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India-Myanmar: भारत-म्यांमार सीमा पर पांगसाउ बॉर्डर हाट फिर शुरू, सीमावर्ती व्यापार को मिलेगा नया बल
Thu, 30 Jul 2026 10:16 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, ईटानगर
अमर उजाला ब्यूरो, ईटानगर
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 30 Jul 2026 10:16 PM IST
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भारत-म्यांमार सीमा हाट
- फोटो : अमर उजाला
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भारत और म्यांमार के बीच सीमावर्ती व्यापार को नई गति देने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के नमपोंग स्थित पांगसाउ दर्रे पर भारत-म्यांमार सीमा हाट (बॉर्डर हाट) का औपचारिक रूप से फिर से शुभारंभ किया गया। राज्य के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री न्यातो दुकाम ने इसका उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती व्यापार क्षेत्र के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और प्रशासन से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि पांगसाउ दर्रा ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है तथा सरकार इसे क्षेत्रीय व्यापार और संपर्क का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दुकाम ने बताया कि नमपोंग में जल्द ही एक भूमि बंदरगाह (लैंड पोर्ट) विकसित करने की योजना है। इसके बनने से भारत और म्यांमार के बीच व्यापार, माल ढुलाई और संपर्क व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
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कार्यक्रम में नमपोंग के विधायक लाइसम सिमाई, व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री के सलाहकार डॉ. महेश चाई, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, असम राइफल्स के अधिकारी, जिला परिषद सदस्य तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
समारोह में म्यांमार के पांगसाउ नगर के अध्यक्ष, म्यांमार सेना और पुलिस के प्रतिनिधियों के साथ यूनाइटेड तांगशांग समिति तथा स्थानीय बाजार समिति के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीमापार व्यापार, आर्थिक सहयोग और पारंपरिक सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
राज्य सरकार के अनुसार, सीमा हाट के दोबारा शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और भारत-म्यांमार के बीच आर्थिक एवं सामाजिक संबंध भी अधिक मजबूत होंगे।
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इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती व्यापार क्षेत्र के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और प्रशासन से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि पांगसाउ दर्रा ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है तथा सरकार इसे क्षेत्रीय व्यापार और संपर्क का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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दुकाम ने बताया कि नमपोंग में जल्द ही एक भूमि बंदरगाह (लैंड पोर्ट) विकसित करने की योजना है। इसके बनने से भारत और म्यांमार के बीच व्यापार, माल ढुलाई और संपर्क व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
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कार्यक्रम में नमपोंग के विधायक लाइसम सिमाई, व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री के सलाहकार डॉ. महेश चाई, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, असम राइफल्स के अधिकारी, जिला परिषद सदस्य तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
समारोह में म्यांमार के पांगसाउ नगर के अध्यक्ष, म्यांमार सेना और पुलिस के प्रतिनिधियों के साथ यूनाइटेड तांगशांग समिति तथा स्थानीय बाजार समिति के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीमापार व्यापार, आर्थिक सहयोग और पारंपरिक सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
राज्य सरकार के अनुसार, सीमा हाट के दोबारा शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और भारत-म्यांमार के बीच आर्थिक एवं सामाजिक संबंध भी अधिक मजबूत होंगे।