{"_id":"6977613909ca99a7010ea890","slug":"several-people-have-died-in-fire-that-broke-out-in-warehouse-in-south-24-parganas-of-west-bengal-2026-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: दक्षिण 24 परगना में गोदाम में भीषण आग, अब तक आठ लोगों की मौत, बढ़ सकती है संख्या","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: दक्षिण 24 परगना में गोदाम में भीषण आग, अब तक आठ लोगों की मौत, बढ़ सकती है संख्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: लव गौर
Updated Mon, 26 Jan 2026 06:12 PM IST
विज्ञापन
सार
West Bengal Fire Incident: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सोमवार को दो जुड़े हुए गोदामों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है और कई लोगों के लापता होने की आशंका है।
बंगाल में आग का तांडव
- फोटो : PTI
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में आग लगने की बड़ी घटना सामने आई है। जिले के नजीराबाद इलाके में गणतंत्र दिवस की सुबह दो सटे गोदामों में आग लगने से अब तक आठ लोगों की मौत की खबर है। जानकारी के मुताबिक एक थर्मोकोल गोदाम में भीषण आग लग गई। घटना के बाद कई लोगों ने दावा किया है कि उनके परिवार के सदस्य भी लापता हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। जानकारी के मुताबिक नजीराबाद स्थित थर्मोकोल गोदाम में लगी आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे इलाके को अपनी जद में ले लिया।
घटनास्थल से तीन शव बरामद
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के बाहरी इलाके में नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत नजीराबाद क्षेत्र में स्थित गोदाम में लगी आग को सात घंटे की मशक्कत के बाद काबू में कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस और दमकल कर्मियों द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से तीन शव बरामद किए गए। जानकारी के मुताबिक, इन गोदामों में एक डेकोरेशन कंपनी और एक मशहूर मोमो कंपनी के मजदूर काम करते थे और कुछ मजदूर वहीं बने छोटे कमरों में रहते भी थे।
मृतकों की फिलहाल नहीं हो सकी पहचान
बरुईपुर पुलिस जिले के एसपी शुभेंदु कुमार ने कहा कि मृतकों की पहचान नहीं हो सकी, क्योंकि शव बुरी तरह जल चुके थे और उनकी पहचान करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि आग में और कितने लोग फंसे और मारे गए, यह तभी पता चल पाएगा जब मलबा पूरी तरह से साफ हो जाएगा। पुलिस के अनुसार शुरुआत में छह लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी, लेकिन बाकी लोगों का पता नहीं चल पाया है।
ये भी पढ़ें: West Bengal: बंगाल में फिर बवाल! टीएमसी-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प, फूंक डाला जनसभा का मंच
दमकल मंत्री ने घटना पर जताया दुख
वहीं, राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अंधेरे में काम करने के लिए मौके पर तेज रोशनी वाले हाई मास्ट लैंप लगाए गए हैं। आग से सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि साल में दो बार फायर ऑडिट होता है, लेकिन असली जिम्मेदारी मालिकों और कंपनी अधिकारियों की होती है कि वे नियमों का सही से पालन करें।
अपनों की तलाश में नजरें टिकाए बैठे हैं परिजन
घटनास्थल पर कई परिजन अपने लापता रिश्तेदारों की खबर जानने के लिए घंटों से इंतजार कर रहे थे। एक युवक ने बताया कि उसके चाचा डेकोरेशन कंपनी में काम करते थे और रात में गोदाम के अंदर ही रहते थे। उन्होंने आखिरी बार रात 1 बजे फोन किया था, उसके बाद से उनका मोबाइल बंद है। एक अन्य युवक ने कहा कि उसके पिता मोमो यूनिट में नाइट शिफ्ट के लिए गए थे, लेकिन आग लगने के बाद से उनका कोई पता नहीं है। बताया जा रहा है कि मृतक और लापता लोग पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिलों के रहने वाले हैं।
विपक्ष ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
भाजपा विधायक अशोक डिंडा ने कहा कि कई मजदूर गोदाम के अंदर बने अस्थायी कमरों में रहते थे और हो सकता है कि रात में मुख्य गेट बंद होने के कारण कुछ लोग बाहर न निकल पाए हों। इस बीच, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं मंत्री अरूप बिस्वास ने कहा कि इस समय राजनीति नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना दिखाने की जरूरत है।
दमकल की 12 गाड़ियां ने संभाला मोर्चा, सात घंटे में आग पर काबू
सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल की 12 गाड़ियां ने स्थिति को संभाला। करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू किया गया। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी साफ पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि गोदाम में रखा सारा सामान पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है। इस अग्निकांड में कितना नुकसान हुआ है, इसका फिलहाल आकलन किया जा रहा है।
अन्य वीडियो
Trending Videos
घटनास्थल से तीन शव बरामद
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के बाहरी इलाके में नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत नजीराबाद क्षेत्र में स्थित गोदाम में लगी आग को सात घंटे की मशक्कत के बाद काबू में कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस और दमकल कर्मियों द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से तीन शव बरामद किए गए। जानकारी के मुताबिक, इन गोदामों में एक डेकोरेशन कंपनी और एक मशहूर मोमो कंपनी के मजदूर काम करते थे और कुछ मजदूर वहीं बने छोटे कमरों में रहते भी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मृतकों की फिलहाल नहीं हो सकी पहचान
बरुईपुर पुलिस जिले के एसपी शुभेंदु कुमार ने कहा कि मृतकों की पहचान नहीं हो सकी, क्योंकि शव बुरी तरह जल चुके थे और उनकी पहचान करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि आग में और कितने लोग फंसे और मारे गए, यह तभी पता चल पाएगा जब मलबा पूरी तरह से साफ हो जाएगा। पुलिस के अनुसार शुरुआत में छह लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी, लेकिन बाकी लोगों का पता नहीं चल पाया है।
ये भी पढ़ें: West Bengal: बंगाल में फिर बवाल! टीएमसी-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प, फूंक डाला जनसभा का मंच
दमकल मंत्री ने घटना पर जताया दुख
वहीं, राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अंधेरे में काम करने के लिए मौके पर तेज रोशनी वाले हाई मास्ट लैंप लगाए गए हैं। आग से सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि साल में दो बार फायर ऑडिट होता है, लेकिन असली जिम्मेदारी मालिकों और कंपनी अधिकारियों की होती है कि वे नियमों का सही से पालन करें।
अपनों की तलाश में नजरें टिकाए बैठे हैं परिजन
घटनास्थल पर कई परिजन अपने लापता रिश्तेदारों की खबर जानने के लिए घंटों से इंतजार कर रहे थे। एक युवक ने बताया कि उसके चाचा डेकोरेशन कंपनी में काम करते थे और रात में गोदाम के अंदर ही रहते थे। उन्होंने आखिरी बार रात 1 बजे फोन किया था, उसके बाद से उनका मोबाइल बंद है। एक अन्य युवक ने कहा कि उसके पिता मोमो यूनिट में नाइट शिफ्ट के लिए गए थे, लेकिन आग लगने के बाद से उनका कोई पता नहीं है। बताया जा रहा है कि मृतक और लापता लोग पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना जिलों के रहने वाले हैं।
विपक्ष ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
भाजपा विधायक अशोक डिंडा ने कहा कि कई मजदूर गोदाम के अंदर बने अस्थायी कमरों में रहते थे और हो सकता है कि रात में मुख्य गेट बंद होने के कारण कुछ लोग बाहर न निकल पाए हों। इस बीच, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं मंत्री अरूप बिस्वास ने कहा कि इस समय राजनीति नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना दिखाने की जरूरत है।
दमकल की 12 गाड़ियां ने संभाला मोर्चा, सात घंटे में आग पर काबू
सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल की 12 गाड़ियां ने स्थिति को संभाला। करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू किया गया। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी साफ पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि गोदाम में रखा सारा सामान पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है। इस अग्निकांड में कितना नुकसान हुआ है, इसका फिलहाल आकलन किया जा रहा है।
अन्य वीडियो