{"_id":"66ceeb22a6c244009a068f28","slug":"pakistani-christian-becomes-first-in-goa-to-get-citizenship-under-caa-news-in-hindi-2024-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"CAA: पाकिस्तान के ईसाई शख्स को मिली भारत की नागरिकता, गोवा में सीएए के तहत पहला मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
CAA: पाकिस्तान के ईसाई शख्स को मिली भारत की नागरिकता, गोवा में सीएए के तहत पहला मामला
Wed, 28 Aug 2024 02:51 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 28 Aug 2024 02:51 PM IST
सार
गोवा के कंसौलिम में रहने वाले जोसेफ सीएए के तहत भारतीय नागरिकता पाने वाले राज्य के पहले व्यक्ति हैं। उन्होंने सीएए लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
जोसेफ फ्रांसिस ए परेरा
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) इस साल देश में लागू हो गया है। इसी के तहत अब गोवा में रहने वाले पाकिस्तान के एक ईसाई वरिष्ठ नागरिक को भारत की नागरिकता दे दी गई है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को शख्स को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र दिया।
विज्ञापन
एक महीने के अंदर मिली नागरिकता
वर्तमान में दक्षिण गोवा के कंसौलिम में रहने वाले जोसेफ फ्रांसिस ए परेरा सीएए के तहत भारतीय नागरिकता पाने वाले राज्य के पहले व्यक्ति हैं। जोसेफ ने सीएए लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया था और एक महीने के अंदर ही मंजूरी मिल गई।
विज्ञापन
पत्नी के पास पहले से ही भारत की नागरिकता
बता दें, जोसेफ एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने देश की नागरिकता लेने के लिए आवेदन किया था। जबकि उनकी पत्नी पहले से ही भारत की नागरिक हैं।
पाकिस्तान से साल 2013 में आए थे गोवा
उन्होंने कहा, 'मैं सन् 1960 में पाकिस्तान गया था और वहां मैंने अपनी शिक्षा वहीं पूरी की। मुझे बहरीन में 37 साल काम करने का मौका मिला। 2013 में सेवानिवृत्त के बाद मैं गोवा आ गया था और उसी समय से मैं अपने परिवार के साथ यहां रह रहा हूं। पाकिस्तान में बहुत सारे लोग हैं, लेकिन मैं वहां नहीं गया। मेरी पिछली यात्रा 1979 में हुई थी। जब मैं वहां स्कूली शिक्षा पूरी कर रहा थो तो मैंने बहुत चुनौतिपूर्ण समय देखा। वहां नौकरी के अवसर नहीं थे।'
विज्ञापन
पत्नी ने बताई चुनौतियां
उनकी पत्नी मार्था परेरा ने बताया, 'शादी के बाद से नागरिकता हासिल करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कोई भी मदद नहीं कर रहा था। आखिरकार इस साल जून में सीएए के जरिए आवेदन किया। बिना सीएए के बहुत सारी बांधाएं आ रही थीं। हमारे मामले में जो कुछ भी हो रहा है, मैं उसके लिए आभारी हूं।'
सीएम ने कहा- यह गर्व की बात
इस अवसर पर गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद देता हूं। जो लोग पाकिस्तान या कहीं और से थे, वे लगभग 60 वर्षों से नागरिकता मांग रहे थे। इसलिए आज कानून पारित होने के बाद हम नागरिकता दे रहे हैं और यह हमारे लिए गर्व की बात है।'