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Rahul Gandhi: तमिलनाडु में छात्रों से राहुल बोले- IT के लिए AI खतरा, चीन से मुकाबले के लिए विनिर्माण भी जरूरी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीलगिरी Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 13 Jan 2026 05:49 PM IST
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सार

राहुल गांधी ने नीलगिरी में छात्रों को संबोधित करते हुए कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के आईटी सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। चीन से मुकाबले के लिए विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने, शिक्षा को सुलभ रखने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।

Rahul Gandhi warned that AI is threat to India IT sector Manufacturing is essential to compete with China
राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को तमिलनाडु के नीलगिरी में छात्रों को संबोधित करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार की चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के आने से भारत का मजबूत सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर मुश्किल में पड़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर भारत को चीन से मुकाबला करना है, तो हमें सिर्फ सर्विस सेक्टर पर निर्भर रहने के बजाय विनिर्माण क्षेत्र में भी अपनी ताकत बढ़ानी होगी।
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क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने कहा, "हमने आईटी सेक्टर और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में बहुत अच्छा काम किया है। इंफोसिस जैसी कंपनियों की सफलता हम सब जानते हैं। लेकिन अब एआई की वजह से यह इंडस्ट्री मुश्किल में पड़ने वाली है।" उन्होंने छात्रों बात करते हुए कहा कि आज हम जो भी चीजें इस्तेमाल करते हैं, चाहे वह माइक्रोफोन हो या कैमरा सब चीन में बना है। चीन ने विनिर्माण पर कब्जा कर लिया है। हमें अपनी सोच बदलनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि ये चीजें भारत में बनें।
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शिक्षा का निजीकरण नहीं होना चाहिए
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि शिक्षा बहुत महंगी नहीं होनी चाहिए और इसका निजीकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "प्राइवेट स्कूल और कॉलेज हो सकते हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा की भी अपनी भूमिका है। इसके लिए सरकार को बजट में ज्यादा पैसा देना होगा।"

रोजगार के लिए माहौल बनाना जरूरी
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सिर्फ आईटी या सर्विस इंडस्ट्री में ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों में भी नौकरियां पैदा करने वाला माहौल बनाना होगा। बिना नौकरी के युवाओं को अवसर नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा इसलिए मैं यही करूंगा।

सूचना के युग में समझदारी जरूरी
राहुल गांधी ने छात्रों को सूचना के युग के खतरों के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा, "आज जानकारी आसानी से उपलब्ध है, लेकिन अगर हमारे पास समझदारी नहीं होगी, तो हम जानकारी के बहाव में बह जाएंगे। दुनिया एक अप्रिय जगह बन जाएगी जहां हम एक-दूसरे से लड़ेंगे।" उन्होंने कहा कि स्कूलों का काम सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्रों को उस जानकारी को ज्ञान और समझदारी में बदलना सिखाना है।

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दादी थीं घर की 'बॉस'
इसी कार्यक्रम में एक बच्चे ने राहुल से एक निजी सवाल पूछा। बच्चे ने पूछा, "सर, आपको महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना सबसे ज्यादा किसने सिखाया? आपके परिवार ने, स्कूल ने या जीवन के अनुभवों ने?" इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया, "मुझे इन सभी ने सिखाया। मैं एक ऐसे परिवार में पला-बढ़ा हूं जहां मेरी दादी ही 'बॉस' थीं। जब मैं छोटा था, तो मेरे परिवार की मुखिया मेरी दादी ही थीं। इसलिए मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा और फिर अपनी मां और बहन से भी सीखा।"

राहुल ने आगे कहा कि उन्होंने जीवन में देखा है कि महिलाएं बहुत सक्षम होती हैं। वे अक्सर पुरुषों के मुकाबले ज्यादा संवेदनशील और काबिल होती हैं। उनकी सोच पुरुषों से ज्यादा दूर तक जाती है। उन्होंने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि हमारे देश के कारोबार, सेना और प्रशासन में महिलाओं की बड़ी भूमिका हो।

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