेजे गए सवालों में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मौजूदा स्थिति को लेकर भी ब्रीफ नोट मांगा गया है। कृषि मंत्रालय के तहत जो मुद्दे उठाए जा सकते हैं, उनमें पीएम किसान निधि, किसानों की आय को डबल करना व मिनिमम स्पोर्ट प्राइस शामिल है।
विज्ञापन
शीतकालीन सत्र के मुद्दे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
18वीं लोकसभा का पहला शीतकालीन सत्र, जो 25 नवंबर से प्रारंभ होगा, उसमें विपक्षी दल, 18 मंत्रालयों से जुड़े लगभग 48 मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर सकते हैं। केंद्र सरकार ने भी विपक्ष को जवाब देने की तैयारी शुरु कर दी है। संसदीय कार्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, संबंधित मंत्रालयों और विभागों से कहा गया है कि वे उक्त मुद्दों पर एक ब्रीफ नोट तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय 'पीएमओ' के पास भेज दें। डेढ़ दर्जन मंत्रालयों को भेजी गई सवालों की सूची में 'सीएए', भारत और चीन के बीच एलएसी का मामला, ओबीसी आरक्षण, जरुरी वस्तुओं की कीमतों में इजाफा, स्वतंत्रता दिवस पर राहुल गांधी की सीटिंग पॉजिशन, साइबर सिक्योरिटी, डेटा प्राइवेसी, सेबी हिंडनबर्ग मामला, यूनिफॉर्म सिविल कोड, कोलेजियम सिस्टम, जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले, जल जीवन मिशन, कावेरी जल विवाद और वन नेशन वन इलेक्शन आदि मुद्दे शामिल हैं।
संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा भेजे गए सवालों में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मौजूदा स्थिति को लेकर भी ब्रीफ नोट मांगा गया है। कृषि मंत्रालय के तहत जो मुद्दे उठाए जा सकते हैं, उनमें पीएम किसान निधि, किसानों की आय को डबल करना व मिनिमम स्पोर्ट प्राइस शामिल है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को आवश्यक वस्तुओं की बढ़ रही कीमतों को लेकर नोट तैयार करना है। रक्षा मंत्रालय से भी कई सवालों का जवाब मांगा गया है। इनमें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बैठने की स्थिति, महाराष्ट्र में शिवाजी की मूर्ति का गिरना और चीन के साथ एलएसी विवाद शामिल है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फोरमेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय से साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछा गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के लिए ग्लोबल वार्मिंग और दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण जैसे मुद्दों पर जानकारी मांगी गई है। विदेश मंत्रालय से बांग्लादेश का मामला, इजरायल और हमास का युद्ध, इजरायल व ईरान की लड़ाई, रूस व यूक्रेन वॉर और भारत चीन के संबंध, जैसी जानकारी मांगी गई है।
विज्ञापन
वित्त मंत्रालय से सेबी हिंडनबर्ग मामला, सरकारी कर्मचारियों के लिए यूपीएस योजना, अर्थव्यवस्था पर कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर और ईडी का दुरुपयोग आदि मुद्दों से जुड़े सवालों पर ब्रीफ नोट मांगा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय से तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावट पर जानकारी तलब की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के लिए भेजे गए सवालों की सूची सबसे लंबी है। इसमें सीएए को लागू करना, जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देना, लद्दाख में स्टेटहुड व छठे शेड्यूल को लेकर सोनम वांग्चुक की मांग, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कालेज में रेप की घटना, जेएंडे में हाल के दिनों में हो रहे आतंकी हमले, मणिपुर हिंसा, जातिगत जनगणना कराने बाबत, विभिन्न राज्यों में सरकार और राज्यपाल के बीच विवाद, आंध्रप्रदेश और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना और तीन नए कानूनों में बदलाव की मांग, शामिल है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के लिए सवालों की सूची में ओटीटी और डिजिटल कंटेंट को नियमित करना, सोशल मीडिया की पोस्ट पर फैक्ट चेक को लेकर मुंबई हाईकोर्ट का निर्देश और चुनावों के दौरान हेट स्पीच और उसके जरिए राजनीतिक लाभ उठाना, शामिल है। जल शक्ति मंत्रालय के लिए जल जीवन मिशन और कावेरी जल विवाद को लेकर नोट मांगा गया है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से बेरोजगारी की स्थिति पर नोट भेजने के लिए कहा गया है। कानून एवं न्याय मंत्रालय को वन नेशन वन इलेक्शन, यूनिफॉर्म सिविल कोड, एंटी डिफेक्शन लॉ, कोलेजियम सिस्टम, राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग 'एनजेएसी', और निर्वाचन प्रणाली की निष्पक्षता एवं ईवीएम की कार्यप्रणाली पर नोट तैयार करना है।
न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय को नेशनल ग्रीन हाईड्रोजन मिशन पर नोट देना होगा। डीओपीटी मंत्रालय को एससी/एसटी क्रीमी लेयर मामले में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का पक्ष, इस पर नोट तैयार करना है। सीबीआई का दुरुपयोग और ओपीएस का पुनः प्रवर्तन, इस मुद्दे पर भी डीओपीटी से नोट मांगा गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय से अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवेलपेंट के लिए अधिगृहण की गई जमीन और मुआवजा राशि को लेकर जानकारी मांगी गई है। सामाजिक न्याय मंत्रालय से सरकारी नौकरियों में ओबीसी आरक्षण और मराठा आरक्षण की मांग को देखते हुए आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को खत्म करना, इस बाबत जानकारी मांगी गई है।
विज्ञापन
संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा भेजे गए सवालों में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मौजूदा स्थिति को लेकर भी ब्रीफ नोट मांगा गया है। कृषि मंत्रालय के तहत जो मुद्दे उठाए जा सकते हैं, उनमें पीएम किसान निधि, किसानों की आय को डबल करना व मिनिमम स्पोर्ट प्राइस शामिल है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को आवश्यक वस्तुओं की बढ़ रही कीमतों को लेकर नोट तैयार करना है। रक्षा मंत्रालय से भी कई सवालों का जवाब मांगा गया है। इनमें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बैठने की स्थिति, महाराष्ट्र में शिवाजी की मूर्ति का गिरना और चीन के साथ एलएसी विवाद शामिल है।
विज्ञापन
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फोरमेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय से साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछा गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के लिए ग्लोबल वार्मिंग और दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण जैसे मुद्दों पर जानकारी मांगी गई है। विदेश मंत्रालय से बांग्लादेश का मामला, इजरायल और हमास का युद्ध, इजरायल व ईरान की लड़ाई, रूस व यूक्रेन वॉर और भारत चीन के संबंध, जैसी जानकारी मांगी गई है।
विज्ञापन
वित्त मंत्रालय से सेबी हिंडनबर्ग मामला, सरकारी कर्मचारियों के लिए यूपीएस योजना, अर्थव्यवस्था पर कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर और ईडी का दुरुपयोग आदि मुद्दों से जुड़े सवालों पर ब्रीफ नोट मांगा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय से तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावट पर जानकारी तलब की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के लिए भेजे गए सवालों की सूची सबसे लंबी है। इसमें सीएए को लागू करना, जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देना, लद्दाख में स्टेटहुड व छठे शेड्यूल को लेकर सोनम वांग्चुक की मांग, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कालेज में रेप की घटना, जेएंडे में हाल के दिनों में हो रहे आतंकी हमले, मणिपुर हिंसा, जातिगत जनगणना कराने बाबत, विभिन्न राज्यों में सरकार और राज्यपाल के बीच विवाद, आंध्रप्रदेश और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना और तीन नए कानूनों में बदलाव की मांग, शामिल है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय के लिए सवालों की सूची में ओटीटी और डिजिटल कंटेंट को नियमित करना, सोशल मीडिया की पोस्ट पर फैक्ट चेक को लेकर मुंबई हाईकोर्ट का निर्देश और चुनावों के दौरान हेट स्पीच और उसके जरिए राजनीतिक लाभ उठाना, शामिल है। जल शक्ति मंत्रालय के लिए जल जीवन मिशन और कावेरी जल विवाद को लेकर नोट मांगा गया है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से बेरोजगारी की स्थिति पर नोट भेजने के लिए कहा गया है। कानून एवं न्याय मंत्रालय को वन नेशन वन इलेक्शन, यूनिफॉर्म सिविल कोड, एंटी डिफेक्शन लॉ, कोलेजियम सिस्टम, राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग 'एनजेएसी', और निर्वाचन प्रणाली की निष्पक्षता एवं ईवीएम की कार्यप्रणाली पर नोट तैयार करना है।
न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय को नेशनल ग्रीन हाईड्रोजन मिशन पर नोट देना होगा। डीओपीटी मंत्रालय को एससी/एसटी क्रीमी लेयर मामले में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का पक्ष, इस पर नोट तैयार करना है। सीबीआई का दुरुपयोग और ओपीएस का पुनः प्रवर्तन, इस मुद्दे पर भी डीओपीटी से नोट मांगा गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय से अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवेलपेंट के लिए अधिगृहण की गई जमीन और मुआवजा राशि को लेकर जानकारी मांगी गई है। सामाजिक न्याय मंत्रालय से सरकारी नौकरियों में ओबीसी आरक्षण और मराठा आरक्षण की मांग को देखते हुए आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को खत्म करना, इस बाबत जानकारी मांगी गई है।