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India-UK Ties: पीएम मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को दी बधाई, भारत-ब्रिटेन संबंध पर क्या कहा?
Tue, 21 Jul 2026 08:56 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 21 Jul 2026 08:56 AM IST
सार
India-UK Ties:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नए ब्रिटिश समकक्ष एंडी बर्नहम को बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने भारत और ब्रिटेन के मजबूत संबधों और सीईटीए का भी जिक्र किया। पढ़िए इस खबर में।
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नरेंद्र मोदी, एंडी बर्नहम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने पर एंडी बर्नहम को बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं और दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में मजबूत सहयोग है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को लेकर व्यापक सहयोग है। उन्होंने कहा कि इसी महीने सीईटीए के लागू होने के साथ भारत और ब्रिटेन की द्विपक्षीय साझेदारी और भी मजबूत होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी ने कहा कि वह एंडी बर्नहम के साथ मिलकर भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा साझा विजन 2035 को आगे बढ़ाने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
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अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने क्या कहा?
संबोधन में और क्या कहा?
1980 के दशक का उल्लेख करते हुए बर्नहम ने कहा, उस दौर में लिए गए कुछ फैसलों के कारण राजनीतिक शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ, आर्थिक नियंत्रण का निजीकरण हुआ और देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों का पतन हो गया। इसके चलते अनेक इलाके आज भी पिछड़ेपन से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सत्ता का विकेंद्रीकरण करेगी और निर्णय लेने की ताकत देश के हर क्षेत्र तक पहुंचाएगी। साथ ही, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को अधिक मजबूत सार्वजनिक नियंत्रण में लाकर उन्हें आम लोगों के लिए फिर से किफायती बनाया जाएगा।
बर्नहम ने कहा कि बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए उनकी सरकार मंगलवार से कई योजनाओं की घोषणा करेगी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के वित्तपोषण का खाका भी साथ ही पेश किया जाएगा।
लेबर पार्टी के नए नेता एंडी बर्नहम ने सोमवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री का पद संभाला। किंग ऑफ द नॉर्थ के नाम से मशहूर बर्नहम, कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे थे। उनका मुख्य लक्ष्य लोकलुभावन पार्टी रिफॉर्म यूके के बढ़ते प्रभाव को रोकना है। ब्रिटेन में राजनीतिक हलचल के बीच पिछले एक दशक में देश को उसका सातवां प्रधानमंत्री मिल गया है।
बर्नहम को बीते हफ्ते शुक्रवार को ही पार्टी का नया मुखिया चुन लिया गया था। लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) की अध्यक्ष शबाना महमूद ने लंदन में पार्टी के एक खास सम्मेलन में यह घोषणा की थी। उन्होंने कहा, सिर्फ एक ही सांसद नॉमिनेट हुआ था। इसलिए मुकाबला आसान रहा। वहीं, बर्नहम ने लेबर पार्टी का नेता चुने जाने को पिछले 40 वर्षों में देश की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव बताया था।
ये भी पढ़ें: भारत अब ट्रेनी नहीं ट्रेनर: कोच्चि बना 25 देशों का नौसेना प्रशिक्षण केंद्र, 'ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस' का आगाज
बर्नहम ने जनता से क्या वादे किए?
एंडी बर्नहम ने देश की व्यवस्था को नए सिरे से गढ़ने और सरकार का ध्यान महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत के साथ कमजोर होती सार्वजनिक सेवाओं जैसे आम लोगों के मुद्दों पर केंद्रित करने का संकल्प लिया। कीर स्टार्मर की ओर से राजा को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपने के बाद, किंग चार्ल्स तृतीय ने एंडी बर्नहम को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
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पीएम मोदी ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को लेकर व्यापक सहयोग है। उन्होंने कहा कि इसी महीने सीईटीए के लागू होने के साथ भारत और ब्रिटेन की द्विपक्षीय साझेदारी और भी मजबूत होने की उम्मीद है।
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पीएम मोदी ने कहा कि वह एंडी बर्नहम के साथ मिलकर भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा साझा विजन 2035 को आगे बढ़ाने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
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अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने क्या कहा?
- पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने देश में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने का संकल्प जताया।
- उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बार-बार प्रधानमंत्री बदलने से लोगों का राजनीति पर भरोसा कमजोर हुआ है और अब नेताओं को बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
- बकिंघम पैलेस से लौटने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने कहा, मैं पूरी तरह महसूस करता हूं कि पिछले 10 वर्षों में इस सत्ता के गलियारे में सरकार बनाने के लिए आने वाला मैं छठा व्यक्ति हूं और 2016 के बाद सातवां प्रधानमंत्री हूं। यह आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है।
- उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के नेताओं को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभानी होंगी।
- बर्नहम ने कहा कि ब्रिटेन को दुनिया को यह दिखाना होगा कि हम फिर से राजनीतिक स्थिरता हासिल कर सकते हैं।
- उन्होंने कहा कि लोग राजनीति से निराश हो चुके हैं। मैं उनकी बात सुनता हूं और ईमानदारी से स्वीकार करता हूं कि हम उतना अच्छा काम नहीं कर पाए, जितना करना चाहिए था। अब हमें बेहतर करना होगा।
- उन्होंने अपनी सरकार को 'ब्रिटेन के लिए सर्किट ब्रेकर' बताते हुए कहा कि उनकी सरकार देश में पिछले 40 वर्षों के सबसे बड़े बदलाव लागू करेगी।
- उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को नए राजनीतिक और आर्थिक मॉडल की जरूरत है।
संबोधन में और क्या कहा?
1980 के दशक का उल्लेख करते हुए बर्नहम ने कहा, उस दौर में लिए गए कुछ फैसलों के कारण राजनीतिक शक्ति का अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ, आर्थिक नियंत्रण का निजीकरण हुआ और देश के कई औद्योगिक क्षेत्रों का पतन हो गया। इसके चलते अनेक इलाके आज भी पिछड़ेपन से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सत्ता का विकेंद्रीकरण करेगी और निर्णय लेने की ताकत देश के हर क्षेत्र तक पहुंचाएगी। साथ ही, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को अधिक मजबूत सार्वजनिक नियंत्रण में लाकर उन्हें आम लोगों के लिए फिर से किफायती बनाया जाएगा।
बर्नहम ने कहा कि बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए उनकी सरकार मंगलवार से कई योजनाओं की घोषणा करेगी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के वित्तपोषण का खाका भी साथ ही पेश किया जाएगा।
लेबर पार्टी के नए नेता एंडी बर्नहम ने सोमवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री का पद संभाला। किंग ऑफ द नॉर्थ के नाम से मशहूर बर्नहम, कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे थे। उनका मुख्य लक्ष्य लोकलुभावन पार्टी रिफॉर्म यूके के बढ़ते प्रभाव को रोकना है। ब्रिटेन में राजनीतिक हलचल के बीच पिछले एक दशक में देश को उसका सातवां प्रधानमंत्री मिल गया है।
बर्नहम को बीते हफ्ते शुक्रवार को ही पार्टी का नया मुखिया चुन लिया गया था। लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (एनईसी) की अध्यक्ष शबाना महमूद ने लंदन में पार्टी के एक खास सम्मेलन में यह घोषणा की थी। उन्होंने कहा, सिर्फ एक ही सांसद नॉमिनेट हुआ था। इसलिए मुकाबला आसान रहा। वहीं, बर्नहम ने लेबर पार्टी का नेता चुने जाने को पिछले 40 वर्षों में देश की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव बताया था।
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बर्नहम ने जनता से क्या वादे किए?
एंडी बर्नहम ने देश की व्यवस्था को नए सिरे से गढ़ने और सरकार का ध्यान महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत के साथ कमजोर होती सार्वजनिक सेवाओं जैसे आम लोगों के मुद्दों पर केंद्रित करने का संकल्प लिया। कीर स्टार्मर की ओर से राजा को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंपने के बाद, किंग चार्ल्स तृतीय ने एंडी बर्नहम को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।