सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   parliamentary committee to seek opposition ruled states views PM CM Removel Bill for graft Karnataka Telangana

PM-CM की बर्खास्तगी वाले विधेयक: संसदीय समिति जानेगी विपक्ष शासित राज्यों की राय, कर्नाटक-तेलंगाना को न्योता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Wed, 25 Feb 2026 06:51 PM IST
विज्ञापन
सार

अब तक कानून के तहत सार्वजनिक प्रतिनिधियों को केवल तभी पद से हटाया जा सकता था, जब उन्हें दोषी ठहराया गया हो और दो साल या उससे अधिक की कारावास की सजा सुनाई गई हो। प्रस्तावित कानून में कहा गया है कि प्रधानमंत्री, मंत्रियों, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को हिरासत से रिहा होने के बाद फिर से पद पर नियुक्ति नहीं होगी।

parliamentary committee to seek opposition ruled states views PM CM Removel Bill for graft Karnataka Telangana
संसदीय समिति - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

भ्रष्टाचार के आरोप में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने की अनुमति देने वाले विधेयकों की जांच कर रही संसदीय समिति कर्नाटक और तेलंगाना जैसे विपक्षी शासित राज्यों के विचार आमंत्रित करेगी। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली समिति ने बुधवार को मध्य प्रदेश राज्य के विचार सुने, जिसने 'संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025' का पूर्ण रूप से समर्थन किया।
Trending Videos


मध्य प्रदेश का राज्य के मुख्य सचिव ने प्रतिनिधित्व किया और उन्होंने समिति के सामने कहा कि राज्य विधेयक के प्रावधानों से पूरी तरह सहमत है। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च और इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि भी संसदीय समिति के समक्ष उपस्थित हुए और उन्होंने समिति को कुछ सुझाव दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: राज्यपाल का अभिभाषण 'झूठे आंकड़ों का पुलिंदा': महाराष्ट्र विधानसभा में सरकार पर बरसे विजय वडेट्टीवार

दो कानूनी अनुसंधान संगठनों ने विधेयक पर जताई असहमति
सूत्रों के अनुसार, पैनल ने दो कानूनी अनुसंधान संगठनों के विचार सुने, जिन्होंने प्रस्तावित कानून के प्रावधानों से पूरी तरह असहमति व्यक्त की और संशोधन सुझाए। हालांकि, उन्होंने पैनल को बताया कि विधेयक लाने में भारत सरकार की मंशा पर कोई सवाल नहीं है। सूत्रों ने बताया कि पैनल के सदस्य विपक्षी शासित राज्यों के विचार जानने के लिए सर्वसम्मति से सहमत हुए और कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों को बुलाने पर भी सहमत हुए।

पैनल ने यह भी कहा कि वह जिन राज्यों में विपक्षी दलों का शासन है, उन्हें भी इस मामले पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित करना चाहता है। इन राज्यों में केरल और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं।राज्यों को बाद में आमंत्रित किया जाएगा क्योंकि अगले कुछ हफ्तों में राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

विपक्ष शासित राज्यों से भी ली जाएगी राय
बुधवार की बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें प्रत्येक प्रतिनिधि को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए एक घंटा दिया गया। संसदीय समिति की अध्यक्ष सारंगी ने कहा कि यह पैनल की छठवीं बैठक है और अगली बैठक 10 मार्च को बुलाई जाएगी। अब तक समिति की छह बैठकों में 14 संगठनों और दो राज्यों ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी है। इससे पहले, राजस्थान राज्य ने अपने मुख्य सचिव के माध्यम से पैनल के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तावित कानून के प्रमुख प्रावधानों का समर्थन करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। 

ये भी पढ़ें: Kerala: 'पहचान कोई वर्तनी परीक्षा नहीं है', केरलम पर थरूर के सवाल का माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने दिया जवाब

इस संविधान संशोधन विधेयक में प्रधानमंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र या राज्य सरकार के किसी अन्य मंत्री को पद से हटाने का प्रावधान है। अगर उन्हें गंभीर आपराधिक अपराधों के लिए गिरफ्तार किया जाता है और हिरासत में रखा जाता है। जिनके लिए पांच साल या उससे अधिक की कारावास की सजा का प्रावधान है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed