{"_id":"6ae8c5e09a37c409bd0a1e98","slug":"several-people-arrested-in-assam-over-financial-fraud-with-suspected-pakistan-intel-links-2026-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक खातों से करोड़ों की धोखाधड़ी: असम में छह आरोपी गिरफ्तार; क्या पाकिस्तान से भी जुड़े हैं तार?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बैंक खातों से करोड़ों की धोखाधड़ी: असम में छह आरोपी गिरफ्तार; क्या पाकिस्तान से भी जुड़े हैं तार?
Mon, 02 Nov 2026 10:49 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 02 Nov 2026 10:49 PM IST
सार
असम में संगठित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को गिरोह के तार पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों से जुड़े होने का शक है। करीब दो साल से चल रहे इस नेटवर्क का कैसे हुआ खुलासा? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
विज्ञापन
गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
असम पुलिस ने संगठित वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग दूसरों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों से जुड़े हो सकते हैं।
केंद्रीय एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने यह कार्रवाई की। एसटीएफ ने 28 अक्तूबर से गुवाहाटी के अलग-अलग स्थानों से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एसटीएफ ने सोनितपुर जिला पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया।
असम पुलिस ने एक बयान में कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने कथित तौर पर लोगों से कई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। गिरोह का मुख्य आरोपी असम के बाहर से ही दूसरे सदस्यों की गतिविधियों का तालमेल बैठाने और उन्हें नियंत्रित करने का काम कर रहा है।
विज्ञापन
कैसे हुआ करोड़ों रुपये का लेनदेन?
पुलिस ने बताया, शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी मरजीना बेगम के नाम पर मौजूद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खाते में केवल 47 दिनों के भीतर लाखों रुपये जमा हुए। यह अवधि 22 जून से 5 अगस्त 2026 तक की थी। हर बार पैसे जमा होने के तुरंत बाद उन्हें निकाल लिया गया। यह लेनदेन के संदिग्ध तरीके को दिखाता है।
बयान के मुताबिक, आगे की जांच में गुवाहाटी के रहने वाले मोहम्मद मफिजुल हक (22) और हिमांशु दास (19) की भूमिका भी सामने आई। दोनों पर इस खाते से जुड़े संदिग्ध लेनदेन में शामिल होने का आरोप है। इस खाते का संबंध पाकिस्तान के एक खुफिया एजेंट से होने का संदेह है।
अब तक छह आरोपी कैसे पकड़े गए?
एसटीएफ ने 28 अक्तूबर को अभियान शुरू किया। इस दौरान मरजीना बेगम समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मोबाइल फोन और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
बयान में कहा गया, पूछताछ के दौरान मफिजुल हक और हिमांशु दास ने इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम बताए। इन जानकारियों के आधार पर एसटीएफ ने तीन और लोगों को पकड़ा। रकीब हुसैन (34) को 29 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया। वहीं, इफ्तार हुसैन (25) और अरमान अजुजु हक (20) को 30 अक्तूबर को पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया, इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसटीएफ की ओर से चलाए गए अभियानों में छापेमारी के दौरान गुवाहाटी सिटी पुलिस ने भी मदद की। इन अभियानों के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और कई दस्तावेज जब्त किए गए।
कितने समय से चल रहा था यह गिरोह?
पुलिस ने बताया, अब तक की जांच से पता चलता है कि संगठित वित्तीय धोखाधड़ी करने वाला यह गिरोह करीब दो साल से देश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहा था। धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेनदेन के लिए कई ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो दूसरे लोगों के नाम पर खोले गए थे।
गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस धोखाधड़ी से मिले पैसों के लेनदेन का पता लगा रही है। इसके साथ ही, ऐसे और बैंक खातों की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे संगठित वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस के बयान में कहा गया कि पाकिस्तान में मौजूद खुफिया एजेंटों या अन्य राष्ट्रविरोधी तत्वों की इस गठजोड़ में भूमिका कितनी है और किस तरह की है, इसकी भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
केंद्रीय एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने यह कार्रवाई की। एसटीएफ ने 28 अक्तूबर से गुवाहाटी के अलग-अलग स्थानों से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
एसटीएफ ने सोनितपुर जिला पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया।
असम पुलिस ने एक बयान में कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने कथित तौर पर लोगों से कई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। गिरोह का मुख्य आरोपी असम के बाहर से ही दूसरे सदस्यों की गतिविधियों का तालमेल बैठाने और उन्हें नियंत्रित करने का काम कर रहा है।
विज्ञापन
कैसे हुआ करोड़ों रुपये का लेनदेन?
पुलिस ने बताया, शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी मरजीना बेगम के नाम पर मौजूद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खाते में केवल 47 दिनों के भीतर लाखों रुपये जमा हुए। यह अवधि 22 जून से 5 अगस्त 2026 तक की थी। हर बार पैसे जमा होने के तुरंत बाद उन्हें निकाल लिया गया। यह लेनदेन के संदिग्ध तरीके को दिखाता है।
बयान के मुताबिक, आगे की जांच में गुवाहाटी के रहने वाले मोहम्मद मफिजुल हक (22) और हिमांशु दास (19) की भूमिका भी सामने आई। दोनों पर इस खाते से जुड़े संदिग्ध लेनदेन में शामिल होने का आरोप है। इस खाते का संबंध पाकिस्तान के एक खुफिया एजेंट से होने का संदेह है।
अब तक छह आरोपी कैसे पकड़े गए?
एसटीएफ ने 28 अक्तूबर को अभियान शुरू किया। इस दौरान मरजीना बेगम समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मोबाइल फोन और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
बयान में कहा गया, पूछताछ के दौरान मफिजुल हक और हिमांशु दास ने इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम बताए। इन जानकारियों के आधार पर एसटीएफ ने तीन और लोगों को पकड़ा। रकीब हुसैन (34) को 29 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया। वहीं, इफ्तार हुसैन (25) और अरमान अजुजु हक (20) को 30 अक्तूबर को पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया, इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसटीएफ की ओर से चलाए गए अभियानों में छापेमारी के दौरान गुवाहाटी सिटी पुलिस ने भी मदद की। इन अभियानों के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और कई दस्तावेज जब्त किए गए।
कितने समय से चल रहा था यह गिरोह?
पुलिस ने बताया, अब तक की जांच से पता चलता है कि संगठित वित्तीय धोखाधड़ी करने वाला यह गिरोह करीब दो साल से देश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहा था। धोखाधड़ी से जुड़े वित्तीय लेनदेन के लिए कई ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो दूसरे लोगों के नाम पर खोले गए थे।
गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस धोखाधड़ी से मिले पैसों के लेनदेन का पता लगा रही है। इसके साथ ही, ऐसे और बैंक खातों की पहचान की जा रही है। पुलिस इस पूरे संगठित वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस के बयान में कहा गया कि पाकिस्तान में मौजूद खुफिया एजेंटों या अन्य राष्ट्रविरोधी तत्वों की इस गठजोड़ में भूमिका कितनी है और किस तरह की है, इसकी भी जांच की जा रही है।