'छात्रों पर क्यों चलाईं लाठियां?': राहुल समेत विपक्ष के नेता लोकसभा अध्यक्ष से मिले, कहा- सदन में हो चर्चा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट परीक्षा लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में चर्चा की मांग की है। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात कर से इस मुद्दे पर समय देने का आग्रह किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संसद और सड़क पर उठेगी आवाज
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को उनके भविष्य के बारे में सवाल उठाने पर पीटा गया। उन्होंने सवाल किया कि अगर संसद देश के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो यह किस काम के लिए है? उन्होंने साफ किया कि विपक्ष इस मुद्दे को दबने नहीं देगा। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों की आवाज सड़क से लेकर संसद तक सुनी जाए।
Met the Hon’ble Lok Sabha Speaker today along with MPs of the Opposition.
Our demand is simple: Parliament must have a detailed discussion on the brutality unleashed on students yesterday and on the government’s complete lack of accountability for the examination crisis.… pic.twitter.com/qc2ptKQUt7विज्ञापन विज्ञापन— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 21, 2026
कांग्रेस महासचिव ने शिक्षा मंत्री से मांगा स्पष्टीकरण
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष ने मांग की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सदन में अपनी विफलताओं पर स्पष्टीकरण दें। वेणुगोपाल ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने मांग की कि विपक्ष को नीट और सीबीएसई (CBSE) की गड़बड़ियों और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर दिल्ली पुलिस की हिंसा का मुद्दा उठाने के लिए समय दिया जाए।
खरगे ने नहीं मनाया जन्मदिन
वहीं, छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई से दुखी होकर राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया। उन्होंने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के लिए बल प्रयोग की निंदा की। खड़गे ने एक्स पर लिखा कि देश ने सरकार की ओर से लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कुचलते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र की जननी' अपने बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करती है।
ये भी पढ़ें: 'लोकतंत्र की जननी' बच्चों पर लाठी नहीं चलाती: INDIA ब्लॉक की बैठक में बोले खरगे, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
विरोध प्रदर्शन के बीच मानसून सत्र
यह विवाद नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद बढ़ा है। सीजेपी (CJP) के इस प्रदर्शन के दौरान संसद की ओर मार्च हिंसक हो गया था। इसके बाद पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो चुका है और यह 13 अगस्त तक चलेगा।
#WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "The point is this is no way to treat the young people of this country. The young people of this country do not have opportunities; all the doors are closed; one door is open for competitive exams, which is also destroyed. These… pic.twitter.com/oShKkLfFd1
— ANI (@ANI) July 21, 2026
लोकसभा अध्यक्ष से मिलने के बाद क्या बोले राहुल गांधी?
लोकसभा अध्यक्ष से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार करना बिल्कुल गलत है। आज युवाओं के पास अवसर नहीं हैं और उनके लिए सारे दरवाजे बंद हो चुके हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के रूप में जो एक दरवाजा खुला था, उसे भी बर्बाद कर दिया गया है। यहां मौजूद छात्र न केवल शिक्षा व्यवस्था बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी शिकायत कर रहे हैं। वे शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस (RSS), अंबानी और अडाणी के पूर्ण कब्जे के कारण शिकायत कर रहे हैं। यह युवाओं के भविष्य का सवाल है। वे अंबानी की शादी में 1000 करोड़ रुपये खर्च होते देख रहे हैं, जबकि उनके पास अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए पैसे नहीं हैं। यह मुद्दा शिक्षा से कहीं बड़ा है। भारत के छात्र कह रहे हैं कि देश में उनका कोई भविष्य नहीं है और उनकी यह चिंता बिल्कुल जायज है। इस स्थिति के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
#WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "Modi ji has not even apologised for what happened yesterday. The youth are protesting against the education and testing system. The whole country knows that the education and testing system is hollowed out by termites. Why is… pic.twitter.com/2JA0Jwrxpi
— ANI (@ANI) July 21, 2026
प्रधानमंत्री की चुप्पी और छात्रों की पिटाई पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल की घटना के लिए माफी तक नहीं मांगी। युवा आज शिक्षा और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पूरा देश जानता है कि हमारी शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को दीमक खा चुके हैं। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों की पिटाई जैसी इस बकवास को तुरंत बंद करना चाहिए।