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राज्यसभा चुनाव परिणाम 2026: क्रॉस वोटिंग से एनडीए ने जीतीं नौ सीटें; कांग्रेस और BJD के खाते में आई एक-एक सीट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shivam Garg
Updated Tue, 17 Mar 2026 02:52 AM IST
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सार
Rajya Sabha Elections Result 2026: राज्यसभा चुनाव 2026 में क्रॉस वोटिंग ने खेल बदल दिया। एनडीए ने 11 में 9 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस और बीजद को मात्र 1-1 सीट मिली। बिहार, हरियाणा और ओडिशा में हुई वोटिंग ने राजनीतिक समीकरण को हिला दिया और महागठबंधन और बीजद के लिए बड़ा झटका साबित हुई।
राज्यसभा चुनाव (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार, हरियाणा और ओडिशा में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में क्रॉस वोटिंग के चलते राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की। बिहार में हाईप्रोफाइल ड्रामे के बाद राज्यसभा की पांचों सीटों एनडीए ने क्लीन स्वीप किया। ओडिशा में भाजपा ने तीन सीटें जीतीं, तो एक बीजद के खाते में गई। हरियाणा में एक सीट पर भाजपा और एक पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहे।
बिहार में कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक के मतदान से दूरी बनाने के बाद एनडीए के चार उम्मीदवार सीएम नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, आरएलएम मुखिया उपेंद्र कुशवाहा और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर प्रथम वरीयता के मत के आधार पर जीत गए। पांचवें प्रत्याशी शिवेश राम ने द्वितीय वरीयता के मत में बढ़त के आधार पर जीत हासिल कर ली। बिहार में नीतीश और नितिन को जीत के लिए आवश्यक प्रथम वरीयता के 41 मतों की तुलना में 44-44, ठाकुर व कुशवाहा को 42-42 मत मिले।
राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजे
कहीं क्रॉस वोटिंग तो कहीं लापता विधायकों ने पलटी बाजी
राज्यसभा चुनाव में बिहार, ओडिशा और हरियाणा में क्रॉस वोटिंग, विधायकों के लापता रहने और कुछ दलों की ओर से मतदान से दूर रहने के कारण बाजी पलट गई। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन जहां फायदे में रहा, वहीं विपक्षी गठबंधन हाथ मलते रह गया। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें थी, लेकिन छह प्रत्याशी के मैदान में आने के बाद चुनाव कराना पड़ा। यहां चार सीटों पर एनडीए गठबंधन की जीत पहले तय थी, लेकिन भाजपा ने राजनीतिक गोटियां फिट करते हुए कांग्रेस और राजद के महागठबंधन से पांचवीं सीट भी झटक ली।
दरअसल, पांचवीं सीट जीतने के लिए एनडीए को 3 विधायकों की जरूरत थी, तो महागठबंदन को छह विधायकों की। ओवैसी की पार्टी के 5 और बसपा के एक विधायक ने महागठबंधन के प्रत्याशी को समर्थन किया। इससे लगा कि महागठबंधन को एक सीट मिल जाएगी। लेकिन आखिरी वक्त में महागठबंधन के चार विधायक लापता हो गया। इनमें तीन कांग्रेस और एक राजद का विधायक शामिल था। इन चारों विधायकों ने वोट नहीं डाला। ये चार विधायक हैं फारबिसगंज से कांग्रेस के मनोज विश्वास, वाल्मिकीनगर से सुरेंद्र कुश्वाहा, मनिहारी से मनोहर प्रसाद सिंह और ढाका से राजद के विधायक फैसल रहमान। इन विधायकों के वोट नहीं डालने से पांचवें प्रत्याशी का फैसला दूसरी वरीयता के वोट से हुआ।
ओडिशा में कांग्रेस के तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। रमेश जैना, दसरथो गोमागो और सोफिया फिरदौस ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला। इनके क्रॉस वोटिंग से पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे संसद के उच्च सदन पहुंच गए और विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा। यहां कांग्रेस ने बीजेडी को समर्थन देने की घोषणा की थी। लेकिन सोफिया फिरदौस ने कहा कि बीजेडी को समर्थन देने से पहले, विधायकों की राय नहीं ली गई थी, इसलिए उन्होंने अपने विवेक से फैसला किया।
हरियाणा में इनेलो ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। कांग्रेस के एक विधायक परमवीर सिंह की वोट को अवैध करार दिया गया है जबकि दूसरे कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल जिसके खिलाफ आपत्ति थी उसे वैध करार दिया गया है। बीजेपी के विधायक अनिल विज की वोट पर कांग्रेस को आपत्ति थी उसे भी वैध करार दिया गया है। कांग्रेस की शिकायत के बाद नतीजे देर से घोषित किए गए। इनमें कांग्रेस आैर भाजपा को एक-एक सीट मिली है।
हरियाणा : 6 घंटे बाद मतगणना भाजपा-कांग्रेस को एक-एक सीट
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए मतदान के बाद कांग्रेस के दो विधायकों व भाजपा के मंत्री का वोट रद्द करने की मांग से उपजे विवाद के चलते मतगणना छह घंटे बाद रात साढ़े दस बजे शुरू हो सकी। रात एक बजे घोषित नतीजों में भाजपा के संजय भाटिया 29 मत व कांग्रेस के करमवीर बौद्ध 28 मत लेकर विजयी रहे। भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल (26 मत) हार गए। 90 सदस्यीय विधानसभा में से 88 विधायकों ने वोट डाले। इनेलो के दो विधायकों ने वोट नहीं डाले। 5 मत रद्द हो गए। इससे जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 मतों की जरूरत रह गई।
इससे पहले, भाजपा की कांग्रेस के दो वोट रद्द करने की मांग के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। आयोग ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज व कांग्रेस विधायक भरत बेनीवाल का वोट मान्य माना, पर कांग्रेस विधायक परमवीर का वोट रद्द कर दिया।
बिहार: बाहर मिला साथ, घर में फूट
बिहार में विपक्षी महागठबंधन को अपने प्रत्याशी की जीत के लिए एआईएमआईएम के पांच व बसपा के एक मत की जरूरत थी। लंबी खींचतान के बाद दोनों दलों का साथ तो मिला, मगर कांग्रेस के मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास व राजद के फैसल रहमान ने मतदान से दूरी बनाकर एनडीए की राह आसान कर दी। चार विधायकों के मतदान से दूर रहने से द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती अनिवार्य हो गई और भाजपा के शिवेश ने 202 मत हासिल कर जीत सुनिश्चित कर ली।
ओडिशा : भाजपा को तीन सीटें 11 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
ओडिशा में चार सीटों पर भाजपा उम्मीदवार मनमोहन सामल और सांसद सुजीत कुमार ने 35-35 वोट पाकर जीत हासिल की। बीजद के संतृप्त मिश्रा 31 वोट के साथ जीते। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे चौथी सीट पर दूसरी वरीयता के मताें से जीते। उन्हें और विपक्षी प्रत्याशी दत्तेश्वर होता को प्रथम वरीयता के 23-23 मत मिले। राज्य के सभी 147 विधायकों ने वोट डाले। भाजपा (79) के पास तीन निर्दलीयों समेत 82 वोट थे, पर उसे प्रथम वरीयता के 93 मत मिले। ओडिशा के इतिहास में पहली महिला मुस्लिम विधायक सोफिया फिरदौस सहित कांग्रेस के तीन व बीजद के आठ यानी कुल 11 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर भाजपा को वोट दिया।
चुनाव में भाजपा ने सधे ढंग से अपने सभी उम्मीदवारों की जीत की पटकथा लिखी। नीतीश व नितिन के लिए जीत के लिए 44 वोट डलवाए। कुशवाहा-रामनाथ को प्रथम वरीयता का एक ज्यादा मत डलवाया। चूंकि भाजपा के रणनीतिकार विपक्षी प्रत्याशी को जीत के लिए जरूरी प्रथम वरीयता के 41 मत न मिलने के प्रति आश्वस्त थे, ऐसे में पार्टी ने दूसरी वरीयता के लिए अचूक रणनीति बनाई।
26 उम्मीदवार निर्विरोध जीते; NDA- विपक्ष को 13-13 सीटें मिलीं
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बिहार में कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक के मतदान से दूरी बनाने के बाद एनडीए के चार उम्मीदवार सीएम नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, आरएलएम मुखिया उपेंद्र कुशवाहा और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर प्रथम वरीयता के मत के आधार पर जीत गए। पांचवें प्रत्याशी शिवेश राम ने द्वितीय वरीयता के मत में बढ़त के आधार पर जीत हासिल कर ली। बिहार में नीतीश और नितिन को जीत के लिए आवश्यक प्रथम वरीयता के 41 मतों की तुलना में 44-44, ठाकुर व कुशवाहा को 42-42 मत मिले।
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राज्यसभा चुनाव 2026 के नतीजे
| राज्य | सीटें | जीतने वाले उम्मीदवार | हारने वाले उम्मीदवार |
|---|---|---|---|
| बिहार | 5 | नितिन नवीन (BJP), शिवेश राम (BJP), नीतीश कुमार (JDU), रामनाथ ठाकुर (JDU), उपेंद्र कुशवाहा (RLSM) | अमरेंद्र धारी सिंह (RJD) |
| ओडिशा | 4 | मनमोहन सामल (BJP), सुजीत कुमार (BJP), दिलीप रे (निर्दलीय), संत्रुप्ता मिश्रा (BJD) | दत्तेश्वर होता (BJD) |
| हरियाणा | 2 | संजय भाटिया (BJP), कर्मवीर बौद्ध (कांग्रेस) | सतीश नांदल (निर्दलीय) |
कहीं क्रॉस वोटिंग तो कहीं लापता विधायकों ने पलटी बाजी
राज्यसभा चुनाव में बिहार, ओडिशा और हरियाणा में क्रॉस वोटिंग, विधायकों के लापता रहने और कुछ दलों की ओर से मतदान से दूर रहने के कारण बाजी पलट गई। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन जहां फायदे में रहा, वहीं विपक्षी गठबंधन हाथ मलते रह गया। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें थी, लेकिन छह प्रत्याशी के मैदान में आने के बाद चुनाव कराना पड़ा। यहां चार सीटों पर एनडीए गठबंधन की जीत पहले तय थी, लेकिन भाजपा ने राजनीतिक गोटियां फिट करते हुए कांग्रेस और राजद के महागठबंधन से पांचवीं सीट भी झटक ली।
दरअसल, पांचवीं सीट जीतने के लिए एनडीए को 3 विधायकों की जरूरत थी, तो महागठबंदन को छह विधायकों की। ओवैसी की पार्टी के 5 और बसपा के एक विधायक ने महागठबंधन के प्रत्याशी को समर्थन किया। इससे लगा कि महागठबंधन को एक सीट मिल जाएगी। लेकिन आखिरी वक्त में महागठबंधन के चार विधायक लापता हो गया। इनमें तीन कांग्रेस और एक राजद का विधायक शामिल था। इन चारों विधायकों ने वोट नहीं डाला। ये चार विधायक हैं फारबिसगंज से कांग्रेस के मनोज विश्वास, वाल्मिकीनगर से सुरेंद्र कुश्वाहा, मनिहारी से मनोहर प्रसाद सिंह और ढाका से राजद के विधायक फैसल रहमान। इन विधायकों के वोट नहीं डालने से पांचवें प्रत्याशी का फैसला दूसरी वरीयता के वोट से हुआ।
ओडिशा में कांग्रेस के तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। रमेश जैना, दसरथो गोमागो और सोफिया फिरदौस ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट डाला। इनके क्रॉस वोटिंग से पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे संसद के उच्च सदन पहुंच गए और विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा। यहां कांग्रेस ने बीजेडी को समर्थन देने की घोषणा की थी। लेकिन सोफिया फिरदौस ने कहा कि बीजेडी को समर्थन देने से पहले, विधायकों की राय नहीं ली गई थी, इसलिए उन्होंने अपने विवेक से फैसला किया।
हरियाणा में इनेलो ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। कांग्रेस के एक विधायक परमवीर सिंह की वोट को अवैध करार दिया गया है जबकि दूसरे कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल जिसके खिलाफ आपत्ति थी उसे वैध करार दिया गया है। बीजेपी के विधायक अनिल विज की वोट पर कांग्रेस को आपत्ति थी उसे भी वैध करार दिया गया है। कांग्रेस की शिकायत के बाद नतीजे देर से घोषित किए गए। इनमें कांग्रेस आैर भाजपा को एक-एक सीट मिली है।
हरियाणा : 6 घंटे बाद मतगणना भाजपा-कांग्रेस को एक-एक सीट
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए मतदान के बाद कांग्रेस के दो विधायकों व भाजपा के मंत्री का वोट रद्द करने की मांग से उपजे विवाद के चलते मतगणना छह घंटे बाद रात साढ़े दस बजे शुरू हो सकी। रात एक बजे घोषित नतीजों में भाजपा के संजय भाटिया 29 मत व कांग्रेस के करमवीर बौद्ध 28 मत लेकर विजयी रहे। भाजपा समर्थित निर्दलीय सतीश नांदल (26 मत) हार गए। 90 सदस्यीय विधानसभा में से 88 विधायकों ने वोट डाले। इनेलो के दो विधायकों ने वोट नहीं डाले। 5 मत रद्द हो गए। इससे जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 मतों की जरूरत रह गई।
इससे पहले, भाजपा की कांग्रेस के दो वोट रद्द करने की मांग के विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। आयोग ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज व कांग्रेस विधायक भरत बेनीवाल का वोट मान्य माना, पर कांग्रेस विधायक परमवीर का वोट रद्द कर दिया।
बिहार: बाहर मिला साथ, घर में फूट
बिहार में विपक्षी महागठबंधन को अपने प्रत्याशी की जीत के लिए एआईएमआईएम के पांच व बसपा के एक मत की जरूरत थी। लंबी खींचतान के बाद दोनों दलों का साथ तो मिला, मगर कांग्रेस के मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास व राजद के फैसल रहमान ने मतदान से दूरी बनाकर एनडीए की राह आसान कर दी। चार विधायकों के मतदान से दूर रहने से द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती अनिवार्य हो गई और भाजपा के शिवेश ने 202 मत हासिल कर जीत सुनिश्चित कर ली।
ओडिशा : भाजपा को तीन सीटें 11 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
ओडिशा में चार सीटों पर भाजपा उम्मीदवार मनमोहन सामल और सांसद सुजीत कुमार ने 35-35 वोट पाकर जीत हासिल की। बीजद के संतृप्त मिश्रा 31 वोट के साथ जीते। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे चौथी सीट पर दूसरी वरीयता के मताें से जीते। उन्हें और विपक्षी प्रत्याशी दत्तेश्वर होता को प्रथम वरीयता के 23-23 मत मिले। राज्य के सभी 147 विधायकों ने वोट डाले। भाजपा (79) के पास तीन निर्दलीयों समेत 82 वोट थे, पर उसे प्रथम वरीयता के 93 मत मिले। ओडिशा के इतिहास में पहली महिला मुस्लिम विधायक सोफिया फिरदौस सहित कांग्रेस के तीन व बीजद के आठ यानी कुल 11 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर भाजपा को वोट दिया।
चुनाव में भाजपा ने सधे ढंग से अपने सभी उम्मीदवारों की जीत की पटकथा लिखी। नीतीश व नितिन के लिए जीत के लिए 44 वोट डलवाए। कुशवाहा-रामनाथ को प्रथम वरीयता का एक ज्यादा मत डलवाया। चूंकि भाजपा के रणनीतिकार विपक्षी प्रत्याशी को जीत के लिए जरूरी प्रथम वरीयता के 41 मत न मिलने के प्रति आश्वस्त थे, ऐसे में पार्टी ने दूसरी वरीयता के लिए अचूक रणनीति बनाई।
26 उम्मीदवार निर्विरोध जीते; NDA- विपक्ष को 13-13 सीटें मिलीं
| राज्य | कुल सीटें | NDA जीती | विपक्ष जीता | NDA उम्मीदवारों | विपक्ष उम्मीदवारों |
|---|---|---|---|---|---|
| महाराष्ट्र | 7 | 6 | 1 | विनोद तावड़े (BJP), रामराव वडुकुटे (BJP), माया इवनाते (BJP), पार्थ पवार (NCP-अजित), ज्योति वाघमारे (शिवसेना-शिंदे), रामदास आठवले (RPI) | शरद पवार (NCP-शरद) |
| तमिलनाडु | 6 | 2 | 4 | एम थंबीदुरई (AIADMK), अंबुमणि रामदास (PMK) | तिरुची शिवा (DMK), जे रविंद्रन (DMK), एल के सुदीश (DMK), क्रिस्टोफर तिलक (कांग्रेस) |
| पश्चिम बंगाल | 5 | 1 | 4 | राहुल सिन्हा (BJP) | बाबुल सुप्रियो (TMC), राजीव कुमार (TMC), मेनका गुरुस्वामी (TMC), कोएल मलिक (TMC) |
| असम | 3 | 3 | 0 | जोगेन मोहन (BJP), तेरोस गोवाला (BJP), प्रमोद बोरो (UPPL) | – |
| तेलंगाना | 2 | 0 | 2 | - | अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस), वेम नरेंद्र रेड्डी (कांग्रेस) |
| छत्तीसगढ़ | 2 | 1 | 1 | लक्ष्मी वर्मा (BJP) | फूलो देवी नेताम (कांग्रेस) |
| हिमाचल प्रदेश | 1 | 0 | 1 | - | अनुराग शर्मा (कांग्रेस) |
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