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Aviation: एविएशन सेक्टर में बदलाव की आहट, नई एयरलाइन कंपनियों की एंट्री होगी आसान; जानें क्या होगा बदलाव

Thu, 23 Jul 2026 03:51 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Thu, 23 Jul 2026 03:51 PM IST
सार

फिलहाल देश के घरेलू एयरलाइन बाजार में दो बड़ी कंपनियों की करीब 90 फीसदी हिस्सेदारी है। पिछले साल दिसंबर में इंडिगो की हजारों उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। सरकार भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नए खिलाड़ियों की एंट्री आसान करना चाहती है।

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Signs of change in aviation sector; entry of new airlines to become easier
- फोटो : istock

विस्तार

देश में नई एयरलाइन शुरू करना जल्द आसान हो सकता है। केंद्र सरकार एविएशन सेक्टर के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इसका मकसद नई एयरलाइनों की एंट्री आसान बनाना, प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और निजी निवेश को बढ़ावा देना है। सूत्रों के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय नई एयरलाइनों से जुड़े नियमों की समीक्षा कर रहा है। इसमें लाइसेंस प्रक्रिया, पायलटों की उपलब्धता और स्वामित्व से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा 0/20 नियम में भी बदलाव पर विचार किया जा रहा है। इस नियम के तहत किसी एयरलाइन को अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने से पहले घरेलू रूट पर कम से कम 20 विमान या अपने कुल बेड़े का 20 प्रतिशत (जो भी ज्यादा हो) चलाना जरूरी होता है। सरकार ऐसे नियमों को आसान बनाना चाहती है, जो नई कंपनियों के लिए बाधा बनते हैं। हालांकि, सुरक्षा और वित्तीय नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी

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सरकार का मानना है, नियम आसान होने से विमानन क्षेत्र में नई कंपनियों की एंट्री बढ़ेगी। इससे प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी और सेक्टर में नए निवेश का रास्ता खुलेगा। यह समीक्षा ऐसे समय हो रही है, जब पिछले एक दशक में कई एयरलाइनों के बंद होने या दूसरी कंपनियों में विलय के बाद घरेलू विमानन बाजार कुछ बड़ी कंपनियों तक सिमट गया है। जबकि दूसरी तरफ हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार निजी भागीदारी बढ़ाकर सेक्टर का विस्तार करना चाहती है।
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अभी एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनियां एयरलाइन नहीं चला सकतीं। वहीं, एयरलाइनों को भी एयरपोर्ट के मालिकाना हक या संचालन में सीमित हिस्सेदारी की ही अनुमति है। इसी वजह से अडानी एयरपोर्ट्स और जीएमआर एयरपोर्ट्स जैसे निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर एयरलाइन नहीं चला सकते। एविएशन सेक्टर में अदाणी ग्रुप पहले से ही पायलट ट्रेनिंग, विमान रखरखाव, मरम्मत और ग्राउंड हैंडलिंग जैसी सेवाओं में सक्रिय है। समूह मुंबई एयरपोर्ट समेत देश के आठ एयरपोर्ट का संचालन करता है। वहीं, जीएमआर ग्रुप दिल्ली एयरपोर्ट सहित चार एयरपोर्ट चला रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय इन नियमों में ढील देने पर विचार कर रहा है। इससे एक ही कंपनी को एयरपोर्ट और एयरलाइन, दोनों कारोबार में आने का मौका मिल सकता है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा और नियामकीय निगरानी के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय बनाए रखे जाएंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय प्रस्तावित सुधारों की शुरुआती समीक्षा पूरी कर चुका है। अब एयरक्राफ्ट रूल्स, डीजीसीए के नियमों और दूसरी नीतियों में जरूरी बदलावों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद सुधारों के पूरे पैकेज को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार इन बदलावों को मौजूदा नियमों में संशोधन, डीजीसीए के नियमों में बदलाव और जरूरत पड़ने पर नई नीतिगत फैसलों के जरिए लागू करेगी।

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